Homeदेश-समाजत्रिपुरा में गाय चुराते पशु तस्कर को ग्रामीणों ने घेर कर मार डाला... जेब...

त्रिपुरा में गाय चुराते पशु तस्कर को ग्रामीणों ने घेर कर मार डाला… जेब में बांग्लादेश की मुद्रा मिली… पहले गाय मालिक पर किया था हमला

इससे पहले जून 2021 में खोवाई जिले की 2 अलग-अलग घटनाओं में 3 पशु तस्करों को पीट कर मार डाला गया था। वहीं, सप्ताह भर पहले असम पुलिस ने 10 बांग्लादेशियों को असम-त्रिपुरा की सीमा पर बाज़ारीचेर्रा पुलिस चेकपोस्ट से गिरफ्तार किया था।

त्रिपुरा में एक संदिग्ध पशु तस्कर की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। मृतक बांग्लादेश का रहने वाला बताया जा रहा है। यह घटना सिपहिजाला के सोनामुरा उपक्षेत्र में आने वाले गाँव कमलानगर की है। यह जिला बांग्लादेश की सीमा से सटा हुआ है। घटना शनिवार (6 नवम्बर 2021) की है।

रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार की रात 3 पशु तस्कर सीमा पार कर के बांग्लादेश से भारत में घुसे थे। ये सभी आरोपी गाँव के निवासी लिटन पॉल के घर से गाय चुरा रहे थे। इसी दौरान इन्हें पड़ोसियों की मदद से पकड़ने की कोशिश की गई। हालाँकि, अफरा-तफरी का फायदा उठाकर 2 पशु तस्कर भाग निकले। इनमें से एक ग्रामीणों द्वारा घेर लिया गया। बाद में पिटाई से उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने मृतक के पास से बांग्लादेशी मुद्रा और मोबाईल फोन बरामद किया है। सूचना के अनुसार, इन्होंने गाय के मालिक पॉल के ऊपर हमला भी किया था। हमले में पॉल के कानों पर चोट लगी है, जिसका इलाज राजधानी अगरतला के GB अस्पताल में चल रहा है।

पशु तस्करों के सीमा पार कुमिला जिले का निवासी होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, उनके पास से मिली बांग्लादेशी मुद्रा “टका” उनके बांग्लादेशी होने की तरफ इशारा कर रही है। इससे पहले जून 2021 में खोवाई जिले की 2 अलग-अलग घटनाओं में 3 संदिग्धों को पशु तस्करी के आरोप में पीट कर मार दिया गया था। वहीं, सप्ताह भर पहले असम पुलिस ने 10 बांग्लादेशियों को असम-त्रिपुरा की सीमा पर बाज़ारीचेर्रा पुलिस चेकपोस्ट से गिरफ्तार किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -