Homeदेश-समाजमासूम कश्मीरी बच्ची को जहरीले साँप ने डसा, सेना ने ऐसे बचाई जान

मासूम कश्मीरी बच्ची को जहरीले साँप ने डसा, सेना ने ऐसे बचाई जान

.......इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी भारतीय सेना कश्मीरी जनता की सेवा में तत्पर है। सेना ने इस दुष्‍प्रचार का जवाब 'आर्मी फॉर अवाम' फॉर्मूला से देने की तैयारी की है। जिसमें वह खासी सफल रही है।

जम्मू-कश्मीर में जहाँ अनुच्छेद-370 हटने के बाद से ही लगातार वहाँ सेना को दुश्मन के रूप में कुछ छुद्र अलगाववादी-देश विरोधी ताकतों द्वारा विलेन के रूप में जा रहा है वहीं भारतीय सेना पूरी मुस्तैदी के साथ कश्मीरियों का दिल जीतने में लगी है। भारतीय सेना कश्मीरियों को वैसे हर संकट में मदद करती रही है चाहे वह बाढ़ के समय हो, आतंक से लोहा लेना हो या चिकित्सा से जुड़ी ही कोई समस्या क्यों न हो। भारतीय सेना से जुड़ी एक ऐसी ही घटना और सामने आई है जिसमें सेना की सूझ-बूझ के चलते एक मासूम कश्मीरी बच्ची की जान बच गई है।

मामला कुछ यूँ है, 11 साल की कश्मीरी लड़की यास्मीन को एक जहरीले साँप ने डस लिया था लेकिन आर्मी हॉस्पिटल की मेहनत और वक़्त पर इलाज करने के चलते उसकी जान बच गई है। सेना के अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में लाया गया था। डॉक्टरों के प्रयास से बच्ची खतरे से बाहर है और अगले 72 घंटों के बाद उसे हास्पिटल से छुट्टी दे दी जाएगी।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को हटाने के बाद कई तरह की अफवाहें फैलायी जा रही थी और ये सिलसिला अभी भी ख़त्म नहीं हुआ है। सेना को लेकर मनगढंत और झूठे आरोप लगाने वाली शेहला रशीद के खिलाफ भी आज देश द्रोह का मुकदमा दर्ज किया है।

इतना ही नहीं कई सरकार विरोधी विपक्षी नेता भी पाकिस्तान और अलगाववादियों के सुर में सुर मिलाते नज़र आए बिना यह सोचे कि इससे आखिर सेना के मनोबल पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी भारतीय सेना कश्मीरी जनता की सेवा में तत्पर है। सेना ने इस दुष्‍प्रचार का जवाब ‘आर्मी फॉर अवाम’ फॉर्मूला से देने की तैयारी की है। जिसमें वह खासी सफल रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -