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भाई से गले मिल कर रोया, उम्रकैद की सज़ा सुनते ही बेहोश हो गया अतीक अहमद: वकीलों ने लगाए ‘फाँसी दो, फाँसी दो’ के नारे

उमेश पाल के वकील ने बताया कि उनकी तरफ से 8 गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी थी। वहीं अतीक अहमद ने अपने पक्ष में 51 गवाह पेश किए। हालाँकि अतीक के गवाहों में अधिकतर लोग आपराधिक प्रवित्ति के बताए जा रहे हैं। अंत में कोर्ट ने उमेश पाल के गवाहों को विश्वसनीय माना।

प्रयागराज जिले की MP-MLA कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण के 28 फरवरी 2006 के केस में माफिया अतीक अहमद को 2 अन्य साथियों सहित उम्रकैद की सजा सुनाई है। हालाँकि इसी केस में आरोपित अतीक के छोटे भाई अशरफ को बरी कर दिया गया है। इस फैसले के बाद उमेश पाल और अतीक अहमद दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट में अपील करने का ऐलान किया। जहाँ उमेश पाल का परिवार अशरफ की रिहाई से नाखुश है तो वहीं अतीक के वकील ने इस सजा को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है।

कहा जा रहा है कि कोर्ट में अतीक अहमद की सजा मुकर्रर होते ही वो कोर्ट रूम में बेहोश हो गया और भाई से गले मिल रोया भी। जबकि प्रयागराज कोर्ट में उसके ही आगे वकीलों ने ‘फाँसी दो-फाँसी दो’ की नारेबाजी की।

दोनों पक्ष जाएँगे हाईकोर्ट

अतीक अहमद को मिली सजा पर उमेश पाल की माँ ने उसे फाँसी के लायक बताया। उन्होंने कहा कि कई साल तक फैसले का इंतजार करना पड़ा। उमेश पाल की माँ ने शांति देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा विश्वास जताया है। वहीं उमेश पाल की पत्नी जया देवी ने अशरफ को बरी किए जाने के फैसले को समाज के लिए नुकसानदेह बताया है। उन्होंने अपने वकील से बात कर के इस फैसले को हाईकोर्ट में चैलेन्ज देने की जानकारी दी। उमेश पाल के वकील ने भी हाईकोर्ट में सजा को चुनौती देने का एलान किया है। वकील ने कहा कि घटना में अशरफ की पिस्टल शामिल थी ऐसे में अशरफ को बरी करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

अतीक के वकील भी जाएँगे हाईकोर्ट

अतीक अहमद को मिली उम्रकैद की सजा पर उनके वकील दयाशंकर मिश्रा की भी प्रतिक्रिया सामने आई। दयाशंकर ने अतीक अहमद को मिली उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही। वकील दयाशंकर ने अपील को अधिकार बताया है। गौरतलब है कि 100 केसों में नामजद अतीक को पहली बार कोई सजा सुनाई गई है।

उमेश पाल के 8 गवाह अतीक के 51 गवाहों पर भारी पड़े

उमेश पाल के वकील ने बताया कि उनकी तरफ से 8 गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी थी। वहीं अतीक अहमद ने अपने पक्ष में 51 गवाह पेश किए। हालाँकि अतीक के गवाहों में अधिकतर लोग आपराधिक प्रवित्ति के बताए जा रहे हैं। अंत में कोर्ट ने उमेश पाल के गवाहों को विश्वसनीय माना।

मिल रही जानकारी के मुताबिक फ़िलहाल अभी अतीक अहमद को प्रयागराज की नैनी जेल में ही रखा जाएगा। अब पुलिस उमेश पाल हत्याकांड में दर्ज हुए नए केस में उस से जल्द ही पूछताछ कर सकती है। इस बाबत पुलिस टीम अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का रिमांड भी लेने की तैयारी कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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