Sunday, July 14, 2024
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‘गाँव छोड़कर भागो’: पलवल के मुस्लिम बहुल इलाके में हिंदू के घर में फरसा-कट्टा लेकर घुसे दिलशाद-इरशाद, पोस्ट किया था- रोहिंग्या को नागरिकता मत दो

शिकायत के अनुसार, कमजोर आर्थिक स्थिति और गाँव में हिंदू परिवारों की संख्या कम होने के कारण आरोपितों ने परिवार पर कई बार हमले किए। इन हमलों से पीड़ित हिन्दू परिवार को डरा हुआ है। शिकायतकर्ता पीड़ित ने कहा कि परिवार पर पहले भी हमले हो चुके हैं और विवादों को सुलझाने के उनके सभी प्रयास बेकार गए हैं।

हरियाणा के पलवल के मुंडकटी थाना अंतर्गत गाँव सराय में एक हिंदू परिवार पर जानलेवा हमला किया गया है। इसके साथ ही उसे गाँव छोड़ने की भी धमकी दी गई है। मुस्लिम बहुल इस गाँव में रहने वाले इस हिंदू परिवार के घर कई आरोपित लाठी, डंडा, फरसा और देशी कट्टा लेकर घुस गए और वारदात को अंजाम दिया। हिंदू परिवार ने रोहिंग्या विरोधी मैसेज शेयर किया था, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया।

दरअसल, रोहिंग्या घुसपैठियों की नागरिकता रोकने के लिए हिन्दू परिवार के एक सदस्य ने फेसबुक पर पोस्ट डाला था। इसके बाद हिंदू परिवार से मारपीट की गई और गाँव छोड़ने के लिए कहा गया। पुलिस शिकायत के अनुसार, गाँव के दिलशाद, इरशाद, जहीर और कई अन्य लोग लाठी-डंडों, फरसा और कट्टे से लैस होकर दीपक के घर में जबरन घुस गए और तोड़फोड़ करने लगे। 

वहीं, इस मामले की जानकारी देते हुए मुंडकटी थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि सराय गाँव निवासी दीपक ने 15 अगस्त 2023 को एक घटना के बारे में शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में मुंडकटी थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट, मारपीट, जान से मारने की धमकी समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

शिकायत के अनुसार, कमजोर आर्थिक स्थिति और गाँव में हिंदू परिवारों की संख्या कम होने के कारण आरोपितों ने परिवार पर कई बार हमले किए। इन हमलों से पीड़ित हिन्दू परिवार को डरा हुआ है। शिकायतकर्ता पीड़ित ने कहा कि परिवार पर पहले भी हमले हो चुके हैं और विवादों को सुलझाने के उनके सभी प्रयास बेकार गए हैं।

थाना प्रभारी सचिन कुमार ने कहा कि घटना के संबंध में जहीर, दिलशाद और इरशाद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं संदिग्धों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं और शीघ्र ही उनकी गिरफ्तारी की उम्मीद है।

गौरतलब है कि यह घटना भी हरियाणा के नूहं में जलाभिषेक यात्रा पर मुस्लिमों के हमले की तरह ही है। नूहं भी एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, जो बिगड़ती कानून व्यवस्था, गाय तस्करी और विभिन्न सामाजिक बुराइयों के लिए कुख्यात है। नूहं में ही 31 जुलाई को शोभायात्रा पर कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ द्वारा हमला किया गया था, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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