Homeदेश-समाज'मुस्लिम एक हो गए तो पूरी फ़ोर्स लगाने के बाद भी...': बरेली के हसीब...

‘मुस्लिम एक हो गए तो पूरी फ़ोर्स लगाने के बाद भी…’: बरेली के हसीब अंसारी ने WhatsApp स्टेट्स लगा कर किया मौलवियों और फिरकों का जिक्र, जाँच शुरू

हसीब अंसारी ने इस स्टेट्स के ऊपर बड़े-बड़े शब्दों में लिख कर लोगों से इसे हर हाल में शेयर करने की गुजारिश भी की है।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में भड़काऊ व्हाट्सएप्प स्टेट्स लगा कर माहौल खराब करने का मामला सामने आया है। यहाँ हिन्दू संगठनों ने हसीब अंसारी नाम के एक युवक की शिकायत पुलिस से की है। स्टेट्स में हसीब ने मुस्लिमों के एकजुट हो जाने के बाद सभी के काबू से बाहर हो जाने जैसी बातें लिखी हुई हैं। हसीब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग उठ रही है। शनिवार (3 अगस्त, 2024) को पुलिस ने मामले का संज्ञान ले कर जाँच शुरू कर दी है।

यह मामला बरेली के थाना क्षेत्र नवाबगंज का है। यहाँ के रहने वाले हसीब अंसारी ने शनिवार को अपने व्हाट्सएप्प पर भड़काऊ स्टेटस लगाया। इस में हसीब ने लिखा, “मुस्लिम एक हो गए तो पूरी फ़ोर्स लगाने के बाद भी रोक नहीं मिलेगा। शुक्र मनाओ कि मुसलमान फिरके-फिरके में पड़े हुए हैं और ये मौलवी इन्हें एक नहीं होने दे रहे हैं।” हसीब अंसारी ने इस स्टेट्स के ऊपर बड़े-बड़े शब्दों में लिख कर लोगों से इसे हर हाल में शेयर करने की गुजारिश भी की है।

हसीब अंसारी की इस हरकत को ‘कट्टर हिन्दू गौ सेवक बरेली उत्तर प्रदेश’ नाम के हैंडल ने अपने X प्रोफ़ाइल @Surenda83898725 से शेयर किया है। उन्होंने इस हरकत को माहौल को खराब करने वाली बताया और बरेली पुलिस को टैग करते हुए हसीब अंसारी पर कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई है। बरेली पुलिस ने इस शिकायत का संज्ञान लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी नवाबगंज को निर्देशित किया जा चुका है।

जिस स्टेट्स को हसीब अंसारी ने अपने व्हाट्सएप पर लगाया है उसके बैकग्राउंड में किसी मज़हबी इबादतगाह के आगे कुछ लोग खड़े दिख रहे हैं। एक लाल रंग का झंडा भी दिखाई दे रहा है। बैकग्राउंड में दिख रहा दृश्य कहाँ और कब की घटना है इस बारे में अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। बरेली के VHP कार्यकर्ता हिमांशु पटेल ने जानकारी दी कि हसीब अंसारी ने मौलाना वाली पढ़ाई कर रखी थी, और पूर्व में मौलाना वाला कार्य भी कर चुका है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -