Wednesday, September 30, 2020
Home विविध विषय भारत की बात गोवा का हाथ काटरो खम्भ: मौत का वह स्तम्भ जहाँ जेवियर के अनुयायी हिन्दुओं...

गोवा का हाथ काटरो खम्भ: मौत का वह स्तम्भ जहाँ जेवियर के अनुयायी हिन्दुओं को काट दिया करते थे

सभ्यता की आड़ और दिखावे में आज भी कई ऐसे सेंट जेवियर हमारे बीच मौजूद हैं जो इस देश की आस्था को खोखला करने का हरसम्भव प्रयास कर रहे हैं। जो बस इस इन्तजार में हैं कि कब हिन्दुओं के जनेऊ के खिलाफ पुर्तगालियों की तरह ही अध्यादेश जारी किए जाएँ।

गोवा भारत के सबसे छोटे राज्यों में से एक है। रमणीय समुद्र तट, नीले पानी, सुनहरी रेत और सैलानियों के आकर्षण का केंद्र भी। लेकिन इसके अतीत में भयवाह सच मौजूद हैं। यह हिन्दुओं का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि इस छोटे से राज्य में आज बचे हुए हिन्दुओं को अपनी पहचान ऐसे स्मारकों में तलाशनी पड़ रही है, जिन्हें इसाई मिशनरियों ने उन्हीं के रक्त से कभी सींचा था।

भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गोवा के वेल्हा (पुराने) में चर्च और आश्रम, पुर्तगाली शासन के दौर से ही मौजूद हैं। 16वीं और 17वीं शताब्दी के बीच पुराने गोवा में व्यापक स्तर पर चर्चों और गिरजाघरों का निर्माण किया गया था। इनमें शामिल हैं– बेसिलिका ऑफ बोम जीसस, सेंट कैथेड्रल, सेंट फ्रांसिस असीसी के चर्च और आश्रम, चर्च ऑफ लेडी ऑफ रोजरी, चर्च ऑफ सेंट ऑगस्टीन और सेंट कैथरीन चैपल! इन चर्चों और आश्रमों को 1986 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।

इन गिरिजाघरों में रखे गए अधिकांश चित्र लकड़ी के बॉर्डर से घिरे हैं। ये इसाई मिशनरी ‘सेंट’ ज़ेवियर के मकबरे को सजाने के लिए इस्तेमाल किए गए फूलों के डिजाइन जैसे ही हैं। पत्थर और लकड़ी की मूर्तियाँ, उन पर हुई शानदार उत्कृष्ट नक्काशी देखकर लगता है, मानो गोवा हमेशा से ही इतना शांत और रमणीय था। लेकिन यीशु, मदर मैरी और साईसंतों की पेंटिंग्स के बीच और भी कई ऐसे साक्ष्य अंतिम साँसे ले रहे हैं, जिन पर हिन्दुओं को रौंदा गया, उन्हें यातनाएँ दी गईं। यह सब इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने धर्म परिवर्तन का विरोध किया था और वो ‘बिलिवर’ नहीं बने।

यूँ तो इतिहास में बहुत कुछ दफन है लेकिन एक ऐसा स्तम्भ, जिस पर कभी कहीं भी बात नहीं की जाती, वह है – हाथ काटरो खम्भ (Hath Katro Khambh) या जिसे ‘न्याय का स्तम्भ’ भी कहा जाता है।

इस स्तम्भ के बारे में कभी बात नहीं की गई। हालाँकि, फ्रांसिस ज़ेवियर के नाम पर आज देशभर में कई स्कूल कॉलेज, संगठन और गिरजाघर मौजूद हैं। इसाई मिशनरी धर्म प्रचारक सेंट फ्रांसिस ज़ेवियर (Francis Xavier) पुर्तगाली काफिले के साथ भारत आया था। उसने भारत पहुँचकर ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार किया था। वह ‘सोसायटी ऑफ जीसस’ से जुड़ा था।

16वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में, दक्षिण भारत से होने वाले मसालों के व्यापार ने भारतीय बंदरगाह को एक बहु-सांस्कृतिक शहर में बदल दिया। देखते ही देखते पुर्तगालियों ने खुद को यहाँ सत्ता में स्थापित कर लिया। पुर्तगालियों ने सुनिश्चित किया कि वहाँ के स्थानीय लोग भी अब उनके जैसी ही धार्मिक मान्यताओं का पालन करें। वर्ष 1541 में इसाई मिशनरियों द्वारा फरमान सुनाए गए कि सभी हिंदू मंदिरों को बंद कर दिया जाए। इसके बाद, 1559 तक आते-आते तकरीबन 350 से अधिक हिन्दू मंदिरों को नष्ट कर दिया गया था और मूर्ति पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

सेंट ज़ेवियर ने देखा कि उसके हिन्दुओं के बलात धर्म परिवर्तन के प्रयास पूरी तरह से कामयाब नहीं हो रहे थे उसे समय रहते यकीन होता गया कि सनातन धर्म की आस्था अक्षुण्ण है। यदि वह मंदिरों को नष्ट करता है तो लोग घरों में ही मंदिर बना लेते हैं। उसने देखा कि लोगों को धारदार हथियारों से काटने, उनके हाथ और गर्दन रेतने और असीम यातनाको देने के बाद भी फेनी (सस्ती शराब) और सनातन धर्म में से लोग सनातन धर्म को ही चुनते और मौत को गले लगा लेते।

निराश होकर ज़ेवियर ने रोम के राजा को पत्र लिखा जिसमें उसने हिन्दुओं को एक अपवित्र जाति बताते हुए उन्हें झूठा और धोखेबाज लिखा उसने कहा कि उनकी मूर्तियाँ काली, बदसूरत और डरावनी होने के साथ ही तेल की गंध से सनी हुई होती हैं।

इसके बाद हिन्दुओं पर यातनाओं का सबसे बुरा दौर आया। फ्रांसिस ज़ेवियर ने गोवा का पूर्ण अधिग्रहण किया। हिन्दुओं के दमन के लिए एक धार्मिक नीतियाँ बनाई और यीशु की कथित सत्ता में यकीन ना करने वाले ‘नॉन-बिलीवर्स’ को दंडित किया जाने लगा।

अक्टूबर, 1560 तक आम जनता के जिन्दा रहने और उनके मरने से लेकर उनके भाग्य का फैसला ईसाई प्रीस्ट (पुजारियों) के हाथों में आ गई। यह सभ्यता की आड़ में आस्था का बेहद क्रूर और वीभत्स अधिग्रहण था। लोगों को ईसाई बनाने के लिए बर्बर हिन्दू-विरोधी कानून लाए गए।

धर्मांतरण के लिए लोगों को ‘विश्वास के कार्य’ (ऑटो-दा-फ़े) की प्रक्रिया से गुजरना होता था, जिसमें नृशंस यातनाएँ दी जाने लगीं। इसके लिए लोगों को रैक पर खींचकर या सूली पर जलाया जाता था। बच्चों को उनके माता-पिता के सामने अंग-भंग किया जाता और उनकी आँखें तब तक खुली रहती थीं, जब तक वे धर्मपरिवर्तन के लिए सहमत नहीं होते थे।

इस घटना के बारे में लिखने वाले इतिहासकारों को भी सख्त यातनाएँ दी गईं। उन्हें या तो गर्म तेल में डालकर जलाया जाता या फिर जेल भेज दिया जाता। ऐसे ही कुछ लेखकों में फिलिपो ससेस्ती, चार्ल्स देलोन, क्लाउडियस बुकानन आदि के नाम शामिल थे। इतिहास में पहली बार हिन्दू भागकर बड़े स्तर पर प्रवास करने को मजबूर हो गए।

शोक की कथा कहता ‘हाथ काटरो खम्भ’

ओल्ड गोवा के कई स्मारकों और संरचनाओं के बीच, पेलोरिन्हो नोवो (Pelourinho Novo/नया स्तंभ) नाम का एक काले बेसाल्ट स्तंभ इतिहास के काले अध्यायों का साक्षी है। गोवा के शोक की कहानी कहता यह स्तम्भ वर्तमान में राजमार्ग पर एक प्रमुख जंक्शन पर स्थित है।

स्थानीय भाषा में इस पेलोरिन्हो नोवो को ही ‘हाथ काटरो खम्भ’ (Hatkatro Khambo) कहा जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ है – ऐसा स्तंभ जहाँ हाथों को काटा जाता था। दुर्भाग्य यह है कि समकालीन स्मारकों के विपरीत, यह स्तंभ आज तक भी एक संरक्षित स्मारक नहीं है। यानी यह न तो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और न ही अभिलेखागार और पुरातत्व निदेशालय, सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।

इस स्तंभ का एक बहुत ही विवादित इतिहास रहा है। यह हिंदुओं पर पुर्तगाली सनकी शासकों के बर्बरता का जीवंत साक्ष्य है। ईसाइयों द्वारा नॉन-बिलीवर्स (हिन्दू) को इससे बाँधकर उनके अंगों को तोड़ा जाता था। इसे सालों पहले गोवा के बाहरी इलाके में स्थानांतरित कर दिया गया था। अब यह स्तंभ सड़क के केंद्र में स्थित है। जिसे करीब दो बार किसी भारी वाहन ने टक्कर मारी है।

कहा जाता है कि यह स्तंभ एक प्राचीन मंदिर का एक अवशेष है और इसके कुछ हिस्सों से प्रतीत होता है कि यह कदंब राजवंश से सम्बंधित है और इसे पुर्तगालियों ने कई मंदिरों को तोड़कर अपने दरवाजे और खिड़की की सजावट में इस्तेमाल किया था।

इस पर मौजूद शिलालेख इस बात की भी पुष्टि करते हैं कि यह मूल रूप से किसी पुराने मंदिर का स्तंभ था, या संभवत यह प्रसिद्ध सप्तनाथ शिव मंदिर का हिस्सा था।

इस स्तम्भ को लेकर हिंदू समूहों ने पंजिम और ओल्ड गोवा में कई बार विरोध-प्रदर्शन कर इसे एक संरक्षित स्मारक घोषित करने की माँग की है। लेकिन आज तक भी यह उपेक्षा ही झेल रहा है। यह उन शेष विरासतों में से एक है जो 1812 में मिटा नहीं दिए गए।

कुछ समय पहले ही हिंदू जनजागृति समिति के जयेश थली ने कहा था कि स्तंभ श्री सप्तकोटेश्वर मंदिर का अवशेष है जो कदंब वंश के शासनकाल के दौरान अस्तित्व में था और बाद में इसे पुर्तगालियों ने ध्वस्त कर दिया था। इसका उपयोग हिंदुओं और अपराधियों को दंडित करने के लिए किया जाता था। शोधकर्ता और इतिहासकार प्रजल सखरांडे ने स्तंभ के ऐतिहासिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कन्नड़ में एक शिलालेख है।

सभ्यता की आड़ और दिखावे में आज भी कई ऐसे सेंट जेवियर हमारे बीच मौजूद हैं जो इस देश की आस्था को खोखला करने का हरसम्भव प्रयास कर रहे हैं। जो बस इस इन्तजार में हैं कि कब हिन्दुओं के जनेऊ के खिलाफ पुर्तगालियों की तरह ही अध्यादेश जारी किए जाएँ। कब शास्त्रीय संगीत से लेकर भारतीय संस्कृति के विचार को ही ईसाई मिशनरियों के शासन की तरह प्रतिबंधित विषय बना दिया जाए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हाथरस ‘गैंगरेप’ में लिबरल गिरोह ‘जाति’ क्यों ढूँढ रहा है? अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Hathras ‘gangrape’ case

इस बीच मौकापरस्त पत्रकार और नेता मामले को स्पिन देते हुए आरोपित की ‘जाति’ निकाल कर सामने ला रहे हैं कि वो उच्च जाति का होने की वजह से पुलिस ने रेप से इनकार किया।

1959 के एकतरफा तरीके से परिभाषित LAC कभी स्वीकार नहीं: भारत ने चीन को दिया दो टूक जवाब

चीन ने एक बार फिर एलएसी के मसले पर नया विवाद खड़ा करने की कोशिश की है। लेकिन भारत ने पलटवार करते हुए चीन से सख्त अंदाज में कह दिया है कि बार-बार भटकाने की मंशा सफल नहीं होगी।

‘बॉलीवुड के नकली अंग्रेज, जिनके रोम-रोम में बसा है इटली वाला रोम’ – सनातन धर्म की रक्षा के लिए अर्नब गोस्वामी का हल्ला बोल

“मैं बॉलीवुड के नकली अँग्रेज़ को बताना चाहता हूँ, भारतीय सिनेमा छोड़ दो। हमारी संस्कृति और परंपराओं पर बॉलीवुड का प्रभाव बढ़ रहा है।"

ड्रग्स सिंडिकेट की एक्टिव मेंबर… तस्करी, डिलीवरी से लेकर घर में स्टोरेज तक: रिया के खिलाफ कोर्ट में NCB

वॉट्सऐप चैट, मोबाइल, लैपटॉप और हार्ड डिस्क से निकाले गए रिकॉर्ड बताते हैं कि वह ना केवल लगातार इसका सौदा करती थीं, बल्कि...

RSS से जुड़े ब्राह्मण ने दिया था अंग्रेजों का साथ, एक मुस्लिम वकील लड़ा था भगत सिंह के पक्ष में – Fact Check

"भगत सिंह को फ़ाँसी दिलाने के लिए अंग्रेजों की ओर से जिस 'ब्राह्मण' वकील ने मुकदमा लड़ा था, वह RSS का भी सदस्य था।" - वायरल हो रहा मैसेज...

योग, सरदार पटेल, राम मंदिर और अब किसान… कॉन्ग्रेसियों के फर्जी विरोध पर फूटा PM मोदी का गुस्सा

राम मंदिर, सरदार पटेल की प्रतिमा, सर्जिकल स्ट्राइक, जन-धन खाता, राफेल और योग दिवस - कॉन्ग्रेस ने हर उस फैसले का जम कर विरोध किया, जो देशहित में था, जनता के भले के लिए था।

प्रचलित ख़बरें

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

शाम तक कोई पोस्ट न आए तो समझना गेम ओवर: सुशांत सिंह पर वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर को मुंबई पुलिस ने ‘उठाया’

"साहिल चौधरी को कहीं और ले जाया गया। वह बांद्रा के कुर्ला कॉम्प्लेक्स में अपने पिता के साथ थे। अभी उनकी लोकेशन किसी परिजन को नहीं मालूम। मदद कीजिए।"

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों को गोद लेने की योजना शुरू: 1 दिन से 1 साल तक कोई भी दे सकता है योगदान

“हाथियों के लिए कायाकल्प शिविर सोमवार को शुरू हुआ, जिससे उन्हें अपने नियमित काम से छुट्टी मिल गई। ये हाथी हमें पूरे साल पेट्रोलिंग, ट्रैकिंग और अन्य नियमित कार्यों में मदद करते हैं।”

डेनमार्क की PM के नाम से The Hindu ने भारत में कोरोना की स्थिति को बताया ‘बहुत गंभीर’, राजदूत ने कहा- फेक न्यूज़

'द हिन्दू' ने इस फर्जी खबर में लिखा है कि डेनमार्क की PM ने द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए सोमवार को भारत में COVID-19 की स्थिति के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की है।

‘1991 का कानून कॉन्ग्रेस की अवैध मस्जिदों को जिंदा रखने की साजिश, 9 मस्जिदों का जिक्र कर बताया यहाँ पहले थे मंदिर’: PM को...

"द प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 कॉन्ग्रेस की हुकूमत में इसलिए बनाया गया, ताकि मुगलों द्वारा भारत के प्राचीन पवित्र मंदिरों को तोड़ कर बनाई गई अवैध मस्जिदों को हिंदुस्तान की जमीन पर एक विवाद के रूप में जिंदा रखा जाए और....."

हाथरस ‘गैंगरेप’ में लिबरल गिरोह ‘जाति’ क्यों ढूँढ रहा है? अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Hathras ‘gangrape’ case

इस बीच मौकापरस्त पत्रकार और नेता मामले को स्पिन देते हुए आरोपित की ‘जाति’ निकाल कर सामने ला रहे हैं कि वो उच्च जाति का होने की वजह से पुलिस ने रेप से इनकार किया।

1959 के एकतरफा तरीके से परिभाषित LAC कभी स्वीकार नहीं: भारत ने चीन को दिया दो टूक जवाब

चीन ने एक बार फिर एलएसी के मसले पर नया विवाद खड़ा करने की कोशिश की है। लेकिन भारत ने पलटवार करते हुए चीन से सख्त अंदाज में कह दिया है कि बार-बार भटकाने की मंशा सफल नहीं होगी।

‘उसे अल्लाह ने चुना था’: शार्ली एब्दो के पूर्व कार्यालय के बाहर हमला करने वाले आतंकी को PAK ने बनाया हीरो, जताई खुशी

"मुझे सुनकर बहुत अच्छा लगा। पैगंबर का सम्मान बचाने के लिए मैं अपनी जिंदगी और अपने पाँचों बेटों की कुर्बानी देने को तैयार हूँ।"

LAC पर चीन के साथ टकराव के बीच अमेरिका से खरीदे जाएँगे 30 गार्जियन ड्रोन: ₹22,000 करोड़ होगी कीमत

भारत, अमेरिका से 30 MQ-9B गार्डियन्‍स ड्रोन खरीदेगा। जल्‍द ही इस ड्रोन से जुड़ा खरीद प्रस्‍ताव रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली रक्षा खरीद परिषद में पेश किया जाने वाला है।

हाथरस ‘गैंगरेप’ पीड़िता ने तोड़ा दम: पुलिस ने सोशल मीडिया पर आँख फोड़ने, जीभ काटने का किया खंडन

“सोशल मीडिया के माध्यम से यह असत्य खबर सार्वजनिक रुप से फैलाई जा रही है कि थाना चन्दपा क्षेत्रान्तर्गत दुर्भाग्यपूर्ण घटित घटना में मृतिका की जीभ काटी गई, आँख फोड़ी गई तथा रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई थी।"

मेरा साथ देने पर पड़ोसियों को मिली घर तोड़ने की धमकी, BMC ने भेजा नोटिस: कंगना रनौत

ट्वीट में कंगना ने मुंबई में अपने पड़ोसियों के घरों को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि बीएमसी ने उनके पड़ोसियों को धमकाया है और नोटिस भेज दिया है।

‘बॉलीवुड के नकली अंग्रेज, जिनके रोम-रोम में बसा है इटली वाला रोम’ – सनातन धर्म की रक्षा के लिए अर्नब गोस्वामी का हल्ला बोल

“मैं बॉलीवुड के नकली अँग्रेज़ को बताना चाहता हूँ, भारतीय सिनेमा छोड़ दो। हमारी संस्कृति और परंपराओं पर बॉलीवुड का प्रभाव बढ़ रहा है।"

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,083FollowersFollow
326,000SubscribersSubscribe