Homeदेश-समाज9 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या: भागने की कोशिश कर रहा...

9 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या: भागने की कोशिश कर रहा था 65 साल का सयाद अली, असम पुलिस ने मारी गोली

सयाद अली को 27 जून को नौ वर्षीया लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। लड़की का शव 20 जून को ब्रह्मपुत्र नदी के पास एक जूट के खेत से बरामद किया गया था।

नौ साल की बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के मुख्य आरोपी सयाद अली ने असम पुलिस की कस्टडी से भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की गोली लगने से वह जख्मी हो गया। घटना शुक्रवार (2 जुलाई 2021) की है। 65 साल के अली को जाँच के लिए पुलिस घटनास्थल पर लेकर जा रही थी। इसी दौरान उसने भागने की कोशिश की।

मोरीगाँव-भूरागाँव पीडब्ल्यूडी रोड के गसरगुड़ी प्वाइंट पर पुलिस अली को एक गाड़ी से दूसरे में बैठा रही थी। इसी दौरान उसने पेशाब करने का बहाना बनाकर भागने का प्रयास किया। मोरीगाँव की पुलिस अधीक्षक अपर्णा नटराजन ने बताया, “आरोपित ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। पुलिस ने दो राउंड फायरिंग की, जिसमें वह घायल हो गया।”

सयाद अली ने पुलिस से पेशाब करने की बात कही और इसके बाद भागने की कोशिश करने लगा। उसे भागने की कोशिश करता देख पुलिसवालों ने रुकने के लिए कहा और फिर मजबूर होकर उन्हें गोली चलानी पड़ी। गोली आरोपित के घुटने में लगी, जिससे वह घायल हो गया।

विशेष पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने ‘द शिलांग टाइम्स’ से बात करते हुए बताया कि जब क्राइम सीन को रीक्रिएट करने के लिए उसे ले जाया जा रहा था तो उसने पेशाब करने का बहाना बनाकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद मोरीगाँव पुलिस को उसे भागने से रोकने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। 

आरोपित को इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसे 27 जून को नौ वर्षीया लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। लड़की का शव 20 जून को ब्रह्मपुत्र नदी के पास एक जूट के खेत से बरामद किया गया था। बालीडुंगा गाँव के निवासियों का दावा है कि आरोपित पहले भी कई अपराधों में शामिल रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -