Thursday, July 25, 2024
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अम्फान चक्रवात ने दी ओडिशा में दस्तक, 200 km/h पहुँचेगी रफ्तार: कई जगह हाई अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि तूफान से सबसे भारी तबाही पश्चिम बंगाल और ओडिशा के छह जिलों में होगी। ओडिशा के बालासोर-भद्रक-मयूरभंज-जाजपुर जैसे जिलों में रेड अलर्ट जारी है।

सुपर साइक्लोन ‘अम्फान’ (Amphan cyclone) का असर ओडिशा में दिखने लगा है। सुबह तक अनुमान लगाया जा रहा था कि चक्रवाती तूफान अम्फान आज (मई 20, 2020) दोपहर तक ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों से टकरा सकता है। मगर, अब खबर है ओडिशा के भद्रक में अम्फान ने दस्तक दे दी है। यहाँ सुबह 4:30 बजे से ही 82 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तेज हवाएँ चलनी शुरू हो गईं हैं।

खबरों के अनुसार, हवाओं की वजह से ओडिशा में पेड़ टूटकर गिरने लगे हैं। स्थिति ये बन गई है कि फायर सर्विसेज टीम वाहनों की आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं, और आपातकालीन सेवा कर्मियों की सुविधा के लिए भद्रक में आर एंड बी कार्यालय के पास सड़क पर गिरे पेड़ों को हटा रही है।

वहीं, तटिए इलाके के लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुँचा दिया गया है। बाकी स्थिति पर राज्य सरकार के अधिकारी नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिन में करीब 2:30 बजे के आसपास चक्रवात ओडिशा के तट से टकराएगा।

अभी और बढ़ेगी अम्फान चक्रवात की रफ्तार

मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा में काफी रफ्तार में आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि इसकी गति अभी और बढ़ेगी। आज दोपहर तक पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हादिया में टकरा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ओडिशा के पारादीप तट के पास पहुँचने वाला है। सुबह 8:30 बजे यह मात्र पारादीप तट से 120 किलोमीटर दूर पूर्व-दक्षिण पूर्व में था। मौसम विभाग ने दोपहर तक इसके तट से टकराने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार, जब अम्फान तटीय इलाकों से टकराएगा तो इसकी रफ्तार 200 किमी प्रति घंटा की हो सकती है। मुख्य रूप से इस तूफान का खतरा पश्चिम बंगाल, ओडिशा में है, लेकिन पूर्वोत्तर के कई राज्य भी अलर्ट पर हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया है।

भारत मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आज अम्फान के पश्चिम बंगाल के तट पर टकराने की भी संभावना है। जिसके कारण 155 किलोमीटर से 185 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएँ चलेंगी और भारी बारिश का अनुमान है।

कहा जा रहा है कि इस दौरान बंगाल के तटीय जिलों में भारी बारिश होगी और समुद्र में 4-5 मीटर ऊँची लहरें उठेंगी, जिसके कारण मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों में अगले कुछ दिनों तक मछुआरों को तटीय इलाकों में जाने की सख्त मनाही है।

अम्फान चक्रवात (Amphan cyclone) का कहाँ-कहाँ होगा असर

मौसम विभाग ने कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में हुई एनसीएमसी की बैठक में बताया कि तूफान से सबसे भारी तबाही पश्चिम बंगाल और ओडिशा के छह जिलों में होगी। मंगलवार को यह तूफान ओडिशा तट के करीब पहुँच गया और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पूर्वी मेदिनीपुर, दक्षिणी एवं उत्तरी 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता पर सबसे बुरा असर होगा।

अनुमान है कि इलाकों में हवा की रफ्तार 75 किमी. प्रति घंटा से शुरू होकर 190 किमी. प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। बता दें कि फिलहाल ओडिशा के बालासोर-भद्रक-मयूरभंज-जाजपुर जैसे जिलों में रेड अलर्ट जारी है।

पश्चिम बंगाल में 19 एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें तैनात

अम्फान चक्रवात के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 19 टीमों को तैनात किया गया है। दक्षिण-24 परगना में 6 टीमें, पूर्वी मिदनापुर और कोलकाता में 4 टीमें, उत्तर-24 परगना में 3 टीमें, हुगली और हावड़ा में 1 टीम तैनात किया गया है। इसकी जानकारी खुद एनडीआरएफ के दूसरे बटालियन के कमांडेंट निशित उपाध्याय ने दी है।

गृह मंत्रालय ने पहले ही दे दी थी चेतावनी

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 18 मई को गृह मंत्रालय ने अम्फान तूफ़ान (Amphan Cyclone) को लेकर चेतावनी जारी की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि अभी इसके और आक्रामक होने की आशंका है। ये अब एक ‘सुपर साइक्लोन’ में बदल जाएगा।

मंत्रालय ने इस दौरान बताया था कि सोमवार (मई 18, 2020) की शाम से इसके और खतरनाक होने की आशंका है, जिसके बाद ये और ज्यादा तबाही मचा सकता है। बांग्लादेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाक़ों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी।

इसके बाद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी साउथ बे ऑफ बंगाल के ऊपर अम्फान की गति तीव्र होने की सूचना दी थी और चेताया था कि ये एक खतरनाक चक्रवात में तब्दील हो रहा है। जिसके कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाक़ों के लिए तो अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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