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केरल में भी दिल्ली सा हाल: सड़क पर उतरे हजारों मजदूरों ने कहा- घर जाना है, 3 दिन से भूखे हैं

केरल कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में दूसरे नंबर पर है। यहाँ पर संक्रमित मरीजों की संख्या 174 है। ऐसे में हजारों लोगों के सड़क पर उतरने के कारण हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रवासी मजदूर मूल रूप से पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।

कोरोना वायरस संकट के बीच लॉकडाउन के चलते केंद्र और राज्य सरकारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवासी मजदूरों का पलायन और कोरोना वायरस को फैलने से रोकना इस समय सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। देश भर से ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं जिसमें देखा जा सकता है कि प्रवासी मजदूर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला केरल के कोट्टयम जिले से सामने आया है। यहाँ सैंकड़ों की संख्या में उत्तर भारत के प्रवासी मजदूर सड़क पर धरना दे रहे हैं। मजदूरों की माँग है कि सरकार उन्हें उनके घर भेजने का पुख्ता इंतजाम करे।

पत्रकार पद्मजा जोशी के मुताबिक यहाँ के प्रवासी मजदूर पिछले 2-3 दिनों से भूखे हैं। उन्हें पिछले 2-3 दिनों से खाना नहीं मिल रहा है। ये मजदूर मूल रूप से पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। यह दिल्ली के बाद दूसरा राज्य है जहाँ राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर एकत्रित हुए हैं। 

जानकारी के मुताबिक केरल के प्रवासी मजदूर दिल्ली सरकार द्वारा राज्य के प्रवासी मजदूरों के लिए बसों की व्यवस्था करते हुए देखने के बाद यहाँ पर एकत्रित हुए। बताया जा रहा है कि दिल्ली सरकार ने प्रवासी मजदूरों को बसों से सीमा के पास ले जाती है और फिर वहाँ उन्हें उनके हाल पर छोड़ देती है। इसके बाद इनमें से अधिकांश मजदूर सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने गाँवों की तरफ पैदल ही निकल पड़े। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब केरल के प्रवासी मजदूर भी अपने गाँवों की तरफ पैदल ही जाने का फैसला किया है।

बता दें कि देश भर में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है और अगर स्थितियाँ इसी तरह बनीं रहीं, लॉकडाउन का पालन नहीं हुआ तो परिणाम और भी गंभीर होने की आशंका है। केरल कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित होने वाला दूसरा राज्य है। यहाँ पर कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 174 है। वहीं सबसे अधिक कोरोना के केस महाराष्ट्र से सामने आए हैं। यहाँ पर कोरोना मरीजों की संख्या 183 है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (मार्च 24, 2020) को देशभर में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की। लॉकडाउन का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से घरों में ही रहने की अपील की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि इस खतरनाक वायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं खोजा गया है। इसलिए लॉकडाउन और एक-दूसरे से दूरी ही इससे बचाव का उपाय है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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