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563 साल पहले आज ही इस शहर की पड़ी थी नींव, 7 दिन में मोदी के मंत्री ने कोविड से जंग में कर दिखाया कमाल

सेंटर के लिए गैस सिलेंडर दुबई से आया है तो मॉनिटर्स लंदन से। ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर जर्मनी से खरीदे गए हैं। वेंटिलेटर बेड इंग्लैंड से आ रहे हैं।

साल 1459 की 12 मई को राव जोधा ने राजस्थान के जोधपुर शहर की स्थापना की थी। कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार यह शहर पुराने अंदाज में फाउंडेशन डे नहीं मना रहा। लेकिन, इसी आपदा के बीच हुए एक प्रयास को लेकर इन दिनों यह शहर चर्चा में है। केंद्र की मोदी सरकार में जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की पहल पर केवल सात दिनों में यहाँ अत्याधुनिक कोविड रिलीफ सेंटर तैयार हो गया है।

अटल कम्युनिटी कोविड रिलीफ सेंटर को सोमवार (10 मई 2021) को शेखावत ने औपचारिक तौर पर संचालन के लिए एम्स जोधपुर को सौंप दिया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “यह कोविड रिलीफ सेंटर जोधपुर ही नहीं, आसपास के क्षेत्र के अस्पतालों पर दबाव कम करेगा। यह एम्स जोधपुर से संबद्ध है और सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होने की वजह से एक तरह से उसके सहयोगी की भूमिका में संचालित रहेगा।” इसके लिए उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का भी आभार जताया है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में बताया गया है कि शेखावत 19 अप्रैल को जोधपुर आए थे। उसी वक्त जिला प्रशासन ने इस सेंटर की जरूरत बताई थी। उनके हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, “मैं जब एक मई को दिल्ली से जोधपुर लौटा तो पाया कि जोधपुर में एक-एक बेड के लिए लोग रात-रात भर इंतजार कर रहे थे। लोग परेशान और दुखी थे। तभी व्यथित मन से संकल्प लेकर वरिष्ठ साथियों के साथ बैठकर चर्चा की और यह बीड़ा उठाया।”

120 बेड के इस सेंटर में ऑक्सीजन और आईसीयू समेत तमाम सुविधा मौजूद है। दुनियाभर से इसके लिए सहयोग मिला है। सेंटर के लिए गैस सिलेंडर दुबई से आया है तो मॉनिटर्स लंदन से। ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर जर्मनी से खरीदे गए हैं। वेंटिलेटर बेड इंग्लैंड से आ रहे हैं। एम्स के डॉक्टरों और कर्मियों की निगरानी में यहाँ इलाज होगा। बिजली की आपूर्ति निर्बाध रखने के लिए एक विशाल जेनरेटर लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मरीजों के नि:शुल्क भोजन का जिम्मा स्थानीय जैन समाज ने उठाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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