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झारखंड में हिन्दू नेता की हत्या, पेट्रोल बम लेकर आए थे हमलावर: गर्दन पर घाव के कारण गिर पड़े, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने भाजी लाठियाँ

घटना चक्रधरपुर क्षेत्र की है। कमलदेव गिरी पर हमला भारत भवन में हुआ, जहाँ वो अपने दोस्त शंकर सिंह के साथ रुके हुए थे। घटना के कुछ समय पहले उन्होंने भाजपा नेताओं से मुलाक़ात की थी।

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में हिन्दू नेता कमलदेव गिरी की हत्या कर दी गई है। हत्या के लिए उन पर बोतल बम फेंका गया है। कमलदेव की मौत की खबर सुन कर पूरे जिले में तनाव फ़ैल गया है। हालात को संभालने के लिए पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फ़ोर्स को भी तैनात किया गया है। घटना के बाद पथराव और तोड़फोड़ की भी सूचना है। घटना शनिवार (12 नवम्बर, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना चक्रधरपुर क्षेत्र की है। कमलदेव गिरी पर हमला भारत भवन में हुआ, जहाँ वो अपने दोस्त शंकर सिंह के साथ रुके हुए थे। घटना के कुछ समय पहले उन्होंने भाजपा नेताओं से मुलाक़ात की थी। थोड़ी देर के बाद ‘भारत भवन’ में हाथों में पेट्रोल बम लेकर 3 हमलावर आए। उन्होंने पहला वार कमलदेव की पीठ पर किया जिस से वो बच गए। इस दौरान उन्होंने अपने दोस्त शंकर सिंह को भागने के लिए कहा और अपनी बाइक स्टार्ट करने की कोशिश करने लगे।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान कमलदेव पर 2 बम और फेंके गए। इस हमले से गिरी की गर्दन पर घाव हो गया और वो वहीं गिर पड़े। बाद में उन्हें पास के रेलवे हॉस्पिटल पहुँचाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कमलदेव की हत्या की खबर सुन कर हिन्दू संगठन आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को पवन चौक पर रखा। बताया जा रहा है कि इस दौरान आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन करने वालों की अनुमानित संख्या ढाई से 3000 बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, थोड़ी देर की नारेबाजी के बाद दूसरे पक्ष के लोग भी जमा हो गए। इस दौरान दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। हिंसक माहौल में आधे दर्जन दुकानों में तोड़फोड़ हुई और पुलिस के एक वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर डाला गया। हालात को बिगड़ता देख कर पुलिस ने लाठियाँ भाँजी और आँसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को समझा-बुझा कर शव के अंतिम संस्कार के लिए तैयार करवाया। इस दौरान तनावपूर्ण माहौल में भारी सुरक्षा के बीच कई सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में लाश को श्मशान घाट पहुँचाया गया।

बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम के मुद्दे पर भी कमलदेव के परिजनों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। काफी समझाने के बाद पीड़ित परिजन इसके लिए तैयार हुए। मृतक का पोस्टमार्टम डॉक्टरों द्वारा बनाए गए विशेष पैनल द्वारा किया गया। एहतियातन प्रशासन ने चक्रधरपुर में 19 नवम्बर तक सख्ती से धारा 144 लागू कर दी है। घटना के विरोध में चक्रधरपुर बाजार बंद रहा। किया जाएगा। पुरी के अनुसार कमलदेव गिरी नगर निगम का चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके थे इसलिए उनको विरोधियों द्वारा रास्ते से हटा दिया गया।

भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में झारखंड सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आक्रोश व्यक्त कर रहे लोगों वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “हेमंत सोरेन जी, आपकी तुष्टिकरण एवं विध्वंसकारी राजनीति से झारखंड के लोगों में ज़बरदस्त ग़ुस्सा है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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