Sunday, July 21, 2024
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‘₹1 करोड़ दो वरना मार डालेंगे’: उमेश पाल ने हत्या से पहले अतीक अहमद के खिलाफ दर्ज कराई थी FIR, माफिया का आर्थिक साम्राज्य चलाने वाला नफीस धराया

इस FIR को भी जाँच एजेंसियाँ उमेश पाल की हत्या के तमाम पहलुओं में से एक मान कर चल रहीं हैं। अतीक से जेल में मिलने गए और हत्या की हरी झंडी लाए दोनों गुर्गों के नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि कत्ल से कुछ समय पहले माफिया अतीक अहमद ने उमेश पाल से 1 करोड़ रुपए की रंगदारी माँगी थी। यह रंगदारी एक जमीन की खरीदारी में माँगी गई थी। इसके अलावा एक प्लॉट पर मकान बनवाने की एवज में भी अतीक के भाई अशरफ ने उमेश से 20 लाख रुपए की रंगदारी की माँग की थी। उमेश ने इन दोनों मामलों में केस भी दर्ज करवाया था। उमेश पाल की हत्या की वजह में अब इस एंगल से भी जाँच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तब उमेश पाल ने अपनी शिकायत में बताया था कि अतीक और अशरफ उनसे रंगदारी की माँग कर रहे हैं। मामले में अतीक के खिलाफ FIR धूमनगंज और अशरफ के खिलाफ केस प्रयागराज के ही पूरामुफ्ती थाने में दर्ज हुआ था। 24 अगस्त 2022 को अतीक के खिलाफ दर्ज मामले में उनके 4 गुर्गों का भी जिक्र था। इन गुर्गों के नाम खालिद जफर, मोहम्मद मुस्लिम, दिलीप कुश्वाहा और अबूसाद हैं।

यह जमीन प्रयागराज के ही झलवा इलाके में थी। तब अतीक ने अपने गुर्गों से धमकी दिलवाते हुए पैसे न देने पर उमेश पाल की हत्या की बात कही थी। हालाँकि उमेश पाल ने बिना अतीक अहमद से डरे उस पर FIR दर्ज करवा दी। अतीक से गुजरात की साबरमती जेल में मिलने गए उसके 2 गुर्गों ने इसकी जानकारी पहुँचाई। अतीक ने इसे अपने आदेश की नाफरमानी माना। काह जा रहा है कि वहीं से उमेश पाल की हत्या का सिग्नल मिला।

इस FIR को भी जाँच एजेंसियाँ उमेश पाल की हत्या के तमाम पहलुओं में से एक मान कर चल रही हैं। अतीक से जेल में मिलने गए और हत्या की हरी झंडी लाए दोनों गुर्गों के नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

वहीं, अतीक के एक करीबी नफीस अहमद को STF ने हिरासत में लिया है। नफीस पर अतीक के आर्थिक साम्राज्य को चलाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि अतीक के शूटरों को नफीस पैसा पहुँचाता था। जाँच कर रही पुलिस ने नफीस के बैंक खातों की भी जानकारी मँगवाई है। पुलिस नफीस को उमेश पाल हत्याकांड का अहमद किरदार मान कर चली रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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