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बांग्लादेश बॉर्डर से गुजरात ATS ने अब्दुल रजा गाजी को पकड़ा, अहमदाबाद ब्लास्ट में था वांछित

गाजी ने लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों जुल्फिकार कागजी और अबु जुंदाल को शरण दी थी, जिन पर 2006 में कालूपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बम लगाने का आरोप था। इसके अलावा उसने विस्फोट के बाद दोनों की बांग्लादेश सीमा पार करने में भी मदद की। इसके बाद दोनों बांग्लादेश से पाकिस्तान भाग गए।

गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने अहमदाबाद के कालूपुर रेलवे स्टेशन पर 2006 में हुए विस्फोट के एक आरोपित को पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश की सीमा से लगे एक गाँव से गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि अब्दुल रजा गाज़ी 14 साल से फरार था।

गुजरात ATS के एसपी इम्तियाज़ शेख ने बताया कि एक टीम ने पश्चिम बंगाल की पुलिस के मदद से आरोपित अब्दुल गाजी को बांग्लादेश बॉर्डर के पास बशीरहाट से गिरफ्तार किया है। वह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का सक्रिय सदस्य है। उसने हमले में शामिल मुख्य आरोपितों को अपने पास शरण भी दी थी।

एटीएस के अनुसार, गाजी ने लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों जुल्फिकार कागजी और अबु जुंदाल को शरण दी थी, जिन पर 2006 में कालूपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बम लगाने का आरोप था। इसके अलावा उसने विस्फोट के बाद दोनों की बांग्लादेश सीमा पार करने में भी मदद की। इसके बाद दोनों बांग्लादेश से पाकिस्तान भाग गए।

बता दें इस मामले के पाँच अन्य आरोपी- महमद आमिर शकील अहमद शेख, सैय्यद आकिब, महमद इलियास अब्दुल मेमन, महमद असलम कश्मीरी और अबू जुंदाल को पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया था।

महाराष्ट्र एटीएस की टीम ने 2006 के बम विस्फोटों के बाद, 8 मई, 2006 को औरंगाबाद के पास चंदवाड़-मनमाड राजमार्ग पर संदिग्ध कारों का पीछा कर तीन आतंकी को गिरफ्तार किया था। वहीं पुलिस ने खुलनाबाद येओला और मालेगाँव क्षेत्र से 6 एके 47 राइफल, 3200 जिंदा कारतूस, 43 किलोग्राम आरडीएक्स और 50 हैंड ग्रेनेड जब्त किए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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