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हैदराबाद के बालाजी मंदिर ने लड़कियों- महिलाओं की रक्षा के लिए तैयार की ‘जटायु सेना’

मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस दौरान कई पुरूष श्रद्धालुओं ने जटायु सेना का सदस्य बनने का संकल्प लिया। जिसके बाद वह लड़कियों और महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध रोकने के लिए सक्रिय रहेंगे।

हैदराबाद के प्रसिद्ध चिलकुर बालाजी मंदिर ने महिलाओं और लड़कियों के ख़िलाफ़ अत्याचार रोकने के लिए मंगलवार (अगस्त 13, 2019) को ‘जटायु सेना’ का गठन किया।

बता दें जटायु हिंदू धर्मग्रंथ रामायण का प्रसिद्ध पात्र है, जिसने पंछी होने के बावजूद रावण द्वारा सीताहरण के समय रावण से सीता को छुड़ाने के लिए अपनी आखिरी साँस तक प्रयास किया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस सेना के गठन के दौरान चिलकुर बालाजी मंदिर के प्रधान पुजारी सी एस रंगराजन ने बताया कि विशेष अनुष्ठान में मंदिर में महिलाओं और लड़कियों की कलाइयों पर धागे बाँधे गए और लड़कियों तथा महिलाओं की हिफाजत के लिए जटायु सेना की प्रतीकात्मक शुरूआत की गई।

मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस दौरान कई पुरूष श्रद्धालुओं ने जटायु सेना का सदस्य बनने का संकल्प लिया। जिसके बाद वह लड़कियों और महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध रोकने के लिए सक्रिय रहेंगे।

जानकारी के मुताबिक इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने करवान इलाके के नदीम को सम्मानित भी किया, क्योंकि हैदराबाद के वो पहले शख्स थे जिन्होंने तेलंगाना के रंग रेड्डी गाँव में मोइनबाद मंडल के पास एक छोटी बच्ची का बलात्कार होने से बचाया था। पुजारियों ने उन्हें इस दौरान आशीर्वाद के साथ ‘जटायु सेना’ का पहला सदस्य होने का सम्मान दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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