Homeदेश-समाजजर्मन हथियार-गोली, 5kg सोना, ₹5 करोड़ नगद, देश-विदेशी में संपत्ति: INLD नेता दिलबाग सिंह...

जर्मन हथियार-गोली, 5kg सोना, ₹5 करोड़ नगद, देश-विदेशी में संपत्ति: INLD नेता दिलबाग सिंह के घर छापा, अवैध खनन मामले में कॉन्ग्रेस विधायक भी

ED की छापेमारी कॉन्ग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार और इंडियन नेशनल लोक दल के पूर्व MLA दिलबाग सिंह के 20 ठिकानों पर की गई। इसमें INLD नेता के घर से करोड़ों रुपए की नगदी और विदेशी हथियार मिले हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार (4जनवरी 2024) को हरियाणा में अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी की। ये छापेमारी कॉन्ग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार और इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के पूर्व MLA दिलबाग सिंह के ठिकानों पर की गई। इसके तहत दोनों नेताओं और उनसे जुड़े यमुनानगर, सोनीपत, मोहाली, फरीदाबाद, चंडीगढ़ के 20 ठिकानों में छापेमारी की गई। इसमें INLD नेता के घर से करोड़ों रुपए की नगदी और विदेशी हथियार मिले हैं।

ईडी की छापेमारी में INLD के पूर्व MLA दिलबाग सिंह और उसके सहयोगियों के ठिकानों से लगभग 5 करोड़ रुपए की नगदी बरामद की गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बरामद की गई नगदी की गिनती अभी भी जारी है।

यहीं नहीं अवैध जर्मनी मेड हथियार, 300 कारतूस, 100 से अधिक शराब की बोतलें भी छापेमारी में मिलीं हैं। INLD नेता दिलबाग सिंह के घर से ईडी को जाँच के दौरान 4-5 किलो सोना के साथ-साथ भारत और विदेशों में चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

ईडी के मुताबिक, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत ये कार्रवाई की गई है। बताते चलें कि सुरेंद्र पंवार सोनीपत से कॉन्ग्रेस के विधायक हैं। जबकि दिलबाग सिंह यमुनानगर सीट से INLD के विधायक रह चुके हैं। मनी लॉन्ड्रिंग का ये केस हरियाणा पुलिस में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।

खनन की लीज खत्म होने और अदालत के आदेशों को दरकिनार कर यमुनानगर और आसपास के जिलों में बोल्डर, बजरी और रेत के कथित अवैध खनन की जाँच के लिए FIR दर्ज की गई थी। इसी को लेकर अब ईडी की कार्रवाई की गई।

इस मामले में केंद्रीय एजेंसी ईडी ‘ई-रावण’ योजना में कथित धोखाधड़ी की भी जाँच कर रही है। दरअसल ये एक ऑनलाइन पोर्टल है, जिसे रॉयल्टी और करों के संग्रह को आसान बनाने और खनन क्षेत्रों में कर चोरी को रोकने के लिए 2020 में हरियाणा सरकार लेकर आई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खंजर से चीरी कोख, निर्वस्त्र की गई बहन… सब भूल जाओ, जिया की चाँद बाली पर लिखो नज्म: पढ़िए Arfa Khanum को क्यों भायी...

इम्तियाज अली की फिल्म में जिया और कीनू की प्रेम कहानी विभाजन की असली वीभत्सता को सूफियाना रोमांस के पीछे छिपाने की शातिर कोशिश है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष का प्रोपेगेंडा फेल, श्रद्धालुओं की आस्था अटूट: आँकड़े बता रहे हैं कि अयोध्या में रामलला के दर्शन पर...

सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर निर्माण के 5 साल बाद सपा को मंदिर-प्रबंधन की पारदर्शिता की याद क्यों नहीं आई? यह 'चिंता' अचानक तभी क्यों जागी जब 2027 का विधानसभा चुनाव सिर पर है?
- विज्ञापन -