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करियर की दुहाई देकर आफताब ने अदालत से माँगी जमानत, वकील अविनाश ने कहा – उसे जेल में रखने से कोई लाभ नहीं: श्रद्धा को 35 टुकड़ों में काटा था

आफताब के वकील अविनाश कुमार ने कहा था, "जमानत अर्जी में लिए गए आधार में यह तर्क दिया गया है कि आरोपित को अब भी न्यायिक हिरासत में रखने से कोई लाभ नहीं होगा।"

अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा की बेरहमी से हत्या करने के मामले में तिहाड़ जेल में बंद आफताब पूनावाला ने जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जमानत अर्जी में आफताब ने अपने करियर की दुहाई देते हुए जमानत की माँग की है। आफताब की याचिका पर शनिवार को (17 दिसंबर, 2022) को सुनवाई होने की संभावना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आफताब पूनावाला के वकील ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में शुक्रवार (16 दिसंबर, 2022) को जमानत अर्जी दाखिल की थी। इस जमानत अर्जी में दलील दी गई थी कि मामले की जाँच पूरी हो चुकी है और पुलिस को अब चार्जशीट दाखिल करनी होगी।

आफताब के वकील अविनाश कुमार ने कहा था, “जमानत अर्जी में लिए गए आधार में यह तर्क दिया गया है कि आरोपित को अब भी न्यायिक हिरासत में रखने से कोई लाभ नहीं होगा।” याचिका में कहा गया है कि न्यायिक हिरासत बढ़ाने से उसके करियर और भविष्य को नुकसान होगा। गौरतलब है कि इससे पहले कोर्ट ने गत सप्ताह 9 दिसंबर को हुई सुनवाई में आफताब की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी थी। इस सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा था कि मामले में जाँच चल रही है।

पुलिस फिलहाल, आफताब के पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके अलावा, कहा जा रहा है कि जंगलों से मिलीं विभिन्न हड्डियों का भी पोस्टमॉर्टम किए जाने की संभावना है, क्योंकि हड्डियों की जाँच करने के बाद फोरेसिंक लैब ने कहा था कि हड्डियों में तेज धारदार हथियार के निशान मिले हैं।

बता दें कि इस मामले में अब तक सामने आए सभी सबूत आफताब के खिलाफ ही हैं। यहाँ तक कि श्रद्धा के पिता और भाई के ब्लड सैंपल का डीएनए महरौली के जंगल से मिली हड्डियों से मैच कर गया है। बता दें कि गुरुवार (15 दिसंबर, 2022) को, दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने श्रद्धा मर्डर केस में ट्रायल कोर्ट में दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने के दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। उप-राज्यपाल कार्यालय के अनुसार, अधिवक्ता मधुकर पांडे और अमित प्रसाद मामले में विशेष सरकारी वकील के रूप में दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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