Sunday, July 14, 2024
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थर्ड क्लास ऑक्सीजन कॉन्स्ट्रेटर, ₹15 हजार में इम्पोर्ट कर ₹70000 में बेचता था: नवनीत कालरा की कुंडली ही काली

जब्त कॉन्संट्रेटर्स को क्वालिटी चेक के लिए लैब में भेजा गया था। जाँच रिपोर्ट से पता चला है कि ये मशीनें ढंग से काम नहीं कर रही थी और मरीज को केवल 38% ऑक्सीजन दे पाने में सक्षम थीं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जिस नवनीत कालरा को बतौर ‘दिल्ली का निर्माता’ सम्मानित किया था, उसके गोरखधंधे की परत दर परत खुल रही है। वह कोरोना काल में जिस ऑक्सीजन कॉन्स्ट्रेटर की कालाबाजारी कर रहा था वह थर्ड क्लास की थी। लैब टेस्ट से पता चला है कि कालरा द्वारा मनमानी (₹15 हजार में खरीद ₹70 हजार में बेचे) कीमत पर बेचे जा रहे कॉन्संट्रेटर मरीजों को सिर्फ 38% ही ऑक्सीजन देने में सक्षम थे।

इंडिया टीवी ने एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में बताया है कि कालरा द्वारा बेचे जा रहे ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर की क्वालिटी को लेकर लैब की जाँच रिपोर्ट उनके पास है। ये रिपोर्ट कहती है कि उनसे सिर्फ 38% ही ऑक्सीजन मिलती। वहीं हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट में भी इस बात का उल्लेख है। इसके मुताबिक लैब की रिपोर्ट देखने के बाद पुलिस ने कालरा के ख़िलाफ़ आईपीसी की एक और धारा बढ़ा दी है।

उल्लेखनीय है कि कालरा के कारनामों का चिट्ठा खुलने के बाद कई लोगों ने शिकायत की थी कि कालरा से खरीदे गए कॉन्संट्रेटर काम नहीं कर रहे। इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में आरोपित से पूछताछ की। साथ ही जब्त किए गए कॉन्संट्रेटर्स को क्वालिटी चेक के लिए लैब भेजा। रिपोर्ट आई तो पता चला कि सच में ये मशीनें ढंग से काम नहीं कर रही थी और मरीज को केवल 38% ऑक्सीजन दे पाने में सक्षम थीं।

अब लैब की यह रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के पास है। पुलिस उन सभी के बयान दर्ज कर रही है जिन्होंने कालरा से कॉन्संट्रेटर खरीदा। रिपोर्ट में लिखा है कि नवनीत कालरा के खान चाचा, टाउन हॉल, नेगे जु रेस्तरां के अलावा छतरपुर फार्म से जो ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर बरामद हुए थे उनमें से कुछ की जाँच में यह पता चला कि वे ठीक से काम नहीं कर रहे थे।

जाँच टीम का इस मसले पर कहना है कि जान बचाने के लिए जिस कॉन्संट्रेटर को लोगों ने खरीदा था, वे मरीजो के लिए उतने असरदार नहीं थे। ऐसे में इसका इस्तेमाल करना मरीजों के लिए घातक भी हो सकता था।

बता दें कि दिल्ली में खान मार्केट स्थित खान चाचा रेस्टोरेंट के अलावा कई अन्य रेस्टोरेंट से ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर की कालाबाजारी करने के मामले में मुख्य आरोपित नवनीत कालरा को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रविवार (मई 16, 2021) देर रात गिरफ्तार किया था। नवनीत कालरा गुरुग्राम में अपने साले के फॉर्महाउस में छिपा हुआ था। नवनीत के रेस्टोरेंट और फॉर्महाउस से दिल्ली पुलिस ने 524 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर बरामद किए थे।

इसके बाद शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली में ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर की जमाखोरी और कालाबाजारी के आरोप में कालरा और साथियों के कई परिसरों में छापेमारी की। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में कालरा के घर और मैट्रिक्स सेल्युलर के ऑफिस समेत नौ जगहों पर छापेमारी की जा रही है। ईडी ने कालरा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ईडी ने बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईसीआईआर फाइल की गई है। दिल्ली की एक अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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