Thursday, May 28, 2020
होम विविध विषय भारत की बात ब्राह्मणों पर पहली बार जजिया कर लगाने वाले फिरोजशाह तुगलक ने बसाया था 'कुश्के-फिरोज'

ब्राह्मणों पर पहली बार जजिया कर लगाने वाले फिरोजशाह तुगलक ने बसाया था ‘कुश्के-फिरोज’

दिल्ली स्थित कोटला फिरोजशाह दुर्ग जो कि फिरोजशाह कोटला मैदान के नाम से जाना जाता था, भी इसी ने बनाया था। अब इसे अरुण जेटली स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा।

ये भी पढ़ें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

भाजपा के दिवंगत नेता अरुण जेटली की मृत्यु के बाद आज (अगस्त 27, 2019 को) DDCA ने फिरोजशाह कोटला मैदान का नाम बदलकर अरुण जेटली के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। दिल्ली के इतिहास में मध्यकालीन भारत का काफी महत्त्व देखने को मिलता है। जिसका कारण यह है कि मुस्लिम आक्रांताओं ने इसे और आगरा को अपना ख़ास ठिकाना बनाकर रखा। इन्हीं में से एक नाम है फिरोजशाह तुगलक, जिसे इतिहास एक असहिष्णु और धर्मांध शासक के रूप में जानता है।

फिरोज शाह तुगलक दिल्ली सल्तनत में तुगलक वंश का शासक था। उसकी माँ- बीबी जैजैला (भड़ी) राजपूत सरदार रजामल की पुत्री थी। फिरोजशाह, मुहम्मद बिन तुगलक का चचेरा भाई एवं सिपहसलार ‘रजब’ का पुत्र था। मुहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु के बाद ही फिरोज शाह का राज्याभिषेक दिल्ली में अगस्त, 1351 में हुआ था।
इस तरह से फिरोजशाह तुगलक वंश का तीसरा शासक (1351-1388) बना और उसने दिल्ली में एक नया शहर बसाया-फिरोजाबाद! 

उलेमाओं को खुश रखने के लिए अपनाई थी कट्टर छवि

इतिहासकारों के अनुसार, फिरोजशाह द्वारा हिन्दुओं पर जुर्म और बर्बरता करने का एक यह भी कारण था कि उसे एक राजपूत माँ से पैदा होने के कारण अपने समय के उलेमाओं के सामने अपनी कट्टर मुस्लिम छवि को बनाए रखना था। यही वजह है कि इतिहास में उसे एक धर्मांध शासक के रूप में जाना गया। उसने अपनी हूकूमत के दौरान कई हिन्दूओं को मुस्लिम धर्म अपनाने पर मजबूर किया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

फिरोज तुगलक ने उलेमाओं का सहयोग पाने के लिए कट्टर धार्मिक नीति अपनाई, उलेमाओं को विशेषाधिकार पुनः प्राप्त किए तथा शरीयत को न केवल प्रशासन का आधार घोषित किया बल्कि व्यवहार में भी उसे लागू किया। ऐसा करने वाला वह सल्तनत का पहला शासक था।

इसी फिरोजशाह तुगलक ने शरीयत के अनुसार जनता से 4 तरह के कर वसूले थे- जकात, सिंचाई कर (यह अपवाद था, क्योंकि यह शरियत में नहीं है), खम्स (युद्ध से प्राप्त लूट तथा भूमि में दबा खजाना तथा खानों से प्राप्त आय का बँटवारा) जिसके अनुपात को शरीयत के आधार पर वसूला। और इसी ने पहली बार ब्राह्मणों से भी जजिया (गैर मुस्लमानों से लिया जाने वाला कर) कर वसूला। वह पहला शासक था, जो जजिया को खराज (भू-राजस्व) से पृथक रूप से वसूलता था।

इससे पूर्व ब्राह्मणों को इस कर से मुक्त रखा गया था। यह पहला सुल्तान था जिसने ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लगा दिया। फिरोज तुगलक के ऐसा करने के विरोध में दिल्ली के ब्राह्मणों ने भूख हड़ताल कर दी थी। इसके बावजूद भी फिरोज तुगलक ने इसे समाप्त करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अंत में दिल्ली की जनता ने ब्राह्मणों के बदले स्वयं जजिया देने का निर्णय लिया।

फिरोज शाह एक कमजोर सेनापति था, इसलिए उसने सत्ता में बने रहने का सबसे आसान तरीका अपनाकर उलेमाओं को खुश रखने का काम किया। यह सब फिरोजशाह ने सिर्फ और सिर्फ अपना सिंहासन बचाए रखने के लिए किया था।

तीसरे अभियान में जगन्नाथपुरी मंदिर की लूट

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

फिरोजशाह ने अपने जीवन काल में मात्र 4 अभियान किए। इसी क्रम में फिरोज तुगलक ने एक ब्राह्मण को सिर्फ इसलिए जिंदा जलाया था क्योंकि वह मुस्लिमों के बीच हिन्दुओं की प्रशंसा कर रहा था। उसने नागरकोट (बंगाल) और 1360 में प्रसिद्ध जगन्नाथपुरी के मंदिर को नष्ट किया और मंदिर में स्थित पुस्तकालय के 1300 संस्कृत ग्रंथों का फारसी में अनुवाद करवाया जिसे ‘दलायते फिरोजशाही’ नाम दिया। इसके साथ ही फिरोज शाह ने प्रशासन में हिन्दुओं को शामिल करना अत्यंत सीमित कर दिया।

मुस्लिम महिलाओं के पीरों की मजार जाने पर पाबंदी

उलेमाओं को प्रसन्न करने के लिए ही उसने हिन्दुओं पर अत्याचार के साथ-साथ मुस्लिम महिलाओं के पीरों की मजार जाने पर पाबंदी लगाई। पर्दा प्रथा को प्रोत्साहन दिया तथा अनेक मस्जिदों व मदरसों का निर्माण करवाया।

इतिहास में फिरोजशाह तुगलक को बुलंद इमारतों की तामीर करवाने के शौक के कारण भी याद किया जाता है। उसने करीब 300 नगर बसाए थे जिनमें हिसार, फिरोजाबाद (दिल्ली में नया शहर), फतेहाबाद, जौनपुर आदि प्रमुख हैं। दिल्ली स्थित कोटला फिरोजशाह दुर्ग जो कि फिरोजशाह कोटला मैदान के नाम से जाना जाता है, भी इसी ने बनाया था।

फिरोजशाह तुगलक ने दिल्ली में एक नया शहर बसाया था, जिसे फिरोजाबाद नाम दिया। फिलहाल दिल्ली में स्थित ‘कोटला फिरोजशाह आबाद’ कभी उसके दुर्ग का काम करता था। इस किले को कुश्के-फिरोज यानी फिरोज के महल के नाम से पुकारा जाता था। ऐसा कहा जाता है कि फिरोजाबाद, हौज खास से लेकर ‘पीर गायब’ (हिंदूराव हॉस्पिटल) तक आबाद था। लेकिन अब इसके अवशेष भी ढूँढे नहीं मिलते हैं। इतिहासकार फिरोजाबाद को दिल्ली का 5वाँ शहर मानते हैं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

दिल्ली स्थित हौज खास में फिरोजशाह तुगलक का मकबरा है। उसके शासन में दिल्ली में कई मस्जिदें भी बनाई गईं। फ़िरोज़ शाह तुगलक ने अपने पुत्र फ़तेह खान के जन्मदिवस के मौके पर फतेहाबाद शहर की स्थापना की थी। इसके साथ ही उसने जौनपुर शहर की भी स्थापना अपने बड़े भाई जौना खान की याद में की और इस नगर का नाम जौनाखाँ (मुहम्मद बिन तुगलक) के नाम पर रखा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

…जब कॉन्ग्रेस के बड़े नेता ने सेल्युलर जेल से वीर सावरकर का नाम हटाने का दिया आदेश और पड़े ‘जूते’

बात 2004 की है। अंडमान निकोबार की सेल्युलर जेल पहुँचे उस कॉन्ग्रेसी नेता को ज्योति पुंज पर वीर सावरकर का नाम देखकर इतनी चिढ़ हुई कि...

विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस: सीबीआई जॉंच को लेकर राज्यवर्धन राठौड़ ने गहलोत को लिखा खत, पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज

विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस की सीबीआई मॉंग जोर पकड़ती जा रही है। वे 22 मई को अपने सरकारी क्वार्टर में फंदे से लटके मिले थे।

पुलवामा में फिर बड़े हमले हमले की फिराक में थे आतंकी, 40 किग्रा विस्फोटक से लैस कार मिली

पुलवामा में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए ही हिजबुल और जैश ने मिलकर साजिश रची थी। कार में करीब 40 किलोग्राम विस्फोटक था।

साहिबगंज में नाबालिग से गैंगरेप: आरोपित शाहनवाज शेख ने ज्वाइन की सेना की ड्यूटी, इदगार और एकरामुल गिरफ्तार

साहिबगंज के एसपी ने ऑपइंडिया को बताया है कि शाहनवाज शेख सेना की मेडिकल कोर टीम का हिस्सा है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

प्रतापगढ़ की लाली ने तोड़ा दम: 8 साल की मासूम को साहिल, वसीम, इकलाख ने मारी थी गोली

प्रतापगढ़ में गुंडों की गोली का शिकार बनी आठ साल की लाली पांडेय ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लाली ने 7 दिन तक मौत से संघर्ष किया।

टिड्डियों के हमले को जायरा वसीम ने बताया अल्लाह का कहर, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ली क्लास

इस्लाम का हवाला देकर एक्टिंग को अलविदा कहने वाली जायरा वसीम ने देश में टिड्डियों के हमले को घमंडी लोगों पर अल्लाह का कहर बताया है।

प्रचलित ख़बरें

‘पिंजरा तोड़’: वामपंथनों का गिरोह जिसकी भूमिका दिल्ली दंगों में है; ऐसे बर्बाद किया DU कैम्पस, जानिए सब कुछ

'पिंजरा तोड़' वामपंथी विचारधारा की विष-बेल बन दिल्ली यूनिवर्सिटी को बर्बाद कर रही है। दंगों में भी पुलिस ने इनकी भूमिका बताई है, क्योंकि दंगों की तैयारी के दौरान इनके सदस्य उन इलाकों में होते थे।

‘पूरी डायन हो, तुझे आत्महत्या कर लेनी चाहिए’: रुबिका लियाकत की ईद वाली फोटो पर टूट पड़े इस्लामी कट्टरपंथी

रुबिका लियाकत ने पीले परिधान वाली अपनी फोटो ट्वीट करते हुए ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद कट्टरपंथियों की पूरी फौज उन पर टूट पड़ी।

एक बाजू गायब, सिर धड़ से अलग, बाल उखड़े हुए… कमरा खून से लथपथ: पंजाब में 80 वर्षीय संत की निर्मम हत्या

पंजाब के रूपनगर में 85 साल के संत की निर्मम हत्या कर दी गई। महात्मा योगेश्वर का सर धड़ से अलग था और उनका बाजु गायब था।

‘चीन, पाक, इस्लामिक जिहादी ताकतें हो या नक्सली कम्युनिस्ट गैंग, सबको एहसास है भारत को अभी न रोक पाए, तो नहीं रोक पाएँगे’

मोदी 2.0 का प्रथम वर्ष पूरा हुआ। क्या शानदार एक साल, शायद स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे ज्यादा अदभुत और ऐतिहासिक साल। इस शानदार एक वर्ष की बधाई, अगले चार साल अद्भुत होंगे। आइए इस यात्रा में उत्साह और संकल्प के साथ बढ़ते रहें।

लगातार 3 फेक न्यूज शेयर कर रवीश कुमार ने लगाई हैट्रिक: रेलवे पहले ही बता चुका है फर्जी

रवीश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर ‘दैनिक भास्कर’ अखबार की एक ऐसी ही भावुक किन्तु फ़ेक तस्वीर शेयर की है जिसे कि भारतीय रेलवे एकदम बेबुनियाद बताते हुए पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि ये पूरी की पूरी रिपोर्ट अर्धसत्य और गलत सूचनाओं से भरी हुई है।

हमसे जुड़ें

208,708FansLike
60,555FollowersFollow
243,000SubscribersSubscribe
Advertisements