Homeदेश-समाजप्रयागराज के बाद अब मुरादाबाद में गरजेगा बुलडोजर, जामा मस्जिद के पास हुई थी...

प्रयागराज के बाद अब मुरादाबाद में गरजेगा बुलडोजर, जामा मस्जिद के पास हुई थी हिंसा: इधर दिल्ली पुलिस भी एक्शन में, 2 को दबोचा

43 वर्षीय मोहम्मद निसार अहमद जहाँ जामा मस्जिद इलाके में ही रहता है, 37 वर्षीय मोहम्मद फहीम तुर्कमान गेट क्षेत्र का निवासी है।

पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप लगाते हुए नूपुर शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बहाने हिंसा करने वाली मुस्लिम भीड़ के विरुद्ध अब दिल्ली पुलिस भी एक्शन में आ गई है। जामा मस्जिद के सामने भीड़ जुटा कर जुमे के दिन हिंसा करने वालों में से मोहम्मद फहीम और निसार अहमद को दिल्ली पुलिस ने धर-दबोचा है। उधर मुरादाबाद में भी पुलिस ने प्रयागराज की तर्ज पर बुलडोजर वाली कार्रवाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

दिल्ली के जामा मस्जिद की बात करें तो जुमे विरोध प्रदर्शन से शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने किनारा कर लिया था। बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने के आरोप में इन दोनों की गिरफ़्तारी हुई है। शनिवार (11 जून, 2022) की रात उन्हें गिरफ्तार किया गया। सीसीटीवी फुटेज के अलावा मोबाइल फोन से बने वीडियोज भी खंगाले जा रहे हैं। 43 वर्षीय मोहम्मद निसार अहमद जहाँ जामा मस्जिद इलाके में ही रहता है, 37 वर्षीय मोहम्मद फहीम तुर्कमान गेट क्षेत्र का निवासी है।

इसी मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही FIR दर्ज कर चुकी है। अन्य आरोपितों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। भीड़ में हाथों में तख्तियाँ लेकर कई मुस्लिम जुटे थे। शाही इमाम का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं है कि ये प्रदर्शनकारी थे कौन। वहीं मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जामा मस्जिद में हुई हिंसा के मामले में 90 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। अब नगर निगम की टीम पुलिस के साथ मिल कर अवैध अतिक्रमण हटाएगी।

जामा मस्जिद के पास जहाँ ये हंगामा हुआ था, बुलडोजर भी वहीं चलेगा। कई जगह इसके लिए चिह्नित कर लिए गए हैं। 34 आरोपित अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए 1 दिन का समय दिया गया है। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुँच कर चेतावनी दी है। पुलिस ने भी इस प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग की अपील के लिए माइक से अनाउंसमेंट किया। काम में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जयललिता से तृषा कृष्णन तक: कैसे तमिलनाडु की राजनीति में बार-बार निशाने पर आईं महिलाएँ

जयललिता से तृषा कृष्णन तक मामला बताता है कि तमिलनाडु की राजनीति में महिलाओं को कैसे निशाना बनाया जाता है। एक विधानसभा के अंदर का तो दूसरा राजनीतिक मंच का।

इजरायल को 99% हथियार देने वाले पश्चिमी देशों को छोड़ भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैला रहा एमनेस्टी, समझिए गाजा की आड़ में किस खेल...

भारत डिफेंस एक्सपोर्ट में तेजी से उभरता खिलाड़ी है। भारत की प्राथमिकता अपने साथ अपने मित्र देशों को सुरक्षा उपकरण मुहैया कराना है।
- विज्ञापन -