Homeदेश-समाजलोगों को पिछले 10-15 सालों से थूक वाली रोटियाँ खिला रहा था नौशाद: पूरे...

लोगों को पिछले 10-15 सालों से थूक वाली रोटियाँ खिला रहा था नौशाद: पूरे गिरोह के सक्रीय होने का संदेह, जाँच में जुटी पुलिस

नौशाद का वीडियो वायरल होने के बाद महामारी एक्ट के तहत उसे दबोचकर 14 दिनों की रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में थूक कर रोटी बनाए जाने के वीडियो वायरल होने के बाद पकड़े गए नौशाद ने खुलासा किया है कि वो पिछले 10-15 वर्षों से विभिन्न शादी समारोहों में इस तरह की हरकत कर रहा था। थाने का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने बताया है कि वो 10-15 सालों से रोटी बना रहा है और उतने ही समय से रोटियों पर थूक भी लगा रहा है। पुलिस अब आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

पुलिस उक्त वीडियो के बारे में और अधिक जानकारी जुटा रही है। 16 फरवरी को आयोजित शादी समारोह में समर गार्डन लिसाड़ीगेट निवासी नौशाद का वीडियो वायरल होने के बाद महामारी एक्ट के तहत उसे दबोचकर 14 दिनों की रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। नौशाद के साथ शादी समारोह में लगे ठेकेदारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। वो शहर की कई मंडपों और शादियों में खाना बना चुका है।

साथ ही, नौशाद अलग-अलग ठेकेदारों के साथ इस तरह के कार्यक्रमों में जाता था। मोहम्मद नौशाद से जुड़े अन्य लोगों के साथ भी पूछताछ की जाएगी। नौशाद के मोबाइल की कॉल डिटेल्स भी जुटाई गई है। पुलिस उससे जुड़े लोगों को पकड़ कर पूछताछ करेगी क्योंकि उसे संदेह है कि शहर में इस तरह का पूरा का पूरा गैंग कार्य कर रहा हो सकता है। सबसे पहले उसे ले जाने वाले ठेकेदारों से पूछताछ होगी।

बता दें कि मेरठ में थूक लगा कर रोटी बनाने के मामले में गिरफ्तार नौशाद के पिता का नाम अख्तर है। हिरासत में लेकर जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि इस वीडियो में दिख रहा शख्स वही है और उसने ही इस तरह की हरकत की है। इस मामले में ‘हिन्दू जागरण मंच’ के सचिन सिरोही ने हाजा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी का भी जिक्र किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या सरकार सच में CJP प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ले सकती है? जानिए कानून क्या कहता...

कानून के शासन से चलने वाले एक कामकाज करने वाले लोकतंत्र के लिए यह जरूरी है कि जो लोग कानून तोड़ते हैं, चाहे वे प्रदर्शनकारी हों या आम नागरिक, उन्हें अपने कामों का नतीजा भुगतना पड़े।

भारत का रुपया 6 साल में पहली बार हुआ ‘अंडरवैल्यूड’, इंटरनेशनल मार्केट में होगा फायदा: जानिए क्यों आती है ऐसी स्थिति, कैसे चीनी युआन...

भारतीय रुपए के मूल्य में गिरावट से निर्यात को फायदा होगा, व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलेगी। आरबीआई गर्वनर ने भी अवमूल्यन की बात मानी है।
- विज्ञापन -