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कमलनाथ के राज में भूखमरी से 7 साल के मासूम ने तोड़ा दम, परिवार के अन्य 5 सदस्यों की हालत गंभीर

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि जाँच के दौरान इनके घर में खाने के लिए कोई अनाज आदि नहीं मिला। टीम में शामिल सुपरवाइजर संजय कौशल ने कहा कि इनके घर में राशन का कोई भी सामान नहीं था और तीन दिन पुरानी सूख चुकी कटी हुई भिंडी मिली थी।

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार में 7 साल के एक मासूम बच्चे की भुखमरी से मौत हो गई। घटना जिले के सेंधवा ब्‍लॉक की है, जहाँ एक परिवार के 6 सदस्यों की अचानक से तबीयत खराब हो गई, जिन्हें इलाज के लिए सेंधवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 7 साल के अर्जुन की मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों की भी हालत गंभीर बनी हुई है।

दरअसल उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम इनके घर पहुँची थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि जाँच के दौरान इनके घर में खाने के लिए कोई अनाज आदि नहीं मिला। टीम में शामिल सुपरवाइजर संजय कौशल ने कहा कि इनके घर में राशन का कोई भी सामान नहीं था और तीन दिन पुरानी सूख चुकी कटी हुई भिंडी मिली थी। संजय कौशल ने कहा कि उन्हें लगता है कि भुखमरी के कारण मासूम की जान गई है।

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अचानक तबीयत खराब होने पर परिजनों का भी कहना था कि कई दिन से भूखा रहने के कारण उनकी ये हालत हुई है। बता दें कि रतन (अर्जुन के पिता) की आर्थिक हालत बेहद ही खराब है। रतन मजदूरी करके किसी तरह से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इसके साथ ही रतन और उसके परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने की बात भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक रतन का राशन कार्ड नहीं होने से उसे राशन भी उचित मूल्य पर नहीं मिलता है।

सेंधवा की एसडीएम अंशु जावला ने भी कहा कि शुरुआती जाँच में ऐसा लग रहा है कि पीड़ित परिवार का कई दिनों से भूखा रहने के स्वास्थ्य खराब हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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