Homeदेश-समाजदुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया का निधन, करीब 200 सदस्यों के परिवार...

दुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया का निधन, करीब 200 सदस्यों के परिवार में 38 पत्नियाँ और 89 बच्चे

पेशे से बढ़ई जिओना चाना का परिवार 100 कमरों वाले चार मंजिला मकान में रहता है। यह फैमिली जिस घर में रहती है, उसका नाम छौन थर रन (न्यू जेनरेशन होम) है। यह आत्मनिर्भर है।

मिजोरम निवासी 38 पत्नियों और 89 बच्चों के साथ दुनिया के सबसे बड़े परिवार के रूप में विख्यात मुखिया जिओना चाना का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके निधन की सूचना सीएम जोरमथांगा ने सोशल मीडिया पर दी। मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, “मिजोरम और बकटावंग तलंगनुम में उनका गाँव उनके परिवार के कारण राज्य में एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण बन गया था।”

रिपोर्ट के अनुसार, पेशे से बढ़ई जिओना चाना का परिवार 100 कमरों वाले चार मंजिला मकान में रहता है। यह फैमिली जिस घर में रहती है, उसका नाम छौन थर रन (न्यू जेनरेशन होम) है। यह आत्मनिर्भर है। अधिकांश सदस्य किसी ना किसी व्यापार में लगे हुए हैं।

उनके परिवार में करीब 200 लोग हैं। जिओना चाना का परिवार 14 बहुओं और 33 पोते-पोतियों और एक नन्हा प्रपौत्र के साथ बड़े प्यार से रहते थे। इस परिवार के बारे में बताया जाता है कि चाना की सबसे बड़ी पत्नी घर के सभी सदस्यों के काम का बँटवारा करती हैं। वह सभी के काम पर नजर भी रखती हैं।

बता दें कि चाना का जन्म 21 जुलाई 1945 को हुआ था। वह चाना पावल नाम के समुदाय के प्रमुख थे। इसे उनके पिता ने स्थापित किया था। इस संप्रदाय में कई शादियों की परंपरा है। चाना की इतनी पत्नियों की यही वजह है। इस परिवार का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परिवार को एक दिन के राशन में 45 किलो चावल, 25 किलो दाल, 20 किलो फल, 30 से 40 मुर्गे और 50 अंडों की जरूरत पड़ती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -