संभल के जामा मस्जिद को लेकर इलाहाबाद कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि मजहबी ढाँचे के भीतर किसी प्रकार की रंगाई-पुताई नहीं की जा सकती। यहाँ अब केवल मस्जिद कमेटी को सफाई करने की अनुमति है।
Uttar Pradesh: The Allahabad High Court denied permission to repaint Sambhal Shahi Jama Masjid after the Archaeological Survey of India reported no need for improvement. Meanwhile, police forces, including RRF and PAC, have been deployed around the mosque to maintain security… pic.twitter.com/YEG0UXioqc
— IANS (@ians_india) February 28, 2025
बता दें कि संभल मस्जिद समिति की तरफ से इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका डालते हुए रंगाई-पुताई की परमिशन माँगी थी, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने इस माँग को अस्वीकार कर दिया है। इस रिपोर्ट में कहा गया था ढाँचे में कोई ऐसी संरचनात्मक समस्या नहीं है इसलिए इसकी मरम्मत या फिर रंगाई करना जरूरी नहीं है। अब मामले में अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी।
Terming the Shahi Jama Masjid in Sambhal as ‘alleged masjid’, the Allahabad High Court asked the ASI to submit a report on the requirement of whitewashing and maintenance/repair, if any needed, inside the premises ahead of the month of Ramzan which is starting from March 1,… pic.twitter.com/Hm07QlMQEg
— The Hindu (@the_hindu) February 28, 2025
गौरतलब है कि मस्जिद कमेटी ने माँग की थी कि रमजान के मद्देनजर उन्हें मरम्मत कराने की अनुमति दी जाए। इसी के बाद कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को आदेश दिया कि वो मस्जिद में जाकर देखे कि रमजान से पहले सफेदी और सजावट की कितनी जरूरत है। इसके लिए ASI की तीन लोगों की टीम बनाई गई थी, जो मस्जिद का मुआयना करने गई थी।