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कहीं किया पथराव तो कहीं तोड़ीं मूर्तियाँ, सरस्वती पूजा पर भी इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचाया बवाल: पढ़ें- हमले और तोड़फोड़ की 9 घटनाएँ

देश में हिंदू त्योहारों के जश्न को बिगाड़ना अब एक घृणित और नियोजित ट्रेंड बन चुका है। पूजा के दौरान और विसर्जन के समय उत्सव को निशाना बनाकर हमला और तोड़फोड़ की कई घटनाएँ दर्ज की गईं।

ज्ञान और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी का पर्व पूरे देश में हिंदुओं द्वारा श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। देश में हिंदू त्योहारों के जश्न को बिगाड़ना अब एक घृणित और नियोजित ट्रेंड बन चुका है। राम नवमी, हनुमान जयंती और अन्य त्योहारों के दौरान विघ्न डालने की प्रवृत्ति इस साल बसंत पंचमी पर भी दिखी। देश के कई हिस्सों में हिंदू विरोधी तत्वों ने सरस्वती पूजा में व्यवधान डालने की कोशिश की। पूजा के दौरान और विसर्जन के समय उत्सव को निशाना बनाकर हमला और तोड़फोड़ की कई घटनाएँ दर्ज की गईं।

झारखंड: हजारीबाग में माँ सरस्वती की शोभायात्रा पर कट्टरपंथियों ने किया पथराव

झारखंड के हजारीबाग में शनिवार (24 जनवरी 2026) को एक मुस्लिम भीड़ ने सरस्वती पूजा विसर्जन के लिए निकाली जा रही शोभायात्रा पर पथराव किया। केरेदरी प्रखंड के बेल्टू गाँव में मूर्ति विसर्जन के लिए जुलूस निकाला जा रहा था। अचानक, मुस्लिम भीड़ ने हिंदू जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके जवाब में जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने भी पलटवार किया।

विवाद जुलूस में बज रहे संगीत के कारण शुरू हुआ। मुस्लिम पक्ष को अचानक गीत आपत्तिजनक लगने लगे और थोड़ी ही देर में मामला हिंसा में बदल गया। मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिंदुओं पर पथराव किया, जिससे कई लोग घायल हो गए।

हजारीबाग वर्षों से हिंदुओं के खिलाफ इस्लामी हिंसा का केंद्र रहा है। राम नवमी, हनुमान जयंती, होली जैसी अवसरों पर मुसलमान अक्सर मामूली बहानों जैसे संगीत बजना या भगवा झंडा के हवाले से हिंदुओं पर हमले करते रहे हैं। 2020 में भी हजारीबाग के लखे सुंडी बस्ती में मुस्लिम भीड़ ने सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस पर पथराव किया, कई वाहन तोड़े और 4-5 लोग घायल हुए थे। आज भी हिंदुओं के त्योहारों पर इसी तरह का तरीका अपनाया जा रहा है।

असम: डिब्रूगढ़ में सरस्वती की मूर्ति तोड़ी गई

शनिवार (24 जनवरी 2026) को पूजा के दिन माँ सरस्वती की मूर्ति को अज्ञात व्यक्तियों ने तोड़ दिया। अब तक इस घटना के पीछे कौन लोग हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है। स्थानीय हिंदुओं ने दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा देने की माँग की है।

त्रिपुरा: कैलाशहर में सरस्वती पूजा के दौरान मुसलमानों ने अशांति फैलाई

त्रिपुरा के कैलाशहार में सरस्वती पूजा के दौरान तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कथित तौर पर लगभग 16 मुस्लिम युवाओं ने दरांती और डंडों से हिंदू जुलूस में तोड़ने का प्रयास किया। यह झड़पें कतल डिघीरपुर क्षेत्र में हुईं।

भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रीतम घोष ने कहा कि लगभग 16 मुस्लिम युवाओं ने दरांती और डंडों से हिंदुओं पर हमला कर सरस्वती पूजा में विघटन करने का प्रयास किया। घोष ने कहा, “सूचना मिलते ही जब हम मौके पर पहुँचे, उन्होंने हमारे ऊपर बेतहाशा हमला कर दिया। स्थिति और हिंसक हो गई। ये शरारती तत्व बांग्लादेश जैसी खतरनाक स्थिति दोहराने की कोशिश कर रहे हैं। हमें ऐसे ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा।”

हमले में प्रीतम घोष घायल हुए, वहीं भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अरूप धर का घर भी तोड़ा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कतल डिघीरपुर में भाजपा का दफ्तर भी आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस बलों को स्थिति पर काबू पाने के लिए तैनात किया गया।

पश्चिम बंगाल: TMC की अंदरूनी लड़ाई ने उत्तर 24 परगना जिले में सरस्वती पूजा में खलल डाला

शुक्रवार (23 जनवरी) को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कामरहाटी शहर में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के आंतरिक संघर्ष के कारण सरस्वती पूजा में बाधा उत्पन्न हो गई। सूत्रों के अनुसार, बेलघाड़िया सर्वजनिन श्री श्री दुर्गा चौक सोसाइटी मंदिर को TMC के एक गुट ने बंद कर दिया है।

इसके कारण स्थानीय हिंदू महिलाएँ माँ सरस्वती की पूजा नहीं कर पा रही हैं। स्थानीय पुलिस ने तब तक हस्तक्षेप करने या ताला हटाने से इनकार कर दिया है, जब तक TMC के विवादित गुटों के बीच किसी प्रकार का समझौता नहीं हो जाता।

TMC नेता ने ममता बनर्जी के स्कूल में सरस्वती पूजा न करने के लिए स्टूडेंट्स को धमकाया

साउथ कोलकाता के सरकारी समर्थित जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज में पढ़ाई कर रही एक महिला छात्रा ने बताया कि उन्हें तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक नेता ने सरस्वती पूजा आयोजित करने के खिलाफ धमकी दी।

पीड़िता के अनुसार, TMC नेता का नाम दाऊद आलम मोल्ला बताया गया। छात्रा ने एक वायरल वीडियो में कहा,”दाऊद आलम मोल्ला बाहर खड़ा है। उसने मुझे धमकी दी कि वह मेरी LLM को बर्बाद कर देगा।” संयोगवश, जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पढ़ाई की है।

TMC गुटों के बीच अंदरूनी लड़ाई के कारण कूचबिहार में सरस्वती पूजा समारोह रोका गया

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा कॉलेज में शुक्रवार (23 जनवरी) को सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के दो गुटों के बीच आपसी झड़प के बाद सरस्वती पूजा मंडप को छोड़ना पड़ा।

स्थिति बिगड़ने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बुलाया गया। मामले की जानकारी मिलते ही दिनहाटा थाने के प्रभारी और SDPO कॉलेज परिसर पहुँचे। सरस्वती पूजा में शामिल होने आए हिंदू श्रद्धालुओं को अपनी सुरक्षा के लिए वहाँ से भागने पर मजबूर होना पड़ा। मौके से सामने आई तस्वीरों में दिखा कि सत्तारूढ़ TMC के गुंडों ने कॉलेज परिसर को युद्ध के मैदान में बदल दिया।

हिंदू स्टूडेंट्स को स्कूल कैंपस में सरस्वती पूजा करने की इजाज़त नहीं है क्योंकि 50% से ज्यादा स्टूडेंट्स मुस्लिम हैं

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात शहर से एक अन्य घटना सामने आई, जहाँ हिंदू छात्रों को स्कूल परिसर के भीतर सरस्वती पूजा आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अनुमति इसलिए रोकी गई क्योंकि संबंधित स्कूल में 50% से अधिक छात्र मुस्लिम समुदाय से हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में पुलिसकर्मियों को छात्रों को देवी सरस्वती की पूजा करने से रोकते हुए देखा गया। बाद में हिंदू छात्रों को स्कूल परिसर के बाहर फुटपाथ पर सरस्वती पूजा आयोजित करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस दौरान प्रदीप चटर्जी नामक एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना गया, “हमें बताया गया कि इस स्कूल में हिंदू अल्पसंख्यक हैं, इसलिए यहाँ पूजा नहीं हो सकती… पश्चिम बंगाल में रहने वाले हिंदुओं की स्थिति और बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति में कोई फर्क नहीं रह गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि यदि 50 प्रतिशत मुस्लिम छात्रों वाला तर्क पूरे देश में लागू किया जाए, तो कल हिंदू यह दावा कर सकते हैं कि देश में उनकी आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है और ऐसे में नमाज की अनुमति भी नहीं दी जानी चाहिए।

झारखंड: लोहरदगा में सरस्वती पूजा जुलूस को लेकर मुसलमानों ने हिंदुओं पर हमला किया

झारखंड के लोहरदगा जिले में रविवार (25 जनवरी 2026) को सरस्वती पूजा जुलूस के दौरान हिंदुओं पर मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। यह घटना लोहरदगा के कूडू थाना क्षेत्र अंतर्गत बारिडीह गाँव में सरस्वती पूजा विसर्जन के समय हुई। हिंदू श्रद्धालु गाँव से होकर माँ सरस्वती की झाँकी निकाल रहे थे, तभी मूर्ति ले जा रही गाड़ी एक मुस्लिम के घर की छत से हल्की सी टकरा गई।

इसके बाद मुस्लिम परिवार और उनके साथियों ने इकट्ठा होकर गाड़ी के ड्राइवर के साथ मारपीट की। सुबह तक मामला पूरी तरह हिंसक हो गया और मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं तथा उनके घरों पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कूडू थाना की पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की बाइक दस्ता मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

फोटो – आज तक

हमले में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने स्थिति पर काबू कर लिया है।

बांग्लादेश: गोपालगंज में सरस्वती की मूर्ति तोड़ी गई

अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री शेख हसीना को जबरन सत्ता से हटाए जाने के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार अत्याचार देखने को मिल रहे हैं। स्थानीय हिंदुओं पर हमले, बलात्कार, लूटपाट और हत्याओं की घटनाएँ सामने आई हैं। इस्लामी युनुस शासन के संरक्षण में मुस्लिम भीड़ द्वारा कई बार हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की जा चुकी है। ताजा मामले में, शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को गोपालगंज जिले के मुकसुदपुर उपजिला स्थित एक सार्वजनिक पूजा मंडप में मुस्लिमों ने माँ सरस्वती की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया।

बांग्लादेश के गोपालगंज में सरस्वती की मूर्ति तोड़ी गई। (इमेज: डेली रिपब्लिक बांग्लादेश)

मुकसुदपुर थाने के प्रभारी अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि यह हिंदू-विरोधी अपराध सरस्वती पूजा समाप्त होने के बाद किया गया। यह घटना उजानी यूनियन के पश्चिम उजानी कंदनीपारा गाँव स्थित सामुदायिक पूजा स्थल की है। पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालु मंडप से लौट गए थे।

इसके बाद मुस्लिम हमलावरों ने जानबूझकर माँ सरस्वती की मूर्ति की गर्दन मरोड़ दी, जिससे मूर्ति का सिर लटक गया,यह एक सोची-समझी अपवित्रता की कार्रवाई थी। हिंदू-बहुल गोपालगंज जिला बीते दो वर्षों में मुस्लिमों द्वारा किए गए कई हिंदू-विरोधी अपराधों का गवाह रहा है।

(मूल रूप से ये खबर अंग्रेजी में श्रद्धा पांडे ने लिखी है, जिसको विस्तार से पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)

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Shraddha Pandey
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