Thursday, July 25, 2024
Homeदेश-समाज‘0011’ व्हाट्सएप ग्रुप में बना था बजरंग दल पर हमले और नूहं के साइबर...

‘0011’ व्हाट्सएप ग्रुप में बना था बजरंग दल पर हमले और नूहं के साइबर थाने को उड़ाने का प्लान, मारस्टरमाइंड वसीम गिरफ्तार: बस को अगवा मारी थी दीवाल से टक्कर

3 दिनों की पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान नूहं हिंसा के आरोपित वसीम ने हिंसा में शामिल अपने साथियों के नाम के साथ 0011 नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप की भी जानकारी दी है।

हरियाणा के नूहं जिले में 31 जुलाई को हुई साम्प्रदायिक हिंसा के एक और आरोपित को पुलिस ने बुधवार (30 अगस्त 2023) को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित का नाम वसीम उर्फ़ टीटा है। वसीम पर आरोप है कि उसने नलहड़ मंदिर और साइबर थाने पर हमला करने वाली भीड़ का नेतृत्व किया था।

पेशे से भारी वाहन ड्राइवर पूछताछ में वसीम ने ‘0011’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप की भी जानकारी दी है जिसे बजरंग दल वालों पर हमले की तैयारी के लिए बनाया गया था। हमलावरों ने साइबर थाने को उड़ाने की भी साजिश रची थी। वसीम ने ही वह बस भी लूटी थी जिससे साइबर थाना पर अटैक किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वसीम उर्फ़ टीटा 31 जुलाई को हुई नूहं हिंसा के बाद से फरार चल रहा था। उसके अब्बा को लोग अफीमी नाम से जानते हैं। वसीम नूहं सदर थानाक्षेत्र के फ़िरोज़पुर नमक गाँव का रहने वाला है। हिंसा के दौरान वसीम पर झंडा चौक, अडबर चौक, नल्हड़ मन्दिर रोड व थाना साइबर क्राइम नूहं में तोड़फोड़ करने के साथ लूटपाट, पुलिस फोर्स पर हमला और आगजनी जैसी वारदातों को अंजाम देने के आरोप लगे थे। 30 अगस्त को पुलिस को वसीम के चोरी-छिपे गाँव आने की सूचना मिली थी। पुलिस ने दबिश दे कर आरोपित को उसके गाँव से दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद वसीम को अदालत में पेश किया गया जहाँ से उसे 3 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि पूछताछ में वसीम ने हिंसा में शामिल अपने साथियों के नाम के साथ 0011 नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप की भी जानकारी दी है।

इस ग्रुप में कुल 60 लोग शामिल थे। एडमिन खुद वसीम था जिसने बृजमंडल यात्रा से 1 दिन पहले यानि 30 जुलाई से ही हिंसा की तैयारियाँ शुरू कर दी थीं। इन तैयारियों में बजरंग दल वालों के यात्रा में दिखने पर उन पर हमले का ऐलान और साइबर थाने को उड़ाने जैसी साजिशें शामिल थीं। 0011 के अलावा 20 अन्य व्हाट्सएप ग्रुप भी पुलिस के रडार पर हैं।

पुलिस की अब तक हुई जाँच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों की हरकत आवेश में नहीं बल्कि सोची समझी तैयारी के तहत थी। बता दें कि साइबर थाने को उड़ाने के लिए एक बस का भी इंतजाम किया गया था। इसी बस में अलग-अलग गाँवों से हमलावरों को जमा किया गया था।

ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान पीले रंग की यह बस उस समय भी थाने के पास खड़ी है। बस के साइड में अशोक और सामने शुभ लाभ के साथ ऊपर जय बाबा हरीदास की लिखा हुआ है। बस के सभी खिड़की-दरवाजे के काँच टूटे हुए मिले। हमारी ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान साइबर थाने की वो दीवाल भी टूटी दिखी थी जहाँ बस को भिड़ाया गया था। बताया जाता है कि मास्टरमाइंड वसीम ने ही साइबर थाना की दीवाल पर बस से टक्कर मारी थी। हालाँकि, हिंसा के बाद वह ट्रक ड्राइवर बनकर चेन्नई भाग गया था।

हमले में प्रयोग हुई बस

0011 व्हाट्सएप ग्रुप में एक हिट लिस्ट की भी चर्चा हुई थी जो हिंसा के दौरान साजिशकर्ताओं के प्रमुख टारगेट थे। इस लिस्ट में न सिर्फ हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता थे बल्कि उन जगहों का भी नाम था जहाँ भीड़ को तोड़फोड़ और आगजनी करनी थी। फिलहाल वसीम से हुई पूछताछ के आधार पर सामने आए अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस जुट गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘तुमलोग वापस भारत भागो’: कनाडा में अब सांसद को ही धमकी दे रहा खालिस्तानी पन्नू, हिन्दू मंदिर पर हमले का विरोध करने पर भड़का

आर्य ने कहा है कि हमारे कनाडाई चार्टर ऑफ राइट्स में दी गई स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल करते हुए खालिस्तानी कनाडा की धरती में जहर बोते हुए इसे गंदा कर रहे हैं।

मुजफ्फरनगर में नेम-प्लेट लगाने वाले आदेश के समर्थन में काँवड़िए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बोले – ‘हमारा तो धर्म भ्रष्ट हो गया...

एक कावँड़िए ने कहा कि अगर नेम-प्लेट होता तो कम से कम ये तो साफ हो जाता कि जो भोजन वो कर रहे हैं, वो शाका हारी है या माँसाहारी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -