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कॉलेज के भीतर हिजाब पहन नमाज पढ़ने लगी मुस्लिम छात्रा, वीडियो वायरल: मध्य प्रदेश के केंद्रीय यूनिवर्सिटी में जाँच का आदेश

बता दें कि स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर लेकर विवाद इस साल जनवरी के पहले सप्ताह में कर्नाटक से उठा था। मामला जब अदालत में पहुँचा तब कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 मार्च को क्लासरूम में हिजाब पहनने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

शैक्षिक संस्थानों में हिजाब और नमाज के नाम पर चिढ़ाने का काम जारी है। मध्य प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय (Hari Singh Gour Central University) में शुक्रवार (25 मार्च) को एक मुस्लिम छात्रा द्वारा नमाज पढ़ने को लेकर बवाल हो गया है। इसका वीडियो होने के बाद हिंदू संगठनों ने आपत्ति उठाई, जिसके बाद जाँच शुरू कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि मुस्लिम छात्रा हिजाब पहनकर शिक्षा विभाग में नमाज पढ़ रही थी। इसी दौरान किसी ने उसका वीडियो बना लिया। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में दिख रही छात्रा दमोह की रहने वाली बताई जा रही है और विश्वविद्यालय में B.Sc. अंतिम वर्ष की छात्रा है। कहा जाता है कि वह प्रतिदिन हिजाब पहनकर क्लासरूम में आती है।

इस घटना को लेकर हिंदू जागरण मंच ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रा द्वारा नमाज पढ़ा जाना आपत्तिजनक है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार संतोष सहगौरा ने घटना पर कहा कि वीडियो क्लिप के साथ इसकी शिकायत मिली है और पाँच सदस्यीय एक समिति बनाकर इसकी जाँच कराई जा रही है। यह समिति तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी के मीडिया ऑफिसर विवेक जायसवाल ने कहा कि 

उधर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यूनिवर्सिटी में कोई ड्रेस कोड नहीं है। विद्यार्थियों के लिए सिर्फ शालीन कपड़े पहनकर आने होते हैं। राज्य सरकार के गृहमंत्री गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पहले ही साफ कर चुके हैं कि प्रदेश में हिजाब को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है।  

बता दें कि स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर लेकर विवाद इस साल जनवरी के पहले सप्ताह में कर्नाटक से उठा था। मामला जब अदालत में पहुँचा तब कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 मार्च को क्लासरूम में हिजाब पहनने की अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि इस्लाम की धार्मिक परंपरा में हिजाब जरूरी नहीं है। वहीं, हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने भी इनकार कर दिया था। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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