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3000+ कर्मचारियों को हटाने की तैयारी: पिछली बार 3 मिनट की जूम कॉल में ही बेटर डॉट कॉम के CEO विशाल गर्ग ने कर दी थी 900 की छुट्टी

कंपनी में अमेरिका और भारत में कंपनी के 8,000 कर्मचारी हैं। इनमें से 3,000 कर्मचारियों को जॉब छोड़ने के लिए कहा जा रहा है।

3 मिनट के जूम कॉल में 900 कर्मचारियों को निकालकर चर्चा में आए बेटर डॉट कॉम के सीईओ विशाल गर्ग ने इस बार कंपनी के 3 हजार कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर ली है। वर्कर्स को इसका पता कंपनी के पेरोल ऐप से चला है। यह छँटनी आज बुधवार (9 मार्च, 2022) को ही कंपनी द्वारा की जानी थी। हालाँकि, अभी तक यह कन्फर्म नहीं हुआ है कि कितने कर्मचारी निकाले जा रहे हैं और उन्हें अब तक निकाल दिया गया है या नहीं।

वहीं कई रिपोर्टों के अनुसार, कहा जा रहा है कि बेटर डॉट कॉम (Better.com) ने कथित तौर पर 8 मार्च को ही कर्मचारियों को निकालने की योजना बनाई थी लेकिन गलती से सेवरेन्स पे पर क्लिक होने की वजह से जब मीडिया में शुरुआती तारीख की खबर लीक हुई तो इसे बढ़ाकर को 9 मार्च, 2022 कर दिया था।

कंपनी में अमेरिका और भारत में कंपनी के 8,000 कर्मचारी हैं। इनमें से 3,000 कर्मचारियों को जॉब छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। कंपनी के CFO केविन रयान ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा था कि उन्हें, “ब्याज दर बढ़ने के माहौल और मार्केट में आई अस्थिरता को ठीक करना है।”

उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से, इसका मतलब है कि हमें अपने संचालन को और अधिक सुव्यवस्थित करने तथा अमेरिका और भारत, दोनों स्थानों पर अपने कर्मचारियों की संख्या को पर्याप्त रूप से कम करने के लिए कठिन कदम उठाना होगा।” कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, पहले बताया गया कि आँकड़ा लगभग 4,000 था, लेकिन अब यह ‘केवल 3,000 से अधिक’ है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सेवरेंस पैकेज कथित तौर पर 60 से 80 दिनों का वेतन है। न्यूयॉर्क स्थित डिजिटल मॉर्गेज ऋणदाता ने अपने 9 प्रतिशत कर्मचारियों (900 लोगों को) तीन महीने पहले कंपनी के सीईओ विशाल गर्ग ने दिसंबर 2021 में एक जूम कॉल के दौरान निकाल दिया था, जिसे लेकर काफी विवाद भी हुआ था।

गौरतलब है कि Better.com का गठन 2016 में किया गया था और इसका हेडक्वार्टर न्यूयॉर्क में है। यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो लोगों को मॉर्टगेज लोन और इंश्योरेंस प्रोडक्ट उपलब्ध कराती है। Better.com में जापान के सॉफ्ट बैंक का निवेश है। वहीं इसका वैल्यूएशन 7 अरब डॉलर आँका गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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