Homeविविध विषयअन्य'या मूत्र! गौ मूत्र': इस्लामिक आतंकियों की जुबान में स्वरा भास्कर ने BJP का...

‘या मूत्र! गौ मूत्र’: इस्लामिक आतंकियों की जुबान में स्वरा भास्कर ने BJP का उड़ाया मजाक

स्वरा भास्कर ने भाजपा को निशाना बनाने के लिए जैसे गौ मूत्र शब्द का इस्तेमाल किया, उसी प्रकार इस्लामी आतताई भी हिंदुओं पर हमला बोलने से पहले इस शब्द का इस्तेमाल करके हिंदुओं के प्रति अपनी घृणा दिखाते रहे हैं।

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने गुरुवार (अप्रैल 1, 2021) को इस्लामी आतंकियों की भाषा में भाजपा का मजाक उड़ाने का प्रयास किया। स्वरा ने अहाना पाठक नाम की एक ट्विटर यूजर के ट्वीट पर गौ मूत्र को लेकर टिप्पणी की।

अहाना ने अपने ट्वीट में भाजपा के चुनाव चिह्न कमल को निशाना बनाते हुए लिखा, “कमल उसी के दिमाग में खिलता है जिसमें गोबर भरा हो।” इसी ट्वीट पर रिप्लाई देते हुए स्वरा ने बताया कि गोबर के अलावा उनके दिमाग में “या मूत्र! गौ मूत्र!” भी हो सकता है।

गौरतलब है कि स्वरा भास्कर ने भाजपा को निशाना बनाने के लिए जैसे गौ मूत्र शब्द का इस्तेमाल किया, उसी प्रकार इस्लामी आतताई भी हिंदुओं पर हमला बोलने से पहले इस शब्द का इस्तेमाल करके हिंदुओं के प्रति अपनी घृणा दिखाते रहे हैं।

साल 2019 में पुलवामा हमले के आतंकी ने भी गौ मूत्र का नाम लेकर हिंदुओं को निशाना बनाया था। अपने आखिरी वीडियो में उसने कहा था, “गौमूत्र पीने वाले भद्दे लोग उनके आक्रमणों का सामना नहीं कर पाएँगे।”

बता दें कि हिंदू धर्म में गौ के पूजनीय होने के कारण उसके दूध, गोबर, मूत्र को हर कर्मकांड में बेहद पवित्र माना जाता है। ऐसे में वामपंथी और कट्टरपंथी अक्सर हिंदू धर्म को नीचा दिखाने के लिए इसे घृणा और उपहास की नजरों से देखते हैं। अक्सर गाय के गोबर और गौमूत्र को लेकर इनकी उलटी-सीधी बयानबाजी सामने आती रहती है। 

पिछले दिनों वामपंथियों, कट्टरपंथियों और आतंकियों से हटकर एक आईपीएस महिला अधिकारी ने गौ मूत्र पर तंज कसा था। उस समय तजिंदर सिंह ने वामपंथियों को कैंसर बताया था, जिसके बाद असलम खान नाम की महिला आईपीएस ने तजिंदर सिंह बग्गा के एक ट्वीट पर लिखा कि क्या उन्हें गौ मूत्र से सही नहीं किया जा सकता।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -