‘मुर्गीघर की रखवाली लोमड़ी करे तो सतर्क रहने की ज़रूरत, हर आतंकी गतिविधि के पीछे होता है पाकिस्तान’

"सहयोग की भावना शांति की आत्मा होती है। इस भावना का दुरुपयोग और राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। हमें ऐसी स्थिति में विशेष रूप से सतर्क रहने की ज़रूरत है, जब मुर्गीघर की रखवाली लोमड़ी कर रही हो।"

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के स्थायी मिशन की पहली सचिव पॉलोमी त्रिपाठी जम्मू-कश्मीर मामले पर एक बार फिर से पाकिस्तान की कलई खोलकर रख दी है। कश्मीर मुद्दे को लेकर दुनिया भर में भद पिटवा चुके पाकिस्तान को एक बार फिर त्रिपाठी ने कड़ी फ़टकार लगाई है। 

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में हर आतंकी गतिविधि के पीछे पाकिस्तान का हाथ होता है। पाकिस्तान हमेशा से ही आतंकवादियों को पनाह देता आया है। 

ख़बर के अनुसार, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को तो उठाया ही साथ में नागरिकता (संशोधन) विधेयक का भी ज़िक्र किया। पॉलोमी त्रिपाठी ने गुरुवार (12 दिसंबर) को ‘Culture of Peace’ विषय पर चर्चा के दौरान कहा,

“सहयोग की भावना शांति की आत्मा होती है। इस भावना का दुरुपयोग और राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। हमें ऐसी स्थिति में विशेष रूप से सतर्क रहने की ज़रूरत है, जब मुर्गीघर की रखवाली लोमड़ी कर रही हो।”

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दरअसल, पॉलोमी त्रिपाठी पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम की टिप्पणी का जवाब दे रही थीं। मुनीर अकरम ने अपने भाषण के दौरान भारत और उसके आंतरिक मामलों पर जिनमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने को लेकर, नागरिकता (संशोधन) विधेयक, राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण और सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या विवाद पर दिए फ़ैसले आदि शामिल हैंं, उन पर टिप्पणियाँ की थी। 

पॉलोमी त्रिपाठी ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा इस एजेंडे का दुरुपयोग करने के प्रयास पर शायद ही उन लोगों को आश्चर्य हो, जो पाकिस्तान की हरक़तों के बारे में न जानता हो। उन्होंने पाकिस्तान के नक़ाब को उजागर करते हुए कहा कि वो हमेशा राजनीतिक लाभ के लिए झूठे बयानों को सहारा लेता है उसके बल पर सहयोग की भावना को बढ़ावा देता है।

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कड़ा रुख़ अख़्तियार करते हुए पॉलोमी त्रिपाठी ने कहा,

“वास्तव में अंतर्राष्ट्रीय स्तर हो रही हर आतंकवादी गतिविधि के तार पाकिस्तान की जमीन से जुड़े हुए हैं। आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकानों में प्रशिक्षित किया जाता है। बच्चों और युवाओं को किताबों की जगह बंदूक दी जाती हैं, महिलाओं पर अत्याचार किया जाता है, और अल्पसंख्यकों को सताया जाता है।”

उन्होंने कहा कि इन सुरक्षित ठिकानों से जब आतंकवादी बाहर निकलते हैं तो विश्व स्तर पर शांति भंग करने की धमकी देते हैं। उन्होंने कहा कि जो पाकिस्तान ख़ुद की सरज़मी पर आतंकियों को पाल रहा है वो दूसरे देशों की आंतरिक व्यवस्था पर बेवजह ही सवाल खड़े करता रहता है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तान के हर आरोप को बेबुनियाद करार देते हुए उन्हें एक सिरे से ख़ारिज कर दिया। पॉलोमी त्रिपाठी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए दुष्प्रचार पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

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शरजील इमाम
शरजील इमाम वामपंथियों के प्रोपेगंडा पोर्टल 'द वायर' में कॉलम भी लिखता है। प्रोपेगंडा पोर्टल न्यूजलॉन्ड्री के शरजील उस्मानी ने इमाम का समर्थन किया है। जेएनयू छात्र संघ की काउंसलर आफरीन फातिमा ने भी इमाम का समर्थन करते हुए लिखा कि सरकार उससे डर गई है।

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