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‘हराम हैं शॉपिंग मॉल, क्योंकि औरतें जाती हैं ब्यूटी पॉर्लर, मर्दों के साथ घूमती हैं’: केरल के इस्लामी स्कॉलर का ‘ज्ञान’

इससे पहले एक अन्य इस्लामी स्कॉलर सिराजुल इस्लाम ने इत्र (सेंट) का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को व्यभिचारी कहा था। उनके अनुसार परफ्यूम दूसरों को आकर्षित करने के लिए लगाया जाता है।

केरल के इस्लामी स्कॉलर हुसैन सलाफ़ी ने मुस्लिमों के लिए शॉपिंग मॉल को हराम बताया है। हुसैन के मुताबिक अल्लाह को शॉपिंग मॉल पसंद नहीं है। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा है कि मॉल में मर्द और औरत एक साथ घूमते-टहलते हैं जो कि अल्लाह को बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता। उन्होंने मुस्लिमों से मॉल का बहिष्कार करने की अपील की है।

जनम TV (Janam TV) की रिपोर्ट के अनुसार हुसैन सलाफी ने कहा है कि मॉल में औरतें ब्यूटी पार्लर में भी जाती हैं। वहाँ वो तरह-तरह के कपड़ों में आए अलग-अलग संस्कृतियों के लोगों को देखती हैं। वे सब ‘शैतान के बच्चे’ हैं। मॉल में जाने वाले मुस्लिम पूरी कौम की इज्जत खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अल्लाह का सबसे पसंदीदा स्थान मस्जिद है।

सलाफी का कहना है कि मॉल में घूमने वाली औरतों की नजर दूसरे मर्दों पर पड़ती है। दूसरे मर्दों को देखने वाली औरतें इस्लाम की छवि धूमिल करती हैं। इस वजह से मुस्लिमों को मॉल से दूर रहना चाहिए।

इससे पहले एक अन्य इस्लामिक स्कॉलर सिराजुल इस्लाम ने इत्र (सेंट) का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को व्यभिचारी कहा था। उनके अनुसार परफ्यूम दूसरों को आकर्षित करने के लिए लगाया जाता है। हाल में केरल के मौलाना ईपी अबूबकर कासमी का बयान भी बहुत वायरल हुआ था। इसमें मौलाना ने कहा था कि जन्नत में ‘बड़े-बड़े स्तनों वाली महिलाएँ’ मिलती हैं। मौलाना के मुताबिक हूरों को पेशाब-शौच नहीं लगती। साथ ही कहा था कि जन्नत में अल्लाह ने शराब की एक नदी बना रखी है, जिसमें वहाँ रहने वालों को तैरने की पूरी अनुमति है। वहाँ पर शराब पीने पर कोई रोकटोक नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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