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अंबानी के घर के बाहर मिले विस्फोटक केस की जाँच पहुँची NIA के हाथ, हिरेन की ‘मौत’ के बाद मुंबई पुलिस की जाँच पर उठे सवाल

मुंबई पुलिस की जाँच से असंतुष्ट होकर पहले इस केस को एंटी टेररिज्म स्क्वॉड को सौंपा गया और अब खबर है कि इसे एटीएस से लेकर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया है। अब NIA इस केस को दर्ज कर जाँच में जुटेगी। वह मनसुख हिरेन की मृत्यु की भी जाँच करेंगे।

दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक मिलने के बाद जो हड़कंप मचा उसने सबके मन में सवाल खड़े कर दिए। मुंबई पुलिस की जाँच से असंतुष्ट होकर पहले इस केस को एंटी टेररिज्म स्क्वॉड को सौंपा गया और अब खबर है कि इसे एटीएस से लेकर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया है। अब NIA इस केस को दर्ज कर जाँच में जुटेगी। वह मनसुख हिरेन की मृत्यु की भी जाँच करेंगे।

बता दें कि इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने मनसुख हिरेन का शव मिलने के बाद पूरे केस को हत्या का मामला कहा था। साथ ही मुंबई पुलिस जाँच पर भी सवाल उठाए थे। इन आरोपों के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि महाराष्ट्र सरकार की छवि के लिए आवश्यक है कि इस मौत के राज से पर्दा उठे।

उल्लेखनीय है कि 5 मार्च को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटकों से भरी मिली कार के मालिक मनसुख हिरेन का शव मिलने की बात सामने आई थी। मुकेश अंबानी के घर के बाहर खड़ी एसयूवी के मालिक मनसुख को लेकर पहले कहा गया कि उन्होंने कलवा ब्रिज से कूदकर सुसाइड कर लिया।

हालाँकि, मनसुख की पत्नी ने सुसाइड की बात को पूर्ण रूप से नकारा। उन्होंने कहा कि उनके पति को क्राइम ब्रांच के किसी अधिकारी तावड़े का फोन आया था। उससे मिलने के लिए ही वे घर से निकले थे।

इन सबके अलावा ये भी पता चला था कि मनसुख हिरेन ने मौत से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था। उन्होंने इस पत्र में कहा था कि पीड़ित होने के बावजूद उनके साथ आरोपित की तरह व्यवहार किया जा रहा है। इसमें उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ एक पत्रकार का नाम भी लिया था। उन्होंने कहा कि कि उनसे हिरासत में भी पूछताछ की गई, जिससे उनकी मानसिक प्रताड़ना हो रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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