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‘असतग़्फ़िरुल्लाह, मुस्लिम होकर क्रिसमस मना रहे हो?’: मोहम्मद शमी ने दी क्रिसमस की बधाई तो भड़के इस्लामी कट्टरपंथी, कहा – ये हराम है, अल्लाह से डरो

कुछ यूजर्स ने तो उन्हें अनफॉलो करने तक की धमकी दी। हबीबुल्लाह नाम के यूजर ने लिखा, 'अस्‍तग़फिरूल्‍ला। एक मुसलमान कभी भी क्रिसमस पर विश नहीं कर सकता, क्योंकि इस्लाम में इसकी मनाही है।

टीम इंडिया के तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट को लेकर एक बार फिर से कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल से अपने प्रशंसको को क्रिसमस विश किया था। इसके बाद इंस्टाग्राम से लेकर ट्विटर तक उन्हें निशाना बनाया गया।

मोहम्मद शमी ने रविवार (25 दिसंबर 2022) को अपने ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट से प्रशंसकों को क्रिसमस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने लिखा कि क्रिसमस के मौके पर आपके लिए अमन, खुशी की शुभकामनाओं के साथ ढेर सारा प्यार। फिर क्या था, क्रिसमस के मौके पर जैसे ही उन्होंने पोस्ट शेयर किया कमेंट्स की झड़ी लग गई। ज्यादातर कट्टरपंथियों ने शमी को मुस्लिम होने का हवाला देते हुए नसीहत दी कि क्रिसमस विश न करें। मुस्लिमों ने कहा कि यह हराम है।

इंस्टाग्राम पर अज़ाम अस्लम नाम के एक यूजर ने लिखा कि भाई अल्लाह ने आपको पूरी दुनिया में इज्जत दी है इसलिए कोई भी ऐसा काम न करें जिससे अल्लाह नाराज़ हो जाएँ। अज़ाम अस्लम ने आगे लिखा कि यह पोस्ट डिलीट कर के अल्लाह को इज्जत दो। उसने लिखा, “अल्लाह न किसी का बेटा है न उसका कोई बेटा है। अल्लाह अकेला है और हमेशा अकेला रहेगा। उसके अलावा कोई इबादत के लायक नहीं है। आप मुसलमान हो आप समझो आपसे बहुत मोहब्बत करता हूँ मैं।”

मोहम्मद शमी के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

कुछ यूजर्स ने तो उन्हें अनफॉलो करने तक की धमकी दी। हबीबुल्लाह नाम के यूजर ने लिखा, ‘अस्‍तग़फिरूल्‍ला। एक मुसलमान कभी भी क्रिसमस पर विश नहीं कर सकता, क्योंकि इस्लाम में इसकी मनाही है।

ट्विटर पर एरम नाम की यूजर ने तो एक अटैचमेंट शेयर करते हुए शमी को उसे पढ़ने की नसीहत दी। इसमें यह बताया गया था कि मुस्लिम क्रिसमस क्यों विश नहीं कर सकते। एक ट्विटर यूजर ने मोहम्मद शमी से पूछा कि आप एक मुस्लिम हैं आप क्रिसमस कैसे मना सकते हैं?

मोहम्मद शमी को कोसते समय जब कट्टरपंथी उन्हें इस्लाम का पाठ पढ़ा रहे थे तब एक शब्द “अस्‍तग़फिरूल्‍ला” का इस्तेमाल कर रहे थे। आपको बता दें कि यह एक अरबी शब्द है जिसका इस्तेमाल इस्लाम को मानने वाले अल्लाह से जाने अनजाने किए गए भूल की माफी माँगने के लिए करते हैं।

मोहम्मद शमी के इंस्टाग्राम पोस्ट पर कमेंट्स का स्क्रीन शॉट

यह पहला मौका नहीं है जब मोहम्मद शमी कट्टरपंथियों के निशाने पर आए हों। इसके पहले भी दशहरे के अवसर पर जब उन्होंने पोस्ट साझा किया था तब भी कट्टरपंथियों ने उनपर हमला बोला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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