Homeदेश-समाजचुम्मा लेने के लिए जगह चाहिए, BBC का ₹99 में 'कपल्स केबिन' का ऑफर:...

चुम्मा लेने के लिए जगह चाहिए, BBC का ₹99 में ‘कपल्स केबिन’ का ऑफर: इंदौर के कैफे का विज्ञापन वीडियो वायरल, केस

इंदौर के कैफे का नाम बीबीसी कैफे है जो इंदौर के छत्रीपुरा थाने के पास स्थित है। कैफे के वायरल विज्ञापन के अनुसार प्रेमी जोड़े यहाँ 99 रुपए प्रति घंटे की दर से प्राइवेट केबिन बुक कर सकते हैं। इस कैफे का एड वायरल होने के बाद इस पर कार्रवाई की माँग उठ रही है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कैफे का विज्ञापन सोशल मीडिया पर वायरल है। लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और विरोध शुरू कर दिया। विज्ञापन में कैफे संचालक दीपेश जैन प्रेमी जोड़ों को प्राइवेट केबिन देकर किस करने की जगह देने का पैगाम दे रहा था। लोगों के विरोध के बाद पुलिस ने कैफे संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल संचालक दीपेश फरार है।

रिपोर्टों के मुताबिक कैफे संचालक ने कैफे में केबिन बनवाए हुए हैं। इन्हीं कैबिन को किराए पर देने के ऑफर पर बवाल मचा हुआ है। कैफे का नाम बीबीसी कैफे है जो इंदौर के छत्रीपुरा थाने के पास स्थित है। कैफे के वायरल विज्ञापन के अनुसार प्रेमी जोड़े यहाँ 99 रुपए प्रति घंटे की दर से प्राइवेट केबिन बुक कर सकते हैं। दीपेश जैन ने कलाकारों द्वारा इस विज्ञापन की शूटिंग करवाई थी। इसके बाद वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपलोड कर दिया था।

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि नौजवानों में अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि कैफे में पहले से ही कपल्स को विशेष सुविधाएँ दी जाती थीं। बताया तो यह भी जा रहा है कि इंदौर में कई ऐसे कैफे हैं जहाँ कपल्स को एकांत दिया जाता है।

वीडियो का क्यों हो रहा है विरोध?

वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि एक लड़का-लड़की सार्वजनिक जगह पर बैठे हुए हैं। लड़की, लड़के को अश्लील इशारा करती है और कहती है कि अब वे किस कर सकते हैं। इसके बाद दोनों किस करने के लिए एकांत तलाशने लगते हैं। दोनों एक लिफ्ट में जाते हैं, लेकिन वहाँ कोई और आ जाता है। फिर दोनों ऑटो में सवार होते हैं, यहाँ भी ऑटो ड्राइवर उन्हें देखता रहता है। इसी बीच लड़की को कैफे के बारे में जानकारी मिलती है। जहाँ सिर्फ 99 रुपए में एक प्राइवेट केबिन मिलता है। लड़की अपने साथ लड़के को कैफे की तरफ ले जाती है। इसी वीडियो को लोग अश्लीलता को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -