Homeदेश-समाज'दिल्ली पुलिस में भी हमारे जासूस, तुम्हारी हर चीज पर है हमारी नजर': एक...

‘दिल्ली पुलिस में भी हमारे जासूस, तुम्हारी हर चीज पर है हमारी नजर’: एक हफ्ते में तीसरी बार गौतम गंभीर को ‘ISIS कश्मीर’ की धमकी

धमकी भरा यह ईमेल शनिवार (27 नवम्बर 2021) को दोपहर में 1.27 बजे आया है। भेजने वाले का याहू एकाउंट [email protected] है।

आतंकी संगठन ISIS के नाम से एक बार फिर पूर्व क्रिकेटर और दिल्ली के भाजपा सांसद गौतम गंभीर को धमकी दी गई है। गौतम गंभीर को एक ही माह में यह तीसरी धमकी है। इस धमकी में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस में भी उनके जासूस हैं। यह धमकी उन्हें ई मेल से दी गई है। इसमें IPS श्वेता चौहान का भी नाम लिया गया है। श्वेता चौहान वर्तमान में दिल्ली पुलिस में DCP सेन्ट्रल के पद पर हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी भरा यह ईमेल शनिवार (27 नवम्बर 2021) को दोपहर में 1.27 बजे आया है। भेजने वाले का याहू एकाउंट [email protected] है। धमकी में कहा गया है कि हमें तुम्हारी एक-एक जानकारी मिल रही है। दिल्ली पुलिस में भी हमारे लोग मौजूद हैं। पुलिस और IPS श्वेता चौहान हमारा कुछ कर नहीं सकते। पहले मिली धमकियों पर DCP श्वेता चौहान ने ही मीडिया को जानकारी देते हुए पुलिस द्वारा उठाए गए सुरक्षा के क़दमों के बारे में बताया था।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते गौतम गंभीर ने खुद को जान से मारने की धमकी की शिकायत पुलिस में की थी। तब उन्होंने बताया था कि ISIS कश्मीर से खुद का परिचय देने वाला उन्हें धमकी भरे मेल भेज रहा है। उन्हें पहली धमकी 23 नवंबर की रात को आई थी। पहली ई मेल में लिखा था कि, ‘जल्द ही तुम्हारे परिवार वालों को मार दिया जाएगा।, दूसरी धमकी में लिखा गया था कि, ‘कल तुम्हे मारने की तैयारी थी पर तुम बच गए।’ इसी में आगे कहा गया था कि अगर अपने परिवार से प्यार करते हो तो राजनीति से दूर रहो। यह दूसरी मेल 24 नवम्बर को भेजी गई थी।

दूसरी ई मेल में गौतम गंभीर के घर की बाहर से बनाई गई वीडियो भी अटैच की गई थी। जाँच के दौरान दिल्ली पुलिस ने धमकी भेजने वाले की जानकारी गूगल से मँगवाई थी। बताया जा रहा है कि ई मेल भेजने वाले का पता पाकिस्तान में निकला था। इन धमकियों के बाद गौतम गंभीर के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -