Homeदेश-समाजछात्रों के ललाट पर स्वागत का तिलक देख भड़के मुस्लिम अभिभावक, पुलिस चौकी पहुँच...

छात्रों के ललाट पर स्वागत का तिलक देख भड़के मुस्लिम अभिभावक, पुलिस चौकी पहुँच किया हंगामा: प्रिंसिपल को माँगनी पड़ी माफ़ी, करना पड़ा भविष्य में ऐसा न होने का वादा

प्रिंसिपल की सफाई के बावजूद मुस्लिम छात्रों के अम्मी-अब्बा संतुष्ट नहीं हुए। वो कार्रवाई किए जाने की माँग पर अड़े रहे। आखिरकार प्रिंसिपल रणवीर सिंह ने भविष्य में मुस्लिम छात्रों को तिलक न लगाने का वादा किया।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक स्कूल के अंदर मुस्लिम छात्रों को तिलक लगाने को ले कर विवाद खड़ा हो गया है। मुस्लिम बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल पहुँच कर हंगामा किया। मामला पुलिस तक भी पहुँच गया। आखिरकार स्कूल के प्रिंसिपल को सफाई देने के साथ माफ़ी भी माँगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि स्कूल का किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। घटना सोमवार (1 जुलाई 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना मुज़फ्फरनगर के थानाक्षेत्र जानसठ की है। यहाँ के गाँव कवाल में राजकीय इंटर कॉलेज है जिसमें सभी धर्म व मज़हब के बच्चे पढ़ते हैं। गर्मियों की छुट्टियाँ खत्म होने के बाद सोमवार (1 जुलाई) को कई छात्र स्कूल पहुँचे। इस दौरान प्रिंसिपल ने सभी छात्रों का स्वागत माथे पर तिलक लगा के करवाया। छुट्टी होने के बाद जब बच्चे अपने-अपने घरों को गए तो मुस्लिम छात्रों के अभिभावकों ने माथे पर तिलक लगने की वजह पूछी। बच्चों ने सारी बात बताई तो अभिभावक भड़क गए।

कई मुस्लिम अभिभावकों ने इस हरकत को अपनी मज़हबी भावनाएँ आहत करने वाली हरकत करार दे दिया। तमाम लोग मिल कर पुलिस चौकी कवाल पहुँच गए और प्रिंसिपल के खिलाफ FIR दर्ज करने की माँग करने लगे। प्रिंसिपल का नाम रणवीर सिंह है। पुलिस ने हालत देखते हुए सक्रियता बढ़ाई। नाराज लोगों को शाँत करवाने के बाद प्रिंसिपल को पुलिस चौकी बुलवाया गया। प्रिंसिपल ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने शासन के आदेश पर महीने भर की छुट्टी के बाद स्कूल लौटे छात्रों का तिलक लगा कर स्वागत किया था।

प्रिंसिपल की सफाई के बावजूद मुस्लिम छात्रों के अम्मी-अब्बा संतुष्ट नहीं हुए। वो कार्रवाई किए जाने की माँग पर अड़े रहे। आखिरकार प्रिंसिपल रणवीर सिंह ने भविष्य में मुस्लिम छात्रों को तिलक न लगाने का वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मकसद किसी की भी मजहबी भावनाओं को ठेस पहुँचना कतई नहीं था क्योंकि उनके लिए सभी छात्र एक समान हैं। काफी गहमागहमी के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर के मामले को शांत करवाया। बाद में सभी अपने-अपने घरों को लौट गए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

26 साल से जेल में बंद दारा सिंह होंगे रिहा: वकील का दावा, बताया- सुप्रीम कोर्ट ने 15 अगस्त तक जेल से छोड़ने का...

दारा सिंह के वकील एपी सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को 15 अगस्त 2026 तक उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।

‘मुस्लिम होने के कारण फँसा ताहिर हुसैन’ : दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के बाद बचाव में उतर गया था पूरा वामपंथी गैंग, पूछ...

आईबी के अंकित शर्मा की हत्या कभी भी कट्टरपंथियों और वामपंथियों के लिए चर्चा करने का विषय नहीं रही, उन्हें चिंता हमेशा ताहिर हुसैन की थी।
- विज्ञापन -