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संभल के मजहबी ढाँचे की नहीं होगी रंगाई-पुताई: इलाहाबाद HC कोर्ट ने मस्जिद कमेटी को दिया झटका, ASI की रिपोर्ट देख दिए परिसर में सिर्फ ‘सफाई’ करने के आदेश

कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि मजहबी ढाँचे के भीतर किसी प्रकार की रंगाई-पुताई नहीं की जा सकती। यहाँ अब केवल मस्जिद कमेटी को सफाई करने की अनुमति है।

संभल के जामा मस्जिद को लेकर इलाहाबाद कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि मजहबी ढाँचे के भीतर किसी प्रकार की रंगाई-पुताई नहीं की जा सकती। यहाँ अब केवल मस्जिद कमेटी को सफाई करने की अनुमति है।

बता दें कि संभल मस्जिद समिति की तरफ से इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका डालते हुए रंगाई-पुताई की परमिशन माँगी थी, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने इस माँग को अस्वीकार कर दिया है। इस रिपोर्ट में कहा गया था ढाँचे में कोई ऐसी संरचनात्मक समस्या नहीं है इसलिए इसकी मरम्मत या फिर रंगाई करना जरूरी नहीं है। अब मामले में अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी।

गौरतलब है कि मस्जिद कमेटी ने माँग की थी कि रमजान के मद्देनजर उन्हें मरम्मत कराने की अनुमति दी जाए। इसी के बाद कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को आदेश दिया कि वो मस्जिद में जाकर देखे कि रमजान से पहले सफेदी और सजावट की कितनी जरूरत है। इसके लिए ASI की तीन लोगों की टीम बनाई गई थी, जो मस्जिद का मुआयना करने गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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