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कादिर को पकड़ने पहुँची पुलिस पर भीड़ ने किया हमला, पत्थरबाजी के बाद ताबड़तोड़ गोली चलाई: कॉन्स्टेबल सौरभ की हत्या, बाकियों ने भागकर बचाई जान

पुलिस कादिर को हिरासत में लेकर जब लौटने लगी तो कुछ ही दूर पर कादिर के साथी खेत में बैठे थे। गाड़ी देखते ही उन्होंने पथराव कर दिया। इस दौरान गोली चली जो सीधे पुलिसकर्मी सौरभ के माथे पर लगी।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रविवार (26 मई 2025) को कादिर नाम के एक वांटेड को पकड़ने गई पुलिस पर भीड़ ने पत्थरबाजी कर दी और ताबड़तोड़ गोलियाँ भी चलाईं। इस घटना में गोली लगने से एक कॉन्स्टेबल की मौत भी हो गई। कॉन्स्टेबल का नाम सौरभ था। उन्होंने कुछ समय पहले ही पुलिस विभाग ज्वाइन किया था।

नोएडा की क्राइम ब्रांच और फेस तृतीय थाना पुलिस मसूरी ने नहाल गाँव में वांटेड बदमाश कादिर को पकड़ने के लिए छापा मारा था और आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया था। जब पुलिस कादिर को लेकर जाने लगी तभी खेत के पास छिपे कादिर के कुछ परिजनों और साथियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई। मगर, सौरभ इसका शिकार हो गए।

इसमें गौतमबुद्धनगर के थाना फेस-3 में तैनात एक सिपाही सौरभ देशवाल के सिर में गोली लग गई। पुलिस उसे यशोदा हॉस्पिटल लेकर पहुँची, जहाँ जाँच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार इस हमल में सौरभ के अलावा कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। वहीं अन्य ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई।

घटना की सूचना मिलने के बाद जब भारी संख्या में पुलिस बल वहाँ पहुँचा, तो आरोपित कादिर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले को लेकर नोएडा के एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, अन्य आरोपितों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुछ जगह दावे हो रहे हैं कि हिस्ट्रीशीटर कादिर पर 23 साल की उम्र में 24 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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