Homeदेश-समाज'नबी की शान में कुछ कहा तो काट देंगे जुबान': जहर उगलने के 28...

‘नबी की शान में कुछ कहा तो काट देंगे जुबान’: जहर उगलने के 28 दिन बाद गिरफ्तार हुआ राजस्थान का मुफ्ती नदीम

मुफ़्ती नदीम ने 3 जून 2022 को पुलिस के आगे ही भड़काऊ बयानबाजी करते हुए मरने और मारने की धमकी दी थी। इस धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। कन्हैया लाल की हत्या के बाद ये वीडियो फिर चर्चा में आया और बयान देने के 28 दिन बाद इसकी गिरफ्तारी हुई।

नूपुर शर्मा के विरोध में राजस्थान के बूँदी में जहरीली बयानबाजी करने वाले मुफ़्ती को आख़िरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित का नाम मुफ़्ती नदीम अख्तर है। मुफ़्ती नदीम ने 3 जून 2022 को पुलिस के आगे ही भड़काऊ बयानबाजी करते हुए मरने और मारने की धमकी दी थी। इस धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। मुफ़्ती की गिरफ्तारी 28 दिनों के बाद आज 1 जुलाई 2022 को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुफ़्ती नदीम अख्तर बूंदी का शहर काजी भी है। कन्हैया लाल की उदयपुर में हुई निर्मम हत्या के बाद मुफ़्ती नदीम का वीडियो सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा था और उसकी गिरफ्तारी की माँग की जा रही थी। आखिरकार सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने, भड़काऊ भाषण देने सहित कई धाराओं में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

बताया जा रहा है कि मुफ़्ती नदीम की गिरफ्तारी के बाद उसके समर्थन में थाने के बाहर नदीम समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया। एहतियातन थाने के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। गिरफ्तारी बूंदी कोतवाली पुलिस द्वारा की गई है। मुफ़्ती नदीम के साथ उसके एक साथी मोहम्मद आलम को भी गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि 3 जून को मुफ़्ती नदीम ने बूंदी के DM ऑफिस पर नूपुर शर्मा खिलाफ ज्ञापन दिया था। इस दौरान उन्होंने राजस्थान पुलिस की मौजूदगी में कहा था, “हम अपने आका की शान में की गई गुस्ताखी का बदला लेना जानते हैं। मेरे नबी की शान में एक लफ्ज भी बोला तो याद रखो कि जुबान काट ली जाएगी। हाथ उठाओगे तो हाथ काट लिए जाएँगे। ऊँगली उठाओगे तो ऊँगली काट ली जाएगी। अगर निगाहें भी उठीं तो निकाल कर बाहर फेंक देंगे।” इस दौरान वहाँ मौजूद भीड़ बेशक-बेशक कह कर क़ाज़ी मुफ़्ती नदीम की बातों का समर्थन करती रही और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

PFI के ‘मिशन 2047’ में भारत सरकार को उखाड़ फेंकने का लक्ष्य, MP ATS की जाँच में चौंकाने वाले खुलासे: जानें- पाकिस्तानी हैंडलर कैसे...

मध्य प्रदेश के भोपाल से मोहम्मद फराज की गिरफ्तारी के बाद ATS जाँच में PFI के मिशन 2047, पाकिस्तान कनेक्शन, भर्ती और फंडिंग की पड़ताल तेज।

फादर्स डे पर ‘ट्रांस डैड’ की कहानी छापने वाले न्यूयॉर्क टाइम्स पर भड़के लोग: समझें- मुख्यधारा की संस्कृति में ट्रांसजेंडर एक्टिविज्म को कैसे बढ़ावा...

बेटी पूछती है, "डैड, आपके पास कितने समय तक ब्रेस्ट थे?" वो दूसरे बच्चे को जवाब देती है, "मेरे डैड ने दाढ़ी बढ़ाई थी और वह एक लड़की थे।"
- विज्ञापन -