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रोटियाँ बनाने से पहले उनमें थूकता था कारीगर जाने आलम: वीडियो हुआ वायरल तो पुलिस ने दबोचा… वकील शाही चिकन कॉर्नर भी हुआ बंद

जाँच में पता चला कि रोटियों पर थूक रहे कारीगर का नाम जाने आलम है। जाने आलम इस ढाबे पर पिछले 8 वर्षों से रोटियाँ बना रहा था। वह मूल रूप से नोएडा के ही जारचा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। जाने आलम को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में खाने-पीने की चीजों पर थूकने का एक और मामला सामने आया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि एक ढाबे पर रोटियाँ बना रहा कारीगर उन पर थूक रहा है। कारीगर आलम को पुलिस ने मंगलवार (17 सितंबर 2024) को गिरफ्तार कर लिया और ढाबे को बंद करवा दिया है। आलम इस ढाबे पर पिछले 8 वर्षों से काम कर रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला नोएडा के थाना क्षेत्र दनकौर का है। सोमवार (16 सितंबर) को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो सितारगंज रोड स्थित एक ढाबे की है, जिसका नाम वकील शाही चिकन कॉर्नर है। ढाबे के बाहर खड़े होकर किसी ने लगभग 37 सेकेंड तक इस वीडियो को बनाया है।

इस वीडियो में तंदूरी रोटी बनाने वाला कारीगर अजीब हरकतें करता नजर आ रहा है। लोगों का आरोप है कि वह रोटियों पर थूक रहा है। इस वीडियो के बाद कारीगर पर कार्रवाई की माँग शुरू हो गई। इस वीडियो को देखकर आसपास के लोगों में रोष फ़ैल गया। मंगलवार (17 सितंबर) को नोएडा पुलिस ने इस वीडियो का संज्ञान लिया और केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।

जाँच में पता चला कि रोटियों पर थूक रहे कारीगर का नाम जाने आलम है। जाने आलम इस ढाबे पर पिछले 8 वर्षों से रोटियाँ बना रहा था। वह मूल रूप से नोएडा के ही जारचा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। जाने आलम को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आलम पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने ऐसी मानसिकता पर चिंता जताई है। पुलिस ने फिलहाल होटल को बंद करा दिया है। वकील शाही चिकन कॉर्नर नाम का यह ढाबा एक दशक से अधिक समय से दनकौर क्षेत्र में बिहारी लाल चौक पर चल रहा था। यहाँ नॉनवेज पसंद करने वाले तमाम लोग आया करते थे।

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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