Homeदेश-समाजमहाराष्ट्र के जलगाँव में अब मूर्ति तोड़ने के बाद भड़की हिंसा, 12 संदिग्ध हिरासत...

महाराष्ट्र के जलगाँव में अब मूर्ति तोड़ने के बाद भड़की हिंसा, 12 संदिग्ध हिरासत में : 4 दिन पहले रामनवमी जुलूस पर हुआ था पथराव

महाराष्ट्र के जलगाँव में 2 समूहों के बीच हिंसा की खबर है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 12 संदिग्ध उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। हिंसा की शुरुआत एक मूर्ति को तोड़े जाने के बाद हुई है।

महाराष्ट्र के जलगाँव में 2 समूहों के बीच हिंसा की खबर है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 12 संदिग्ध उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। हिंसा की शुरुआत एक मूर्ति को तोड़े जाने के बाद हुई है। यह घटना शनिवार (1 अप्रैल 2023) की है। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालात फिलहाल शांति और नियंत्रण में हैं। इससे पहले 30 मार्च को भी जलगाँव की ही एक मस्जिद के आगे DJ बजाने को ले कर विवाद हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कुल 56 आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नया मामला जलगाँव के अतरवाल गाँव का है। यहाँ शनिवार (1 अप्रैल 2023) को किसी अज्ञात व्यक्ति ने गाँव में लगी एक मूर्ति को तोड़ दिया। इस बात से गाँव के 2 पक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में हालात तनावपूर्व हो गए और दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो वो मौके पर पहुँची। गाँव में पुलिस फ़ोर्स की गाडियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक जलगांव IPS एम राजकुमार ने बताया कि हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। गाँव में एहतियातन फ़ोर्स की तैनाती की गई है। अब तक 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल मूर्ति तोड़ने वाले के बारे में अभी तक पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।

गौरतलब है कि 30 मार्च को भी जलगाँव में साम्प्रदायिक तनाव फैला था। यह विवाद एक मस्जिद के आगे से गुजर रहे जुलूस में बज रहे DJ की आवाज बंद करने को ले कर शुरू हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 2 केस दर्ज करते हुए कुल 56 लोगों को गिरफ्तार किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -