Homeदेश-समाजविदेशी मौलवियों पर योगी सख्त: क्वारंटाइन ख़त्म होते ही जेल भेजे गए इंडोनेशिया और...

विदेशी मौलवियों पर योगी सख्त: क्वारंटाइन ख़त्म होते ही जेल भेजे गए इंडोनेशिया और थाइलैंड के जमाती

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के अब तक 452 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 5 की मौत और 45 के ठीक होने के बाद 402 सक्रिय मामले बचे हुए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में जमाती हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार न सिर्फ़ कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था कर रही है, बल्कि क़ानून तोड़ने वाले जमातियों पर भी कार्रवाई कर रही है। यूपी पुलिस ने बहराइच में ऐसे 17 जमातियों को जेल की हवा खाने भेज दिया है, जिन्होंने क़ानून तोड़ा। इन जमातियों को क्वारंटाइन ख़त्म होने के बाद जेल भेजा गया है।

इन जमातियों को वीजा और पासपोर्ट नियमों के उल्लंघन के मामले में गिरफ़्तार किया गया है। सभी 17 आरोपित इंडोनेशिया और थाइलैंड के नागरिक हैं। विदेशी जमातियों पर वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप तय किया गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश के कई अस्पतालों में जमातियों का इलाज चल रहा है। इस दौरान गाजियाबाद में इनके द्वारा नर्सों के साथ बदसलूकी करने की ख़बर आई थी। तब यूपीए सीएम योगी आदित्यनाथ ने इनके ख़िलाफ़ एनएसए लगाने की बात कही थी।

बहराइच पुलिस ने शहर के ताज और कुरैश मस्जिद से 17 विदेशियों समेत 21 तबलीगी जमातियों को 31 मार्च को हिरासत में लिया था। क्वारंटाइन में रखने के बाद इन सबका मेडिकल टेस्ट किया गया, जिसमें इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। क्वारंटाइन की अवधि ख़त्म होते ही इन्हें जेल भेज दिया गया।

इन सभी पर धारा 269, 270, 271, 188, महामारी अधिनियम (1897) की धारा 03, पासपोर्ट अधिनियम (1967) की धारा 12(3), विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 की धारा 14(b), 14(c) के अलावा आपदा प्रबंधन अधिनियम (2005) की धारा 56 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के अब तक 452 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 5 की मौत और 45 के ठीक होने के बाद 402 सक्रिय मामले बचे हुए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में जमाती हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -