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शफीक ने 17 साल के ईश्वर के सिर और हाथ हँसुए से काटे, बैग में भरकर किचन में छिपा रखी थी लाश: मुंबई की घटना, मृतक को ‘भाई’ मानती थी हत्यारे की बीवी

मुंबई पुलिस के अनुसार हँसुए से शफीक ने ईश्वर के शव के चार टुकड़े किए थे। सिर और हाथ को काट दिया था। उसके सिर पर हथौड़े से भी वार किया था। शरीर के टुकड़ों को बैग में भरकर ठिकाने लगाने के लिए रसोईघर में छिपा रखा था।

17 साल के ईश्वर मारवाड़ी की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस ने 32 साल के शफीफ अहमद अब्दुल मलिक शेख उर्फ शफी शेख को गिरफ्तार किया है। उसने 28 अगस्त को अपनी बीवी के ‘मुँहबोले भाई’ ईश्वर को हँसुए से काट डाला था। उसके शरीर के हिस्सों को बैग में भरकर ठिकाने लगाने के लिए घर के रसोईघर में छिपा रखा था।

मुंबई पुलिस डीसीपी हेमराज सिंह राजपूत के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि हँसुए से शफीक ने ईश्वर के शव के चार टुकड़े किए थे। सिर और हाथ को काट दिया था। उसके सिर पर हथौड़े से भी वार किया था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई हँसुआ और हथौड़ा भी बरामद कर लिया है। कुछ रिपोर्टों में लाश के 5 टुकड़े किए जाने की बात कही गई है। वहीं मृतक का नाम ईश्वर आव्हाड बताया गया है।

ऑटो ड्राइवर शफीक अपने परिवार के साथ मुंबई के चेंबूर के RCF थाना क्षेत्र में रहता है। उसे अपनी बीवी के साथ ईश्वर के अवैध संबंधों का शक था। ईश्वर की शफीक के ससुराल से काफी नजदीकियाँ थी। कहा जा रहा है कि बचपन से उसका पालन पोषण शफीक अहमद के ससुर ने ही किया था। इसके कारण शफीक की बीवी उसे अपना भाई मानती थी। लेकिन शफीक को शक था कि ईश्वर के उसकी बीवी से अवैध संबंध हैं। साथ ही अपनी साली के साथ भी ईश्वर के व्यवहार को लेकर वह सशंकित था।

सोमवार को ईश्वर को लेकर शफीक अपने फ्लैट पर गया। हत्या कर उसकी लाश के टुकड़े कर दिए। ईश्वर के अचानक गायब होने के बाद शफीक के ससुर ने पुलिस को सूचना दी। जाँच के दौरान पुलिस ने पाया कि ईश्वर अंतिम बार शफीफ के साथ देखा गया था। इसके बाद जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह कई बार ईश्वर को अपनी बीवी से दूर रहने की हिदायत दे चुका था। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। शफीक ने दोनों के बीच अफेयर होने का दावा किया है। पुलिस ने उसके खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने) के तहत केस दर्ज किया है। शफीक इससे पहले 2013 में जय नारायण कोली की हत्या और डकैती के मामले में गिरफ्तार हुआ था। वह कई सालों तक जेल में भी रहा था। हालाँकि उसका दावा है कि 2013 के हत्याकांड में उसकी बेगुनाही साबित हो चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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