Wednesday, July 24, 2024
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लखीमपुर खीरी हिंसा: 14 आरोपित, 5000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल; बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या मामले में 3 ‘किसान’ गिरफ्तार

चार्जशीट में केंद्रीय मंत्री टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के साथ ही उनके साले वीरेंद्र शुक्ला का भी नाम जोड़ा गया है। शुक्ला ब्लॉक प्रमुख हैं। उन पर पुलिस को झूठी सूचना देने और सबूत मिटाने के आरोप हैं।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिले के तिकुनिया (Tikunia Violence) में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा के मामले में सोमवार (3 जनवरी 2022) को एसआईटी (SIT) ने CJM कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। एसआईटी ने 5,000 पन्ने की चार्जशीट में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपित बताया है। लखीमपुर हिंसा मामले में पहले 13 अभियुक्त आरोपित बनाए गए थे, जो बढ़कर अब 14 हो गए हैं।

चार्जशीट में केंद्रीय मंत्री टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के साथ ही उनके साले वीरेंद्र शुक्ला का भी नाम जोड़ा गया है। शुक्ला ब्लॉक प्रमुख हैं। उन पर पुलिस को झूठी सूचना देने और सबूत मिटाने के आरोप हैं। घटना के दिन काफिले में वीरेंद्र शुक्ल की स्कॉर्पियो गाड़ी भी शामिल थी, जिसे संपूर्णानगर से पुलिस ने बरामद की थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि यह क्राइम किसी लापरवाही का नतीजा नहीं, बल्कि जानबूझकर, साजिशन और जान लेने की नीयत से किया गया अपराध है। इस खुलासे के बाद सभी आरोपितों पर गैर-इरादतन हत्या की बजाय हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसआईटी ने अब सभी आरोपितों पर 307, 326, 302, 34,120बी, 147, 148, 149 के तहत मामला दर्ज किया है। इससे पहले लखीमपुर कांड के गुनहगारों पर आईपीसी की धारा 279, 338, 304ए के तहत कार्रवाई की जा रही थी।

वहीं, लखीमपुर खीरी में दो बीजेपी कार्यकर्ताओं की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में एसआईटी ने अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए दो ‘किसानों’ को गिरफ्तार किया है। एसआईटी ने इसकी सूचना देते हुए बताया कि लखीमपुर खीरी से दो किसान कमलजीत सिंह (उम्र 29) और कंवलजीत सिंह सोनू (उम्र 35) को गिरफ्तार किया गया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, गुरप्रीत सिंह (उम्र 22) नाम के एक अन्य किसान को भी एसआईटी ने लिंचिंग मामले में गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को हुई इस घटना में चार किसानों व एक स्थानीय पत्रकार समेत आठ लोगों की हत्या हुई थी। आशीष मिश्रा व उसके साथियों पर आरोप है कि वह फायरिंग करते हुए किसानों को अपनी गाड़ी से रौंदते हुए निकल गया। इस घटना में चार की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद 4 अक्टूबर को तिकुनिया थाने में आशीष मिश्रा समेत कई अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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