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भारत से बांग्लादेश तक सरस्वती पूजा के दौरान हिंसा: कहीं मूर्तियाँ तोड़ी गई तो कहीं पथराव-बमबाजी, पढ़ें- 24 घटनाएँ

पश्चिम बंगाल के सरकारी प्रायोजित जोगेश चंद्र चौधुरी कॉलेज में सरस्वती पूजा के आयोजन को लेकर हिंदू छात्रों को कथित रूप से धमकाए जाने का मामला सामने आया। वहीं गुजरात के सूरत में पंडाल में अश्लील गानों पर महिलाओं के डांस का आयोजन कराया गया।

2026 में हिंदू पर्व सरस्वती पूजा कई जगह विवाद, हिंसा और अवरोधों की चपेट में रहा। अलग-अलग राज्यों और इलाकों से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरस्वती पूजा के आयोजनों पर कट्टरपंथियों द्वारा कई तरह के हमले और प्रतिबंध लगाए गए, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी।

कुछ स्थानों पर हिंदू बच्चों को पूजा में भाग लेने से रोका गया, तो कहीं देवी सरस्वती की मूर्तियों का अपमान किया गया। कई पंडालों में तोड़फोड़ की गई, सजावट को नुकसान पहुँचाया गया और आयोजकों को डराने की कोशिश की गई। कई जगहों पर पूजा में शामिल भक्तों पर धारदार हथियारों से हमले किए गए, जबकि कुछ जुलूसों पर पत्थरबाजी और बम फेंकने जैसी गंभीर घटनाएँ भी सामने आईं।

इन घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या हिंदू त्योहारों को निशाना बनाकर व्यवस्थित तरीके से बाधित करने की कोशिश की जा रही है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ धार्मिक स्वतंत्रता, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती हैं। आगे इस तरह के 24 मामलों को सूचीबद्ध किया गया है।

1. बिहार के वैशाली में हिंदू श्रद्धालु को मुस्लिमों ने बेरहमी से पीटा

बिहार के वैशाली के नवागढ़ क्षेत्र में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के बाद लौट रहे हिंदू श्रद्धालुओं पर कथित रूप से एक मुस्लिम भीड़ द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया। यहाँ सरस्वती पूजा के बाद श्रद्धालु प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाल रहे थे।

इस दौरान नवागढ़ बाजार क्षेत्र में मुस्लिमों ने जुलूस के मार्ग को बदलने का दबाव बनाया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की भी हुई। हालाँकि बाद में जुलूस आगे बढ़ गया। लेकिन विसर्जन के बाद जब श्रद्धालु वापस लौट रहे थे, तब मस्जिद के पास एक बार फिर विवाद भड़क गया।

आरोप है कि रितेश कुमार उर्फ रामचंद्र को रास्ते में रोककर कुछ लोगों ने बेरहमी से पीटा। जब अन्य श्रद्धालु उसे बचाने के लिए आगे आए तो कथित तौर पर लाठी-डंडों और तलवारों से लैस भीड़ ने उनका पीछा किया। वहीं आसपास की छतों से पत्थरबाजी किए जाने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

2. झारखंड: लोहरदगा में सरस्वती पूजा जुलूस को लेकर मुस्लिमों ने हिंदुओं पर किया हमला

झारखंड के लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीडीह गाँव में 25 जनवरी 2026 को सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति बन गई। गाँव में माँ सरस्वती की झाँकी निकाली जा रही थी और विसर्जन समारोह के लिए श्रद्धालु मूर्ति लेकर गुजर रहे थे। इसी दौरान मूर्ति ले जा रहा वाहन एक मुस्लिम परिवार के घर की छत से हल्का सा टकरा गया।

इसके बाद संबंधित मुस्लिम परिवार और आसपास के कुछ लोग एकत्र हो गए और वाहन चालक के साथ मारपीट की। देर रात से शुरू हुआ विवाद सुबह तक बढ़ गया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। आरोप है कि इसके बाद एक भीड़ ने हिंदुओं पर हमला कर दिया। घटना में तीन लोग घायल हो गए।

3. ‘जय श्री राम’ भजन बजाने पर पथराव

बिहार के दरभंगा जिले के अलीनगर क्षेत्र में सरस्वती पूजा की प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब विसर्जन जुलूस पर कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा पथराव किया गया। इस घटना में कई हिंदू श्रद्धालुओं को चोटें आईं और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय हिंदू समुदाय का कहना है कि विवाद की शुरुआत रविवार (25 जनवरी 2026) को हुई थी, जब डीजे पर ‘जय श्री राम’ के भजन बजाए जा रहे थे। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसा में बदल गई।

4. त्रिपुरा: कैलाशहर में सरस्वती पूजा के दौरान मुस्लिमों ने फैलाई हिंसा

त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के कैलाशहर में सरस्वती पूजा के दौरान कथित तौर पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। आरोप है कि करीब 16 मुस्लिम युवकों ने हथियारों और लाठियों के साथ पूजा आयोजन में बाधा डालने की कोशिश की, जिसके बाद इलाके में झड़पें शुरू हो गईं।

बीजेपी मंडल अध्यक्ष प्रीतम घोष ने आरोप लगाया कि करीब 16 युवक माचेती और डंडों के साथ सरस्वती पूजा स्थल पर पहुँचे और हिंदुओं पर हमला करने लगे। उन्होंने कहा, “जैसे ही हमें सूचना मिली और हम मौके पर पहुँचे, हम पर अंधाधुंध हमला किया गया। इसके बाद स्थिति और हिंसक हो गई। ये असामाजिक तत्व बांग्लादेश जैसी खतरनाक स्थिति यहाँ पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें एकजुट होकर ऐसी ताकतों के खिलाफ लड़ना होगा।”

5. बिहार के हाजीपुर में आरती के दौरान जबरन बंद कराया डीजे

बिहार के हाजीपुर के टेकनारी पंचायत के वार्ड नंबर 7 में सरस्वती पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठान में उस समय बाधा उत्पन्न हो गई, जब स्थानीय थाना प्रभारी आरती के दौरान पंडाल में पहुँचे और डीजे बंद कराने का निर्देश दिया।

समिति सदस्यों और श्रद्धालुओं का कहना है कि उस समय कोई डीजे नहीं बज रहा था, फिर भी पुलिस कार्रवाई के कारण आरती रोकनी पड़ी, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई। घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीण पंडाल में एकत्र हो गए और विरोध जताते हुए पुलिस कर्मियों को घेर लिया। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पर अनावश्यक हस्तक्षेप कर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।

6. बिहार के कटिहार में स्कूल ने सरस्वती पूजा पर लगाया प्रतिबंध

बिहार के कटिहार जिले के बिंदटोली गाँव स्थित उन्नत मध्य विद्यालय में सरस्वती पूजा के आयोजन पर रोक लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। वर्षों से स्कूल परिसर में सरस्वती पूजा का आयोजन नियमित रूप से होता आ रहा था, लेकिन वर्ष 2026 में स्कूल प्रशासन ने इसे प्रतिबंधित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2025 में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान छात्रों द्वारा शिक्षक शाहिल कुमार को अबीर लगाए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। इसके बाद उनकी माँग पर स्कूल के स्टाफ और प्रधानाचार्य लक्ष्मण मंडल ने विद्यालय में सरस्वती पूजा के आयोजन पर रोक लगाने का निर्णय ले लिया।

इस प्रतिबंध के चलते हिंदू श्रद्धालुओं को माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना करने में कठिनाई हुई और कई लोगों को आसपास के अन्य स्थानों पर जाकर पूजा करनी पड़ी। मामला बढ़ने पर स्कूल परिसर के पास विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

बाद में प्रधानाचार्य लक्ष्मण मंडल ने पूरे मामले में हुई गलती को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि अगले वर्ष से विद्यालय में नियमित रूप से माँ सरस्वती की पूजा का आयोजन फिर से शुरू किया जाएगा। प्रधानाचार्य के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई और तनाव समाप्त हो गया।

7. झारखंड के हजारीबाग में विसर्जन जुलूस पर कट्टरपंथियों ने फेंके पत्थर

झारखंड के हजारीबाग जिले में सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसा की घटना सामने आई। 24 जनवरी 2026 को केरेडारी प्रखंड के बेल्टू गाँव में माँ सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन के लिए निकाले गए जुलूस पर अचानक एक मुस्लिम भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विसर्जन जुलूस शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक कुछ लोगों ने जुलूस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने भी जवाबी प्रतिक्रिया दी, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया।

बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत जुलूस के दौरान बजाए जा रहे गानों को लेकर हुई। मुस्लिम पक्ष ने कुछ गानों को ‘उकसाने वाला’ बताकर आपत्ति जताई और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। पत्थरबाजी के कारण कई श्रद्धालु घायल हो गए और गाँव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

8. झारखंड में विसर्जन जुलूस पर बमबाजी

झारखंड में सरस्वती पूजा के दौरान विसर्जन जुलूस में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब असामाजिक तत्वों ने बमबाजी कर दी। यह घटना 24 जनवरी 2026 की देर रात लोधीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोहरियों गाँव के वार्ड नंबर 14 में हुई।

सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे पर संगीत बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इसी दौरान अचानक दो बम फेंके गए, जिससे मौके पर दहशत फैल गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।

इस बमबाजी में नीरज कुमार, गौतम कुमार, मेघु मंडल और छोटू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

9. असम के डिब्रूगढ़ में तोड़ी माँ सरस्वती की प्रतिमा

असम के डिब्रूगढ़ में सरस्वती पूजा के अगले दिन देवी सरस्वती की प्रतिमा को कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर अपमानित कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना 24 जनवरी 2026 को डिब्रूगढ़ के डिब्रूजन जालान नगर लेबर लाइन इलाके में हुई।  

स्थानीय निवासियों ने कहा कि इलाके में पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई थी। लोगों ने प्रशासन से माँग की है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएँ दोबारा न हों और धार्मिक सौहार्द बना रहे।

10. बंगाल में TMC नेता दाउद आलम मोल्ला पर छात्रों को पूजा से रोकने का आरोप

पश्चिम बंगाल के सरकारी प्रायोजित जोगेश चंद्र चौधुरी कॉलेज में सरस्वती पूजा के आयोजन को लेकर हिंदू छात्रों को कथित रूप से धमकाए जाने का मामला सामने आया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑल इंडिया तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के मुस्लिम नेता दाउद आलम मोल्ला पर छात्रों को पूजा आयोजित न करने की चेतावनी देने का आरोप है।

घटना उस समय चर्चा में आई जब कॉलेज की एक हिंदू छात्रा ने आरोप लगाया कि मोल्ला ने उन्हें डराया-धमकाया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्रा ने कहा कि आरोपित नेता कॉलेज के बाहर खड़ा था और उसने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी।

गौरतलब है कि यह कॉलेज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अल्मा मेटर भी है। इससे पहले जनवरी 2025 में भी एक छात्र संगठन नेता द्वारा सरस्वती पूजा करने पर धमकी देने का मामला रिपोर्ट हुआ था।

11. बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने तोड़ी मूर्ति

बांग्लादेश के गोपालगंज जिले के मुक्षुदपुर उपजिला के पश्चिम उजानी कंदनिपारा गाँव में एक सार्वजनिक पूजा मंडप में आयोजित सरस्वती पूजा के बाद मुस्लिम हमलावरों ने मूर्ति को तोड़फोड़ कर उसके गर्दन को मोड़ दिया और सिर लटकाकर जानबूझकर अपवित्र करने का कृत्य किया। मुक्षुदपुर थाने के अधिकारी अब्दुल्ला अल मामुन ने बताया कि पूजा संपन्न होने के बाद जब भक्त मंडप से लौट रहे थे, तभी यह हमला किया गया।

12. बिहार के छपरा में हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी

बिहार के छपरा जिले के सोनपुर में सरस्वती पूजा समारोह के दौरान एक शर्मनाक घटना सामने आई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को बाबा हरिहरनाथ मंदिर के पास सरस्वती पूजा पंडाल के नजदीक देव नारायण पांडे नामक व्यक्ति ने देवी सरस्वती और अन्य हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

बताया गया कि आरोपित नशे की हालत में था और पूजा स्थल के पास धूम्रपान भी कर रहा था। घटना स्थानीय पुलिस स्टेशन से करीब पाँच सौ मीटर की दूरी पर हुई। वायरल वीडियो में आरोपित को लोगों से बहस करते और देवी-देवताओं के लिए अपमानजनक टिप्पणी करते देखा गया।

स्थानीय लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने आपत्तिजनक बयान जारी रखे। वीडियो वायरल होने के बाद अगले दिन आरोपी ने हाथ जोड़कर माफी माँगी।

13. गुजरात के सूरत में पूजा पंडाल में अश्लील गानों पर कराया डांस

गुजरात के सूरत में सरस्वती पूजा के दौरान एक विवादास्पद घटना सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को कटारगाम वड रोड स्थित आनंद पार्क सोसायटी में आयोजित पूजा पंडाल में महिलाओं से अश्लील भोजपुरी और हिंदी फिल्मी गानों पर नृत्य कराया गया।

इस दृश्य से कार्यक्रम में मौजूद हिंदू परिवार, बुजुर्ग और महिलाएँ असहज व शर्मिंदा महसूस करने लगे। खास तौर पर बड़ी संख्या में छोटे बच्चों की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई गई।

स्थानीय लोगों ने कहा कि सरस्वती पूजा जैसे पवित्र अवसर पर इस तरह की अश्लीलता धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाती है। कुछ हिंदू संगठनों ने आयोजकों पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की।

14. बंगाल में TMC गुटों ने मंदिर पर लगाया ताला

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी शहर में सरस्वती पूजा समारोह उस समय बाधित हो गया जब सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के अंदरूनी गुटीय संघर्ष ने धार्मिक आयोजन को प्रभावित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को हुई। बताया गया कि बेलघड़िया सरबजनिन श्री दुर्गा चौक सोसायटी मंदिर को TMC के एक गुट ने ताला लगाकर बंद कर दिया, जिससे स्थानीय हिंदू महिलाएँ माँ सरस्वती की पूजा नहीं कर सकीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्षद इस विवाद का समाधान नहीं निकाल पाए हैं। वहीं पुलिस ने भी तब तक हस्तक्षेप से इनकार कर दिया जब तक दोनों गुट आपसी सहमति नहीं बनाते।

15. बंगाल के कूचबिहार में TMC गुटों ने बनाया हिंसक माहौल

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा कॉलेज में सरस्वती पूजा समारोह उस समय बाधित हो गया, जब सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के दो गुटों के बीच आपसी झड़प हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना 23 जनवरी 2026 को हुई।

कॉलेज परिसर में स्थापित सरस्वती पूजा मंडप के पास अचानक राजनीतिक गुटबाजी हिंसक रूप ले गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पूजा में शामिल होने आए हिंदू श्रद्धालुओं को अपनी सुरक्षा के लिए जान बचाकर भागना पड़ा और पूरा परिसर रणक्षेत्र में बदल गया।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि झगड़े के कारण पूजा की पवित्रता भी प्रभावित हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को बुलाया गया। दिनहाटा थाना प्रभारी और सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी कॉलेज पहुँचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

16. छत्तीसगढ़ में शराब के नशे में पूजा कार्यक्रम में पहुँचे शिक्षक

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित सरस्वती पूजा के दौरान एक सरकारी शिक्षक के नशे में स्कूल पहुँचने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जुनापारा प्राथमिक शाला, गुमगरा में शिक्षक बुद्धेश्वर दास कथित रूप से शराब के नशे में पूजा कार्यक्रम में पहुँचे।

पूजा में मौजूद ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षक की हालत देखकर वीडियो रिकॉर्ड किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षक नियमित रूप से नशे की हालत में स्कूल आते थे। घटना के बाद ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर शिक्षक को हटाने की माँग की गई। शिक्षा विभाग ने जाँच के बाद रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेजते हुए निलंबन की सिफारिश की।

17. बंगाल के मुस्लिम बहुल स्कूल में हिंदू छात्रों को प्रवेश से रोका

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मोयनागाड़ी फ्री प्राइमरी स्कूल में बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा को लेकर विवाद सामने आया। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुस्लिम बहुल इस स्कूल में केवल हिंदू छात्रों को प्रवेश से रोक दिया गया और स्कूल के गेट बंद कर दिए गए।

बताया गया कि छात्रों ने पहले पूजा आयोजन की अनुमति ली थी, जिसे स्कूल प्रशासन ने मंजूरी भी दी थी। लेकिन अगले ही दिन यह अनुमति वापस ले ली गई। प्रशासन की ओर से तर्क दिया गया कि स्कूल में 50 प्रतिशत से अधिक छात्र मुस्लिम हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस अधिकारियों को छात्रों को पूजा करने से रोकते हुए देखा गया। मजबूर होकर हिंदू छात्रों ने स्कूल के बाहर फुटपाथ पर पूजा का आयोजन किया।

18. त्रिपुरा में स्कूल प्रशासन ने सरस्वती पूजा करने से रोका

त्रिपुरा के धर्मनगर स्थित सखाईबाड़ी में होली क्रॉस कॉन्वेंट स्कूल द्वारा सरस्वती पूजा से जुड़े हिंदू धार्मिक अनुष्ठानों की अनुमति न दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने 16 जनवरी 2026 को स्कूल प्रबंधन से बसंत पंचमी के अवसर पर परिसर में पूजा आयोजन की अनुमति माँगी थी।

इसके बाद 22 जनवरी को भी परिषद ने दोबारा अनुरोध किया। बताया गया कि स्कूल में 70 प्रतिशत से अधिक छात्र हिंदू हैं और वे अपनी सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार पूजा करना चाहते थे। हालाँकि स्कूल प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया।

इसके विरोध में वीएचपी ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया, जिसमें कई अभिभावक भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने प्राचार्य को घेरकर पूजा की अनुमति देने की माँग की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस बल तैनात किया गया।

19. MP के उज्जैन में 15 मुस्लिम युवकों ने किया जानलेवा हमला

मध्य प्रदेश के उज्जैन में 22 जनवरी 2026 को बजरंग दल सदस्य और विश्व हिंदू परिषद के पूर्णकालिक कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर पर 10 से 15 मुस्लिम युवकों के समूह ने जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना मालिपुरा क्षेत्र में संघ कार्यालय के पास एक होटल के बाहर हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, मदरगढ़ और काजी मोहल्ला के युवकों ने ठाकुर को रोककर पहले बहस की और फिर अचानक लोहे की रॉड व अन्य हथियारों से हमला कर दिया। हमले में सोहेल ठाकुर के सिर पर गंभीर चोट आई और उन्हें नाजुक हालत में उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

ठाकुर ने बताया कि वे पहले भी इलाके में कथित ‘लव जिहाद’ मामलों के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं, जिससे वे आरोपितों के निशाने पर थे। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले हुए बसंत पंचमी सरस्वती पूजा कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी भी हमले का कारण बनी।

20. बांग्लादेश में आधी रात को पूजा मंडप में घुसकर तोड़ी प्रतिमा

बांग्लादेश के सतखीरा जिले में सरस्वती पूजा से एक दिन पहले देवी सरस्वती की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की घटना सामने आई। यह घटना 22 जनवरी 2026 की रात टेटुलिया क्षेत्र में हुई, जहाँ अज्ञात शरारती तत्वों ने आधी रात को चुपके से पूजा मंडप में प्रवेश कर प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया।

हमलावरों ने देवी की मूर्ति को तोड़कर टुकड़ों में बिखेर दिया। अगली सुबह स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी मिली, इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते हुए जाँच शुरू कर दी।

21. ओडिशा में सरस्वती पूजा से कुछ दिन पहले तोड़फोड़ और मूर्तियों का अपमान

ओडिशा के रायगढ़ा जिले के अंबाडोला क्षेत्र में सरस्वती पूजा से कुछ दिन पहले एक शिक्षक पर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों का अपमान और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनजातीय क्षेत्र के एक स्कूल में गणेश और सरस्वती की मूर्तियाँ पूर्व छात्रों द्वारा 1999 और 1997 बैच की ओर से दान की गई थीं।

आरोप है कि शिक्षक एम कृष्णराजू अक्सर शराब के नशे में मूर्तियों का मजाक उड़ाता था और कहता था कि ये अंग्रेजी नहीं जानतीं तथा इनके पास कोई शैक्षणिक योग्यता नहीं है। घटना वाली रात भी वह नशे की हालत में स्कूल पहुँचा और मूर्तियों को अपमानजनक बातें कहकर तोड़ दिया।

अगली सुबह अन्य शिक्षकों ने मूर्तियों के टूटे हुए टुकड़े देखे और उन्हें ठीक करने का प्रयास किया। इस घटना से स्थानीय हिंदू समुदाय में आक्रोश फैल गया। हिंदू धर्मरक्षा समिति सहित कई संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं पर हमला बताते हुए आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और कड़ी कार्रवाई की माँग की।

22. बंगाल में देवी सरस्वती और देवी काली की लगभग 70 से 80 मूर्तियाँ टूटी मिली

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के शांतिपुर में 7 जनवरी 2026 को मूर्ति तोड़फोड़ की एक गंभीर घटना सामने आई। लोकनाथ मंदिर के पास स्थित स्थानीय मूर्तिकार जयंत दास की कार्यशाला के बाहर देवी सरस्वती और देवी काली की लगभग 70 से 80 मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी मिलीं।

ये मूर्तियाँ कई सप्ताह की मेहनत से तैयार की गई थीं, जिन्हें 23 जनवरी को सरस्वती पूजा और 21 जनवरी को काली पूजा के लिए बनाया जा रहा था। सुबह स्थानीय लोगों ने कार्यशाला के बाहर टूटी मूर्तियाँ देखीं। इस घटना से मूर्तिकारों की आजीविका पर भी गहरा असर पड़ा है, क्योंकि त्योहारों का मौसम उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।

23. बसंत पंचमी से पहले तोड़ी गईं हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ

पूर्वी मिदनापुर जिले के महिषादल क्षेत्र में 4 जनवरी 2026 की रात अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना सामने आई। यह घटना सरस्वती पूजा पर्व से कुछ ही सप्ताह पहले हुई, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और चिंता व्याप्त है।

रिपोर्ट के अनुसार, गारकमालपुर पंचायत के अंतर्गत कांथाल पोट्टी इलाके में निर्माणाधीन मां बसंती और देवी सरस्वती की कई मूर्तियों को तोड़ दिया गया। 5 जनवरी की सुबह ग्रामीणों ने देखा कि कुछ प्रतिमाएँ आंशिक रूप से और कुछ पूरी तरह टूटी हुई थीं।

मूर्तियों के कुछ विशेष हिस्सों को निशाना बनाया गया, जिससे यह घटना दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित तोड़फोड़ प्रतीत होती है। स्थानीय निवासियों ने इसे धार्मिक आस्था पर हमला बताते हुए कहा कि यह केवल मूर्तियों का नुकसान नहीं, बल्कि विश्वास और सांप्रदायिक सौहार्द पर सीधा प्रहार है।

24. त्रिपुरा: हर साल होती थी सरस्वती पूजा, इस बार घोषित कर दिया अवकाश

त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के कुमारघाट उपमंडल अंतर्गत पेचारथल स्थित नलकाटा हाई स्कूल में इस वर्ष (2026) सरस्वती पूजा का आयोजन न होने से विवाद और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्कूल में वर्षों से परंपरागत रूप से बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा होती रही है, लेकिन 23 जनवरी 2026 को स्कूल प्रबंधन समिति ने अवकाश घोषित कर विद्यालय बंद रखा।

स्थानीय हिंदू छात्रों और अभिभावकों के अनुसार, कई विद्यार्थी सुबह स्कूल पहुँचे तो मेन गेट पर ताला लगा मिला। इससे छात्रों में निराशा और आक्रोश फैल गया। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन समिति और शिक्षकों ने पूजा आयोजन के लिए कोई पहल नहीं की। हिंदू छात्रों का कहना है कि समिति में ईसाई, चकमा (बौद्ध) और मुस्लिम सदस्य बहुमत में हैं, जिसके कारण इस बार पूजा नहीं हो सकी।

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सौम्या सिंह
सौम्या सिंह
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