Homeदेश-समाजनशे में धुत हो धार्मिक समारोह में गा रहा था गाना, लोगों ने स्टेज...

नशे में धुत हो धार्मिक समारोह में गा रहा था गाना, लोगों ने स्टेज पर चढ़कर की पिटाई: Video वायरल

घटना गुजरात के बोताड की है। गुजरात में शराब पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके गायक नशे में धुत था। लोगों को उसकी यह हरकत इसलिए भी ज्यादा नागवार गुजरी क्योंकि कार्यक्रम धार्मिक था।

धार्मिक समारोह में शराब पीकर लोकसंगीत गाना एक गायक को महंगा पड़ गया। सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि धार्मिक समारोह के दौरान वहाँ मौजूद एक व्यक्ति ने नशे में धुत गायक को स्टेज पर चढ़कर चांटा जड़ दिया। उसके बाद भी उस व्यक्ति का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह दोबारा गायक को मारने के लिए आगे बढ़ा। मामले को वहीं रोकने के लिहाज से दूसरे युवक को स्टेज पर चढ़ दखल देना पड़ा।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को गुजरात के पत्रकार जनक दवे ने शेयर करते हुए पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि समारोह में गायक शराब पीकर गाना गा रहा था। इस दौरान उसका न सुर मिल रहा था और न ताल। वहाँ मौजूद लोगों ने उसकी धुनाई कर दी। पत्रकार दवे के अनुसार कार्यक्रम धार्मिक था। लिहाजा लोगों को गायक की यह हरकत और नागवार गुजरी।

बता दें ये वीडियो गुजरात के बोताड का है। जिसमें मात्र 13 सेकेंड में ही गायक की आवाज सुनकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वो अपने होश में नहीं था और जनता को बरगलाने के लिए कुछ भी गा रहा था। ऐसे में उसके सुर लगातर बिगड़ रहे थे, जिससे वहाँ मौजूद जनता निराश तो हो रही थी, लेकिन कुछ बोल नहीं पा रही थी। तभी एक युवक से ये सब बर्दाशत नहीं हुआ और वह स्टेज पर चढ़ गया। पहले उसने गायक को एक चांटा मारा और फिर दूसरा। इसके बाद वहाँ बैठे अन्य लोग भी गायक का विरोध करने लगे। कुछ लोग स्टेज पर भी आए, ताकि गुस्साए युवक से गायक को बचाया जा सके।

गौरतलब है कि गुजरात एक ऐसा प्रदेश है जहाँ शराब खरीदना और शराब बेचना दोनों निषेध है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -