Monday, July 22, 2024
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दिल्ली में फ्लाईओवर पर थी मजार, ढाह दी गई? सोशल मीडिया पर लोग शेयर कर रहे पहले और अब की तस्वीर

साल 2021 में, ऑपइंडिया ने दिल्ली के आज़ादपुर फ्लाईओवर पर बनी इस अवैध मजार के बारे में बड़े पैमाने पर रिपोर्ट की थी, जिससे बड़े ट्रैफिक जाम लग रहे थे और यात्रियों के लिए असुविधाएँ हो रही थीं।

सोशल मीडिया पर 9 जनवरी 2024 की सुबह से एक वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो आजादपुर फ्लाईओवर का है। इसमें दावा किया जा रहा है कि आज़ादपुर फ्लाईओवर पर बनी अवैध मजार को हटा दिया गया है। इस मजार के खिलाफ लोग दो साल से शिकायत कर रहे थे।

एक्स यूजर अजय चौहान ने इस संबंध में एक वीडियो शेयर की है। वो इसमें दिखा रहे हैं कि जो मजार पहले आजादपुर फ्लाईओवर पर हुआ करती थी वो अब वहाँ नहीं हैं। उसे हटा दिया गया है।

सागर मलिक ने भी ऐसी वीडियो को शेयर करके लिखा है, “काफी लम्बे संघर्ष के बाद साफ हुई आज़ादपुर फ्लाईओवर पर स्थित अवैध मज़ार। धन्यवाद।”

पत्रकार सागर कुमार ने इस संबंध में लिखा, “जब से माँ झंडेवाला देवी मंदिर का ट्रैफिक का बता कर गेट तोड़ा गया। उसके बाद से हमने सवाल उठाया सड़कों और फ्लाईओवर को घेर का मज़ार जो बनी है उसका क्या..? आज आदर्श नगर फ़्लाईओवर पर बनी मज़ार को हटा दिया गया। सीजनल हिंदुओं को ध्यान से देखना चाहिए। उनको लगता है वो आवाज़ नहीं उठाएँगे तो कोई नहीं उठाएगा।”

गौरतलब है कि साल 2021 में, ऑपइंडिया ने दिल्ली के आज़ादपुर फ्लाईओवर पर बनी इस अवैध मजार के बारे में बड़े पैमाने पर रिपोर्ट की थी, जिससे बड़े ट्रैफिक जाम लग रहे थे और यात्रियों के लिए असुविधाएँ हो रही थीं।

2021 में उठा था विवाद

साल 2021 में ये मामला तब उठा था जब ‘O न्यूज’ ने एक वीडियो डाली थी, जिसमें एक हिंदू युवक मजार के प्रबंधक सिकंदर से सवाल कर रहा था। इसी वीडियो में देखा गया था कि पुलिसकर्मियों ने बीच में आकर उस युवक को धमकाना शुरू कर दिया था और सड़क किनारे उसे ऐसे मुद्दे उठाने को मना कर रहे थे। जब इस पर हिंदू युवक ने अपने अधिकार की बात की थी उसे पकड़कर वैन में डाल दिया गया था।

मजार का प्रबंधन देखने वाले सिकंदर ने दावा किया था कि यह मजार 1950 से पहले बनाई गई थी और उनके दादा और पिता भी मजार का मैनेजमेंट देखते थे। सिकंदर ने यह भी कहा था फ्लाईओवर के नीचे पीर बाबा की कब्र के साथ एक मजार है, और जो फ्लाईओवर के ऊपर है उसे बाद में 1982-83 के आसपास बनाया गया था।

जबकि, हकीकत यह है कि जिस फ्लाईओवर पर यह मजार थी वो खोला ही 2009 में गया था। इतना ही नहीं, फ्लाईओवर का निर्माण भी 1982 में शुरू नहीं हुआ था जैसा कि दावा किया गया। इस फ्लाईओवर का निर्माण दिल्ली में 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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