Homeदेश-समाजमंदिर जा रही 60 साल की महिला को ऑटो ड्राइवर ने किया किडनैप, जंगल...

मंदिर जा रही 60 साल की महिला को ऑटो ड्राइवर ने किया किडनैप, जंगल में साथी के साथ मिलकर रेप; मरा समझ छोड़कर भाग गए

महिला को किडनैप कर आरोपित जंगल में ले गए। वहाँ बलात्कार करने की कोशिश करने लगे। महिला ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की। इसके बाद दोनों ने उसके साथ बलात्कार किया।

चंडीगढ़ में 60 साल की एक महिला के साथ बलात्कार का मामला सामने आया। पीड़ित महिला मंदिर जा रही थी। इसी दौरान ऑटो चालक और उसके साथी ने उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद जंगल ले जाकर मारपीट कर बलात्कार किया। घायल होने के चलते महिला बेहोश हो गई। आरोपित उसे मरा हुआ समझ छोड़कर भाग गए। घटना सोमवार (3 जुलाई, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला चंडीगढ़ के कैंबवाला इलाके से पैदल ही साकेत्री मंदिर जा रही थी। तभी वहाँ एक ऑटो आकर रुका, जिसमें दो लोग सवार थे। उन लोगों ने महिला से बातचीत कर कहा कि वे उसे मंदिर तक छोड़ देंगे। ऑटो वालों के बार-बार कहने के बाद महिला ऑटो में बैठ गई। 

इसके बाद ऑटो चालक उसे साकेत्री मंदिर की जगह किसी अन्य धार्मिक स्थल ले गया और कहा कि यह वही मंदिर है, जहाँ वह आना चाहती थी। लेकिन महिला समझ गई कि वे उसे कहीं और लेकर आ गए हैं। उसने विरोध किया। इसके बाद दोनों आरोपित उसे पास के जंगल में ले गए। वहाँ बलात्कार करने की कोशिश करने लगे। जब महिला ने इसका विरोध किया तो दोनों आरोपित उसके साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद दोनों ने उसके साथ बलात्कार किया।

आरोपितों की मारपीट के चलते महिला बेहोश हो गई थी। ऐसे में बलात्कार करने के बाद आरोपितों को लगा कि उसकी मौत हो चुकी है। इसलिए उसे मौके पर छोड़कर भाग गए। करीब 7-8 घंटे बाद महिला को होश आया तो वह किसी तरह अपने घर पहुँची और घटना के बारे में बताया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने पीड़िता को हॉस्पिटल में भर्ती कराया। महिला के बयान और मेडिकल जाँच के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -