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स्वच्छता भी, कमाई भी: सरकारी दफ्तरों का कबाड़ बेच 30 दिन में आए ₹500 करोड़, 154 लाख वर्ग फुट स्पेस खाली; 4.75 लाख पेडिंग केस भी निपटे

राज्य मंत्री ने बताया कि देश भर के 2.53 लाख से अधिक दफ्तरों में यह अभियान चलाया गया था। अभियान से सरकारी दफ्तरों में इस्तेमाल के लिए 154 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई है। इस दौरान 46 लाख फाइलों की समीक्षा की गई। 4.75 लाख पेंडिंग केस का निपटारा किया गया।

इस साल गाँधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने कार्यालयों की सफाई के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। 31 अक्टूबर 2023 तक चले इस अभियान के दौरान सरकारी दफ्तरों का कबाड़ बेचकर 500 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी है।

सरकारी दफ्तरों में इस तरह का स्वच्छता अभियान लगातार तीसरे साल चलाया गया है। इससे पूर्व दो साल में रद्दी बेचने से करीब 1100 करोड़ रुपए आए थे। डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि ये खास अभियान 3.0 स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी दफ्तरों में लंबित मामलों को कम करने की दिशा में भारत का सबसे बड़ा अभियान था। इस दौरान कई बेहतरीन कार्यप्रणाली और उपलब्धियाँ भी हासिल हुई।

राज्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्‍वच्‍छता के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए देश भर के 2.53 लाख से अधिक दफ्तरों में यह अभियान चलाया गया था। बता दें कि पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 में महात्मा गाँधी की जयंती पर स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य साल 2019 में महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर स्वच्छ भारत बनाना था।

इस अभियान के पहले चरण में भारत में खुले में शौच की आदत को खत्म करना था। इसका दूसरा चरण साल 2020-21 से लेकर 2024-24 तक मिशन मोड में चलाया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण का उद्देश्य महज खुले में शौच की आदत को खत्म करना और गाँवों के लिए बुनियादी ढाँचे बनाना ही नहीं, बल्कि बेहतर सफाई और निजी साफ-सफाई की आदतों के लिए जनता के व्यवहार में बदलाव लाना भी है।

राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि हर गुजरते साल के साथ ये अभियान बढ़ता ही जा रहा है। गौरतलब है कि इस सफाई अभियान के जरिए केंद्र सरकार की अच्छी खासी कमाई भी हुई है। जहाँ 2021-23 तक सरकार के चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत स्क्रैप के निपटारे से 1100 करोड़ रूपए कमाए गए। वहीं तीसरे सफाई अभियान के तहत महज 30 दिन में 500 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है।

फोटो साभार: पीआईबी

इस स्वच्छता अभियान से सरकारी दफ्तरों में इस्तेमाल के लिए 154 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई। इस दौरान 46 लाख फाइलों की समीक्षा की गई। 4.75 लाख पेंडिंग केस का निपटारा किया गया।

इस खास अभियान 3.0 की समीक्षा भारत सरकार के कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों, कैबिनेट सचिव और सचिवों ने की। उनके ही दिशा-निर्देशों और मार्गदर्शन में इस काम को अंजाम दिया गया है। इस अभियान पर पोर्टल (https://scdpm.nic.in) के जरिए लगातार निगरानी की गई। इसके लिए रोजाना बैठकें भी की गई।

इस अभियान के लिए सरकार के मंत्रालयों और विभागों ने 75,000 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट की। यही नहीं इसके लिए डीएआरपीजी हैंडल से 800 ट्वीट्स, SpecialCampaign3.0 पर 1100 इन्फोग्राफिक्स और पीआईबी ने 258 बयान जारी किए गए। यही वजह रही कि ये अभियान सोशल मीडिया पर खासा लोकप्रिय हुआ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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