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लुंगी पहन कर राजस्व दफ़्तर पहुँचा ग्रामीण तो अधिकारियों ने भगाया, कहा- तुम्हारी समस्या नहीं सुनेंगे

आखिर किसी ग्रामीण के लुंगी पहन कर फरियाद करने में क्या समस्या है? गाँव-देहात में बहुत लोगों के पास लुंगी आदि छोड़कर कुछ ख़ास होता भी नहीं पहनने को। ऐसे में डाँट कर किसी को लौटा देना कहाँ तक सही है?

बिहार के अररिया में नरपतगंज स्थित मधुरा दक्षिणी प्रखंड के अधिकारी को लुंगी पसंद नहीं आई। उक्त अधिकारी का नाम दिलीप करन है। दरअसल, हुआ यूँ कि एक ग्रामीण किसी कार्य से कचहरी पहुँचा लेकिन अधिकारी दिलीप उसे देख कर आग-बबूला हो गए। उनके गुस्से का कारण ये था कि वो ग्रामीण लुंगी में दफ्तर में घुस गया था। इसे लोग उनकी मनमानी बता कर आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने उस व्यक्ति की समस्या भी नहीं सुनी और उसे फटकार लगाई। इसके बाद उसे अपने कार्यालय से भगा भी दिया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि ‘कर्मचारी साहेब’ ने उक्त ग्रामीण से कहा– “हमारे कचहरी में आना हो तो लुंगी पहन कर मत आइए।” इसके बाद अपनी समस्या लेकर आया उक्त व्यक्ति वापस अपने घर लौट गया। इस बाबत सीओ निशांत कुमार को लिखित आवेदन दिया गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस घटना की जानकारी दी गई है। लोगों ने कर्मचारी के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई है।

पीड़िता का नाम रामस्वरूप महतो है। वह वह मधुरा दक्षिणी पंचायत के वार्ड संख्या 7 में स्थित कोसी कॉलोनी में रहता है। उसके पिता का नाम गणेश महतो है। वह बुधवार (नवंबर 20, 2019) को अपनी वंशावली सम्बंधित जानकारियाँ निकलवाने के लिए राजस्व कार्यालय गया। वहाँ कर्मचारियों के साथ-साथ कई ‘बाबू’ लोग भी मौजूद थे। पीड़ित की बस इतनी ही ग़लती थी कि वो लुंगी पहन कर वहाँ पहुँच गया था।

उसे लुंगी में देखते राजस्व कार्यालय के अधिकारियों ने फटकार लगाते हुए वापस जाने को कहा। अधिकारियों ने कहा कि वो कपड़े बदल कर आए, तब उसकी समस्या सुनी जाएगी। इस मामले को लेकर अभी तक सीओ की तरफ़ से कोई टिप्पणी नहीं आई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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