Homeदेश-समाज11 साल के बच्चे के साथ मदीना मस्जिद के मौलाना ने कई बार किया...

11 साल के बच्चे के साथ मदीना मस्जिद के मौलाना ने कई बार किया कुकर्म, मदरसे के कमरे में ले जाता था: पुलिस के सामने कबूला- हाँ, मैंने ही किया है

पीड़ित बच्चे ने बताया कि वह मदीना मस्जिद के आवास में 15-20 छात्रों के साथ तीसरी मंजिल पर रहता था। इस साल स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के दौरान मौलाना जावेद ने उसे अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ कुकर्म किया। उसने छात्र को धमकाया कि अगर किसी को कुछ बताया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। इसके बाद मौलाना ने उसका कई बार रेप किया।

दिल्ली (Delhi) के एक मदरसे में मौलवी द्वारा 11 साल के छात्र का यौन शोषण करने (Rape in Madrasa) का मामला सामने आया है। बच्चे की माँ की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने करावल नगर स्थित मदीना मस्जिद के 24 वर्षीय मौलवी मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार कर लिया है।

दिल्ली के शिव विहार इलाके के करावल नगर के मदीना मस्जिद के मदरसे में 11 साल का एक छात्र पिछले चार साल से रहकर पढ़ाई करता था। बीते 7 अक्टूबर 2022 को ईद की छुट्टियों में वह घर गया। जब उसकी माँ अपने बेटे को मदरसा ले गई तो वह वहाँ रहने को तैयार नहीं था।

इस दौरान बच्चे ने अपनी माँ को कुछ बताया नहीं। बहुत समझाने-बुझाने के बाद वह मदरसे में रहने के लिए राजी हुआ, लेकिन 11 अक्टूबर 2022 को वह मदरसे से भागकर घर पहुँच गया। उसने मदरसे के मौलाना जावेद के कुकर्मों की जानकारी अपने परिजनों को दी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत की, जहाँ मौलाना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 और पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जाँच-पड़ताल शुरू कर दी।

काउंसलिंग के दौरान पीड़ित बच्चे ने बताया कि वह मदीना मस्जिद के आवास में 15-20 छात्रों के साथ तीसरी मंजिल पर रहता था। इस साल स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के दौरान मौलाना जावेद ने उसे अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ कुकर्म किया। उसने छात्र को धमकाया कि अगर किसी को कुछ बताया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। डर से छात्र चुप रहा। इसके बाद मौलाना ने उसका कई बार रेप किया।

जावेद को पुलिस ने मदीना मस्जिद से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में मौलवी जावेद ने अपना अपराध को स्वीकार कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि वह शादीशुदा है और अपनी पत्नी एवं छोटी-सी बेटी के साथ मस्जिद परिसर में ही रहता है। वह मदरसे में 24 मार्च 2022 से बच्चों को पढ़ा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -