Monday, July 15, 2024
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मनीष गुप्ता मामले में पत्नी को OSD की नौकरी, मुआवजा: CM योगी ने मानीं सभी माँगे, यूपी में सभी दागी पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज

मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने कहा क‍ि मुख्यमंत्री जी मुझसे अभिभावक की तरह मिले और उनसे मिलकर पूरी तरह संतुष्ट हूँ। पीड़ित परिवार के अनुसार उनकी सभी माँगे मान ली गई हैं। मुख्य माँगो में मुआवजा, नौकरी और कानपुर केस ट्रांसफर करना शामिल था जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई है।

पिछले लगभग 24 घंटों से जो मामला मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियाँ बना हुआ है वह है गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की असामयिक मृत्यु। बीच मे पुलिस का नाम आने से इस मामले ने कुछ ही समय में राजनैतिक तूल भी पकड़ लिया है और इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएँ हो रही हैं। आज मनीष की पत्नी मीनाक्षी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं और बहुत हद तक उनके दिए आश्वासन और त्वरित कार्रवाई से संतुष्ट नजर आईं।

वहीं CM योगी ने इस मामले में जाँच के साथ सभी दागी पुलिस कर्मियों पर जाँच बिठाकर उन्हें बर्खास्त करने की बात भी कही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, “2 दिन पहले गोरखपुर में एक दुखद घटना घटी थी। मैंने उसी दिन गोरखपुर पुलिस को कहा था कि तत्काल मुकदमा दर्ज़ होना चाहिए और दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी, अपराधी होता है। मैंने कल सुबह ही यहाँ के ज़िला प्रशासन को कहा था कि मैं पीड़ित परिवार से मिलना चाहूँगा।”

आइए सिलसिलेवार क्रम से जानते हैं कि क्या है ये पूरा प्रकरण और अब तक क्या हुई है इसमें कार्रवाई?

कौन थे मनीष गुप्ता

कानपुर के बर्रा क्षेत्र के निवासी मनीष गुप्ता प्रॉपर्टी डीलिंग का काम किया करते थे। माँ-बाप की इकलौती सन्तान 35 वर्षीय मनीष गुप्ता का विवाह 5 वर्ष पहले मीनाक्षी गुप्ता से हुआ था जिसके बाद वो नोएडा में रहने लगे थे। मनीष गुप्ता का 4 वर्ष का एक बेटा भी है। कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन में मनीष वापस कानपुर आ गए थे।

कब की और कहाँ की है ये घटना

ऑपइंडिया को इस पूरे प्रकरण से संबंधित प्राप्त FIR संख्या 0391 के अनुसार वादिनी मीनाक्षी गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके पति इसी महीने की 27 तारीख (27 सितम्बर, 2021) को गोरखपुर के रामगढ़ताल थानाक्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस में ठहरे हुए थे। आधी रात लगभग 12 बजे क्षेत्रीय थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा, सब इंस्पेक्टर विजय यादव व अन्य 3 पुलिसकर्मी मनीष गुप्ता के कमरे में जा कर उनसे अनुचित व्यवहार किए और विरोध करने पर उन्हें बेरहमी से बुरी तरह मारा-पीटा।

बतौर मीनाक्षी गुप्ता, इन्हीं चोटों के चलते उनके पति की मृत्यु हो गई। इसी FIR में प्रार्थिनी ने सभी नामजदों व अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों को कठोर दंड देने की माँग की।

इन आरोपों पर क्या रही गोरखपुर पुलिस की सफाई?

इस पूरे मामले में SSP गोरखपुर IPS विपिन टाडा के बयानों के अनुसार पुलिस संदिग्धों की जाँच के दौरान होटल गई थी जहाँ ये दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम घट गई। बतौर SSP गोरखपुर मृतक ने भागने की कोशिश की जिसमें गिर कर उन्हें गंभीर चोटें आई जिसके फलस्वरूप मनीष की मृत्यु हो गई।

देखें SSP गोरखपुर IPS विपिन टाडा का बयान –

क्या कहती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट

ऑपइण्डिया के पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौजूद है जिसमें मृत्यु का कारण चोट आना बताया गया है। यद्दपि उक्त चोटें मनीष के परिजनों के हिसाब से पुलिस की पिटाई की हैं या पुलिस के अनुसार मनीष गुप्ता के भागने के दौरान लगने से, ये अभी तय नहीं हो पाया है। इस प्रकरण में अंतिम निष्कर्ष उच्चाधिकारियों की जाँच के बाद ही आ पाएगा।

क्या रहा अब तक जिला प्रशासन का एक्शन?

घटना के कुछ समय बाद ही जिला प्रशासन ने गोरखपुर पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस बात की सूचना प्रकशित कर दी थी कि प्रकरण में FIR दर्ज करके 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध FIR भी पंजीकृत हो चुकी है।

पुलिस मुख्यालय की ये रही प्रतिक्रिया

पुलिस मुख्यालय ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने अपने ट्वीट में मृतक मनीष की मृत्यु के मामले में ADG, DIG व SSP को निष्पक्ष जाँच करा कर दोषियों को दण्डित करने के निर्देश दिए हैं।

क्यों सवालों के घेरे में आए DM और SSP?

इस पूरे प्रकरण में मृतक मनीष की पत्नी ने गोरखपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर पर न्याय न मिलने की बात कही। मीनाक्षी गुप्ता ने DM और SSP पर आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने अपने मोबाईल से स्टिंग किया एक वीडियो भी प्रस्तुत किया है जिसमें जिलाधिकारी गोरखपुर FIR न करवाने के पीछे वर्षो तक चलने वाले मुकदमों की बात कर रहे। बगल की सीट पर बैठे SSP भी उनकी बातों को सहमति दे रहे हैं। हालाँकि, अभी तक इस वायरल वीडियो पर उक्त दोनों अधिकारियो की कोई सफाई नहीं आई है।

मृतक की पत्नी ने मामले को राजनीति से दूर रखने का किया आग्रह

इस पूरे प्रकरण को राजनैतिक रूप देने की दिशा में आते कुछ बयानों के चलते मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी काफी व्यथित हैं। पति की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु पर शोक जताती मीनाक्षी गुप्ता ने अपने पति के साथ हुए घटनाक्रम को राजनैतिक रंग देते नेताओं से राजनीति न करने की अपील की है।

उनके खुद के बताए जा रहे ट्विटर हैंडल @MeenakshiMGupt1 से ट्वीट करते हुए उन्होंने 30 सितंबर 2021 को सुबह 11:08 am पर लिखा है कि – “मेरा निवेदन है कृपया मेरे पति की मौत को राजनीतिक मुद्दा मत बनाओ। मैं अपने पति के लिए इंसाफ चाहती हूँ बस। सितंबर 2021 में बने इसी ट्विटर हैंडल से मीनाक्षी गुप्ता ने लगातार अपनी बातों और माँगो को रखा है।

मनीष गुप्ता के परिवार से ऑपइंडिया ने की बात

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मनीष गुप्ता के परिवार को अपने कानपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिलने के लिए बुलाया। ऑपइंडिया से बातचीत करते हुए मृतक मनीष के परिजन सौरभ गुप्ता ने ये जानकारी दी है।

सौरभ गुप्ता के अनुसार उन्हें व उनके परिवार को मनीष की मृत्यु के जिम्मेदार सभी पर न्यायोचित कार्यवाही की प्रतीक्षा है और उन्हें आशा भी है कि योगी जी उनकी माँगों को पूरा करेगें। ध्यान देने योग्य है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्तमान समय में कानपुर के दौरे पर हैं।

जाँच का एक नया बिंदु और अब तक की प्रगति

खबर लिखे जाने तक इस पूरे प्रकरण की जाँच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। ADG गोरखपुर स्वयं जाँच का जिम्मा संभालेंगे। फिलहाल नामजद पुलिसकर्मियों की अब तक गिरफ़्तारी नहीं हुई है। इस मामले में आरोपित थानाध्यक्ष जगत नारायण सिंह पहले कानपुर में भी पोस्टेड रह चुके हैं। पुलिस विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक जगत नारायण सिंह 8 जुलाई 2017 को कानपुर में तबादला होकर आए थे। तब वह सब इंस्पेक्टर थे और बाद में प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बने। आने के चार दिन बाद यानी 12 जुलाई 2017 को उसको पनकी थाने का एसओ बना दिए गए थे जहाँ वो 27 अक्तूबर 2017 तक रहे थे। मृतक के भी कानपुर से होने के चलते जाँच इस एंगल से भी हो रही है कि कहीं कोई दुश्मनी या कोई दूसरा मामला कानपुर से तो नहीं जुड़ा?

ADG कानून व्यवस्था भी SSP गोरखपुर के बयानों से सहमत

जिस बात को घटना के समय से ही एसएसपी गोरखपुर ने आधिकारिक रूप से कहा था उस से उत्तर प्रदेश पुलिस ADG लॉ एन्ड ऑर्डर भी काफी हद तक सहमत होते दिखाई दिए हैं। आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि पुलिस वहाँ होटल में जाँच करने पहुँची थी कि कुछ लोग वहाँ किन वजहों से रुके हैं? इसी दौरान वहाँ पर भगदड़ हुई और गिरने से मनीष गुप्ता को चोट आई है, ऐसा बताया गया है, फिर भी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच करवाई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसको हर हाल में दंड मिलेगा।

मृतक की पत्नी को मिली सरकारी नौकरी साथ ही बढ़ेगी मुआवजा राशि

ताजा समाचार मिलने तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मृतक के परिजनों की मुलाकत के बाद मृतक मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता को KDA (कानपुर विकास प्राधिकरण) में OSD की नौकरी देने का आदेश हुआ है। इसी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिजनों को मिली राहत राशि भी 10 लाख से बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव देने को कहा है।

पीड़ित परिवार ने कहा – ‘योगी जी पर पूर्ण भरोसा

मुख्यमंत्री योगी से मिल कर पीड़ि‍त पर‍िवार ने बताया कि उन्हें आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने कहा क‍ि मुख्यमंत्री जी मुझसे अभिभावक की तरह मिले और उनसे मिलकर पूरी तरह संतुष्ट हूँ। पीड़ित परिवार के अनुसार उनकी सभी माँगे मान ली गई हैं। मुख्य माँगो में मुआवजा, नौकरी और कानपुर केस ट्रांसफर करना शामिल था जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई है।

पूरे प्रदेश के भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री ने चेताया

इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग को कड़ी चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि दागी छवि वाले पुलिस कर्मियों को फील्ड में महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती न दी जाए। इसी के साथ उन्होंने कहा है कि कतिपय पुलिस कर्मियों के अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने की शिकायतें मिली हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। गम्भीर अपराधों में लिप्त पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी भी की जाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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